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रक्षा मंत्रालय से जुड़ी जानकारियाँ ऑनलाइन क्यों नहीं कीं सीएजी ने?

कम्प्ट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल (सीएजी) का पद एक बार फिर विवादों में आ रहा है। शुक्रवार को रिटायर होने वाले सीएजी राजीव महर्षि ने कहा है कि उन्होंने रक्षा मंत्रालय से जुड़ी बातें ऑनलाइन नहीं कीं क्योंकि चीन, पाकिस्तान और अमेरिका के लोगों को बड़ी आसानी से इसका पता चल जाता।
महर्षि ने यह भी कहा है कि उन्होंने रक्षा मंत्रालय से जुड़ी जानकारी ऑडिट रिपोर्ट में शामिल की है, उसे संसद व लोक लेखा समिति (पीएसी) को दी है। ये लोग इसे देख सकते हैं। पर यह रिपोर्ट वाशिंगटन, इसलामाबाद या बीजिंग में बैठे लोग न देख सकें, इसलिए इसे ऑनलाइन नहीं किया गया है।
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महर्षि ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, 'हमारी रिपोर्ट आएगी तो उसमें हम ख़ामियाँ बताएंगे ही, लेकिन रक्षा से जुड़ी रिपोर्ट को वेबसाइट पर डालने का कोई मतलब नहीं है। दुनिया में सबको यह आसानी से उपलब्ध क्यों हो?' सीएजी ने कहा कि

'इसके पहले एक बार पाकिस्तान के साथ तनाव चल रहा था तो यह बात सामने आई थी कि सेना के पास हथियारों की कमी है, यदि ऐसा है भी तो यह दुश्मन को क्यों मालूम होनी चाहिए?'


राजीव महर्षि, पूर्व सीएजी

बता दें कि राजीव महर्षि को सितंबर 2017 में सीएजी नियुक्त किया गया। उनके पदभार ग्रहण करने के कुछ दिन  पहले ही रक्षा मंत्रालय की एक रिपोर्ट सार्वजनिक की गई थी। यह संसद में 28 जुलाई, 2017 को रखी गई थी। यह डिफेंस पेन्शन से जुड़ी रिपोर्ट थी।
इसके बाद फरवरी 2019 में सीएजी ने एक परफ़र्मेन्स ऑडिट रिपोर्ट दी थी। इसमें कहा गया था कि यूपीए सरकार ने जिस कीमत पर रफ़ाल लड़ाकू विमान खरीद का सौदा तय किया था, एनडीए ने उससे 2.86 प्रतिशत कम पर ही सौदा कर लिया था।
राजीव महर्षि कार्यकाल में रक्षा से जुड़ी 8 रिपोर्ट संसद में पेश हुईं, पर उन्हें सीएजी की वेबसाइट पर नहीं डाला गया। 

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