राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने दिल्ली में अपनी तीन दिवसीय व्याख्यानमाला के समापन पर वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद और मथुरा में शाही ईदगाह के विवादित स्थलों को हिंदुओं को सौंपने की मांग का समर्थन किया। यह बयान धार्मिक और सामाजिक दृष्टिकोण से संवेदनशील माना जा रहा है और इसने एक बार फिर इन ऐतिहासिक विवादों को सुर्खियों में ला दिया है। इस बयान पर इसलिए भी ध्यान गया है, क्योंकि इस समय नेता विपक्ष राहुल गांधी की लोकप्रियता वोट चोरी आंदोलन की वजह से बढ़ी है। एक सर्वे में इसका जिक्र किया गया है कि अगर आज चुनाव हो जाए तो बीजेपी अपने दम पर बहुमत हासिल नहीं कर सकती। क्या यह सवाल बनता है कि बिहार, बंगाल और उसके बाद यूपी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मथुरा, काशी और संभल के मुद्दे को आरएसएस ने उभारा है।
RSS ने मथुरा, काशी मुद्दा फिर क्यों उठाया, स्वयंसेवकों को आंदोलन से जुड़ने का संदेश
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- 29 Aug, 2025
RSS Mathura Kashi Temples: आरएसएस सरसंघचालक मोहन भागवत ने वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद और मथुरा की शाही ईदगाह स्थल हिंदुओं को सौंपने की मांग का समर्थन किया। उनका कहना है कि संघ कार्यकर्ता इससे जुड़े आंदोलन में हिस्सा ले सकते हैं।
