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सर्जिकल स्ट्राइक का राजनीतिकरण कर रहे मोदी व बीजेपी

विपक्ष लगातार प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी पर यह आरोप लगा रहा है कि वे पाकिस्तान में स्थित आतंकी ठिकानों पर बम गिराने (जिसे सरकार और न्यूज़ चैनलों ने सर्जिकल स्ट्राइक का नाम दिया) की घटना का राजनीतिकरण कर रहे हैं।
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दूसरी सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से ही सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक बीजेपी नेताओं में इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देने की होड़ लगी हुई है। देश के कई शहरों में बीजेपी नेताओं ने सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर पोस्टर लगाए हैं। ऐसा करके बीजेपी निश्चित तौर पर सर्जिकल स्ट्राइक का सियासी लाभ उठाने की कोशिश में है। 
यह होर्डिंग लगाया है उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने। मौर्य इससे पहले बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं। संगठन और सरकार का अनुभव रखने वाले वरिष्ठ नेता जब सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर इस तरह के होर्डिंग लगाएँगे तो कार्यकर्ता निश्चित रूप से अपने नेताओं को फ़ॉलो करेंगे और कार्यकर्ताओं ने भी उत्तर प्रदेश में कई जगहों पर होर्डिंग लगा दिए।
bjp is trying to politicise of surgical strike opposition slams - Satya Hindi
ये कुछ होर्डिंग हैं जो बीजेपी के नेताओं ने पहली और दूसरी सर्जिकल स्ट्राइक के बाद देश में कई जगहों पर लगाए थे। अधिकांश होर्डिंग्स में सर्जिकल स्ट्राइक का पूरा श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देने की कोशिश की गई है। 
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पंड्या, येदियुरप्पा के बेतुके बयान

सर्जिकल स्ट्राइक के बाद गुजरात बीजेपी के प्रवक्ता भरत पंड्या का बयान आया कि देश में इस समय राष्ट्रवाद की लहर चल रही है और इसे वोटों में तब्दील करने की ज़रूरत है। इसके बाद बयान आया कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ बीजेपी नेता बी. एस. येदियुरप्पा का। येदियुरप्पा ने कहा कि पाकिस्तान में आतंकी कैंपों पर भारत की ओर से किए गए हमले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पक्ष में लहर बनी है और इससे बीजेपी को आगामी लोकसभा चुनाव में राज्य की 28 में 22 सीटें जीतने में मदद मिलेगी।

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आख़िर क्यों दे रहे ऐसे बयान?

अब सवाल यह है कि बीजेपी नेता इस तरह के बयान क्यों दे रहे हैं। क्या उन्हें लगता है कि इस तरह के बयान देने से उनके पक्ष में मतों का ध्रुवीकरण होगा और लोकसभा चुनाव में उनकी नाव सियासी भंवर को पार कर सकेगी। इसके पीछे सीधा कारण यही है कि बीजेपी पहली बार हुई सर्जिकल स्ट्राइक को भुनाने में सफल रही थी।  

यूपी चुनाव में भुनाया था

आपको याद दिला दें कि उरी में हुए आतंकी हमले में 19 जवानों के शहीद होने के बाद भारत ने सितंबर 2016 में पीओके (पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर) में सर्जिकल स्ट्राइक की थी। उसके बाद हुए उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री मोदी, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और कई अन्य नेताओं ने सर्जिकल स्ट्राइक को अपनी अहम उपलब्धि बताते हुए वोट माँगे थे। तब बीजेपी को इसका ख़ासा फ़ायदा मिला था और उसे उत्तर प्रदेश में अकेले दम पर 312 सीटों पर जीत मिली थी।

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बीजेपी यूपी चुनाव की रणनीति पर ही काम कर रही है। लोकसभा चुनाव बेहद नज़दीक हैं और इस बार हुई सर्जिकल स्ट्राइक को भुनाकर पार्टी फिर से केंद्र में सरकार बनाना चाहती है। भरत पंड्या और येदियुरप्पा के बयानों से इसका पता चल चुका है। प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह भी चुनावी रैलियों में सर्जिकल स्ट्राइक का बखान कर चुके हैं। 

सर्जिकल स्ट्राइक पर माँग लिए वोट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सर्जिकल स्ट्राइक के दस घंटे बाद ही राजस्थान के चुरू की अपनी रैली में इसके नाम पर अपने लिए खुलकर वोट माँग लिए। इस रैली में मंच पर पुलवामा में शहीद हुए जवानों की फ़ोटो लगाई गई थी। रैली में मोदी ने लोगों से कहा, ‘आपने दिल्ली में एक मज़बूत सरकार बनाई है, जिसका दम आज दिख रहा है। आपका वोट बीजेपी को और अधिक मज़बूती देगा।’ 

चुरू में हुई रैली में प्रधानमंत्री मोदी ने अपने इरादे साफ़-साफ़ जता दिए कि नज़दीक आ चुके आम चुनाव में वह और उनकी पार्टी सर्जिकल स्ट्राइक को बड़े पैमाने पर भुनाएगी और उसके नाम पर वोट माँगेगी।
बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने भी कुछ दिन पहले कहा कि दूसरी सर्जिकल स्ट्राइक से यह पता चलता है कि भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मज़बूत और निर्णायक नेतृत्व में सुरक्षित है। 
अमित शाह चुनावी रैलियों में भी लगातार सर्जिकल स्ट्राइक का जिक़्र करते रहे हैं और इस आधार पर मोदी सरकार को वोट देने की अपील करते रहे हैं।

विपक्ष पर रहे हैं हमलावर 

प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर विपक्षी दलों पर हमला बोलते रहे हैं कि उनकी सरकारों में कभी इतना साहस ही नहीं हुआ कि वे पाकिस्तान के ख़िलाफ़ इतना बड़ा एक्शन ले सकें। बीजेपी इसी कोशिश में है कि विपक्ष को नीचा दिखाकर लोकसभा चुनाव में इसका राजनीतिक फ़ायदा लिया जा सके। 

उरी फ़िल्म को भुनाने की कोशिश

फ़िल्म 'उरी : द सर्जिकल स्ट्राइक', भी बहुत चतुराई से पीओके में हुई पहली सर्जिकल स्ट्राइक का श्रेय सिर्फ़ और सिर्फ़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देती दिखाई देती है। लोकसभा चुनाव के ठीक पहले इस तरह की फ़िल्म का आना बताता है कि इसका एक राजनीतिक मक़सद है। फ़िल्म ‘उरी’ का बीजेपी के नेताओं ने ख़ूब प्रमोशन किया था। प्रधानमंत्री मोदी ने कुछ सार्वजनिक कार्यक्रमों में ख़ुद इस फ़िल्म के डायलॉग ‘हाउ इज़ द जोश’ का उल्लेख किया था। 

बीजेपी नेताओं के बयानों को देखते हुए ही विपक्ष यह आरोप लगा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह व अन्य पार्टी नेता जवानों के पराक्रम पर राजनीति कर रहे हैं। हैरानी की बात है कि एक ओर प्रधानमंत्री और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह विपक्ष को यह नसीहत दे रहे हैं कि सैनिक कार्रवाई पर राजनीति नहीं होनी चाहिए लेकिन खु़द मोदी और शाह चुनावी रैलियों में सर्जिकल स्ट्राइक के नाम पर वोट माँग रहे हैं। 

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