loader

भ्रष्टाचार में 10 साल जेल काटकर रिहा हुए अजय चौटाला

पूर्व सांसद अजय चौटाला को हरियाणा में शिक्षक भर्ती घोटाले में 10 साल की सजा काटने के बाद दिल्ली की तिहाड़ जेल से गुरुवार को रिहा कर दिया गया। अजय चौटाला और उनके पिता, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला, उन 55 लोगों में शामिल थे, जिन्हें अवैध तरीके से 3,000 से अधिक शिक्षकों की अवैध भर्ती में दोषी ठहराया गया था। अजय चौटाला और उनके पिता ओमप्रकाश चौटाला, जिन्होंने इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) का नेतृत्व किया, को हरियाणा में 1999-2000 में 3,000 से अधिक जूनियर बेसिक शिक्षक (जेबीटी) मामले में दस्तावेजों की जालसाजी करने का दोषी ठहराया गया था।
ताजा ख़बरें
तिहाड़ जेल के बाहर फूलों के गुलदस्ते लेकर आए समर्थकों ने अजय चौटाला का स्वागत किया। उन्होंने गले लगाया और उनसे हाथ मिलाया। उनके बेटे दुष्यंत चौटाला हरियाणा के उपमुख्यमंत्री हैं। दुष्यंत चौटाला जननायक जनता पार्टी, या जेजेपी के प्रमुख हैं, जिसे चौटाला परिवार में झगड़े के बाद 2018 में इनेलो से अलग गुट के रूप में बनाया गया था। 
Ajay Chautala released after spending 10 years in jail for corruption - Satya Hindi

केंद्रीय जांच ब्यूरो या सीबीआई ने जून 2008 में जेबीटी घोटाले में आरोपपत्र दायर किया था। उसने आईएएस अधिकारी संजीव कुमार, ओम प्रकाश चौटाला के पूर्व ओएसडी विद्याधर को अपनी चार्जशीट में नामित किया।हरियाणा विधानसभा चुनाव 2019 में बीजेपी को पूरा बहुमत नहीं मिला। 

देश से और खबरें
अजय चौटाला की पार्टी जेजेपी की ठीकठाक सीटें आ गई थीं। जेजेपी को ये वोट हरियाणा के मतदाताओं ने बीजेपी के खिलाफ दिया था। लेकिन एक दिन पहले तक बीजेपी, मोदी, अमित शाह का विरोध कर रहे दुष्यंत चौटाला ने बीजेपी से समझौता किया और इस तरह जेजेपी की मदद से बीजेपी ने 2019 में फिर से सरकार बना ली। सरकार गठित होने के बाद दुष्यंत चौटाला को हरियाणा का डिप्टी सीएम बनाया गया। दुष्यंत चौटाला इस समय तमाम तरह के विवादों में घिरे हुए हैं।
सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
क़मर वहीद नक़वी
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

देश से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें