बालाकोट ने पाकिस्तान को भले न जीता, चुनाव ज़रूर जीता दिया। अब उसके वे तथ्य कबूल किये जा रहे हैं जिन्हें उस समय ज़िक्र भर करने पर देशद्रोही का तमगा मिल जाता था। वायुसेनाध्यक्ष ने ख़ुद स्वीकार किया कि हमने अपने ही मिसाइल से अपने मि-17 को ग़लती से मार गिराया था।
1984 से अमर उजाला, चौथी दुनिया, इंडिया टुडे, समय सूत्रधार, स्वतंत्र भारत, दैनिक जागरण आदि में 1993 तक लगातार रिपोर्टिंग की। इसके बाद पारिवारिक व्यवसाय में क़रीब दो दशक गुज़ारने के बाद पत्रकारिता में पुनर्वापसी को प्रयासरत। बीच में 2010-11 में 'समकाल' पाक्षिक समाचार पत्रिका का क़रीब एक वर्ष प्रकाशन किया ।






















