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एससीओ बैठक में पाक ने लगाया विवादित नक्शा, भारत ने किया बहिष्कार

भारत-पाकिस्तान के कटुतापूर्ण रिश्तों और दोतरफा संबंधों की छाया शंघाई सहयोग परिषद की बैठक पर भी पड़ी है। पाकिस्तान यहाँ भी बाज नहीं आया और इस अंतरराष्ट्रीय मंच का प्रयोग भारत के ख़िलाफ़ करने की कोशिश की।
भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल शंघाई सहयोग परिषद यानी एससीओ के सदस्य देशों के सुरक्षा सलाहकारों की एक वर्चुअल बैठक से उठ कर चले गए। इसकी वजह यह है कि पाकिस्तानी प्रतिनिधि मोईद युसुफ़ ने अपने बैकग्राउंड में एक ऐसा नक्शा लगाया था, जिसमें निर्वतमान जूनागढ़ राज्य और सर क्रीक को पाकिस्तान के हिस्से के रूप में दिखाया गया था। इस नक्शे में जम्मू-कश्मीर को विवादित क्षेत्र भी बताया गया था।

भारत ने किया विरोध

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा, “शंघाई सहयोग परिषद के प्रमुख (रूस) की ओर से आयोजित राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक में पाकिस्तान ने एक फ़र्जी नक्शा को लगाया, जिसका प्रचार वह हाल के दिनों से ही कर रहा है।”
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उन्होंने कहा कि ऐसा करना मेजबान देश की ओर से जारी दिशा निर्देशों का खुल्लमखुल्ला उल्लंघ है, यह बैठक के तौर तरीकों के भी ख़िलाफ़ है।
मेजबान देश रूस ने भी पाकिस्‍तान को ऐसा नहीं करने को कहा। नेशनल सिक्‍योरिटी काउंसिल ऑफ़ रशियन फ़ेडरेशन के सचिव निकोलोई पतरुशेव ने कहा कि इसलामाबाद ने जो कुछ भी किया, रूस उसका समर्थन नहीं करता है। उन्‍होंने यह उम्‍मीद भी जताई कि पाकिस्‍तान के इस 'उकसाने वाले' कदम से एससीओ में भारत की भागीदारी पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

पाकिस्तान का अजीब दावा

दूसरी ओर, पाकिस्तान के सत्तारूढ़ दल पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने अपने यहाँ यह दावा किया है कि एससीओ ने भारत के नए राजनीतिक नक्शे को स्वीकार कर लिया और अजीत डोभाल की आपत्तियों को खारिज कर दिया है।
याद दिला दें कि बीते महीने पाकिस्तान सरकार ने देश का नया नक्शा जारी किया है। उसने इस नक्शे में कश्मीर को अपना इलाक़ा बताया है। इसके अलावा लद्दाख और सियाचिन को भी पाकिस्तान का हिस्सा बताया गया है।
पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने कहा था कि 'अब यह पाकिस्तान का आधिकारिक नक्शा होगा और इसे केंद्र सरकार की भी मंजूरी मिल गई है। क़ुरैशी ने कहा कि इस नक्शे को स्कूल, कॉलेजों और सरकारी इदारों में भेजा जाएगा। बताया गया है कि इस सियासी नक्शे को पाकिस्तान की सभी सियासी जमातों का समर्थन मिला है।' ज़ाहिर पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। 

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