दिल्ली के जंतर-मंतर इलाके में प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने नई दिल्ली जिले के आसपास 12 मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास गेट अगले आदेश तक बंद कर दिए हैं। इस कार्रवाई पर Cockroach Janta Party (CJP) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मेट्रो स्टेशन बंद करने से प्रदर्शनकारियों को रोका नहीं जा सकेगा।
दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “कितने मेट्रो स्टेशन बंद करेंगे? लोग पैदल आएंगे और दौड़कर भी आएंगे।” उनका बयान जंतर-मंतर के आसपास बढ़ाई गई सुरक्षा और मेट्रो सेवाओं पर लगाए गए प्रतिबंधों के बीच आया है।

सौरव दास का दूसरा बयान भी चर्चा में

मेट्रो स्टेशनों के बंद होने पर टिप्पणी के अलावा सौरव दास ने एक अन्य पोस्ट में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी तीखी राजनीतिक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि “ज्ञानेश कुमार का अंत एक तानाशाही शासन का अंत होगा” और लोगों के जीतने की बात कही। यह दास का राजनीतिक दावा है, जिसे स्वतंत्र तथ्य के रूप में नहीं बल्कि उनके बयान के रूप में देखा जाना चाहिए।

12 मेट्रो स्टेशनों के एंट्री-एग्जिट गेट बंद

DMRC के मुताबिक, सुरक्षा कारणों से जिन स्टेशनों के प्रवेश और निकास गेट बंद किए गए हैं, उनमें शामिल हैं:

-जनपथ

-पटेल चौक

-केंद्रीय सचिवालय

-राजीव चौक

-सेवा तीर्थ

-मंडी हाउस

-लोक कल्याण मार्ग

-आईएनए

-चावड़ी बाज़ार

-रामकृष्ण आश्रम मार्ग

-नई दिल्लीकेएल

-बाराखंभा रोड

इंटरचेंज की सुविधा जारी रहेगी

स्टेशनों के एंट्री और एग्जिट गेट बंद किए जाने के बावजूद कुछ प्रमुख स्टेशनों पर यात्रियों को इंटरचेंज की सुविधा मिलती रहेगी। इनमें राजीव चौक, मंडी हाउस, नई दिल्ली, बाराखंभा और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट शामिल हैं। यानी इन स्टेशनों पर यात्री एक मेट्रो लाइन से दूसरी लाइन में बदल सकेंगे, लेकिन सामान्य प्रवेश-निकास व्यवस्था प्रतिबंधित रहेगी।

जंतर-मंतर पर भारी सुरक्षा

प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए जंतर-मंतर और उसके आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इलाके में दिल्ली पुलिस के साथ रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवान और दंगा नियंत्रण वाहन तैनात किए गए हैं। जंतर-मंतर की ओर जाने वाली सड़कों पर बैरिकेड भी लगाए गए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, संभावित भीड़ को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय से अतिरिक्त सुरक्षा बल की मांग भी की गई है।