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सीबीएसई ने 10वीं अंग्रेजी परीक्षा के पेपर से 'महिला विरोधी' पैसेज हटाया

सीबीएसई ने 10वीं कक्षा की अंग्रेजी बोर्ड परीक्षा के पेपर से विवादास्पद कंप्रिहेंशन पैसेज यानी गद्यांश को हटा लिया है। सभी छात्रों को इससे जुड़े प्रश्नों के लिए पूरे अंक दिए जाएँगे। वह विवादास्पद कंप्रिहेंशन परिवारों, महिलाओं और बच्चों के अनुशासन को लेकर था।

यह विवादास्पद पैसेज शनिवार को कक्षा 10 के अंग्रेज़ी टर्म 1 बोर्ड परीक्षा के प्रश्न पत्रों के एक सेट में छपा था। तीन-पैराग्राफ के इस पैसेज की इसलिए आलोचना की जा रही थी कि यह महिलाओं के लिए 'पीछे धकेलने वाला' और 'आपत्तिजनक' था। सोनिया गांधी ने इस मुद्दे को आज ही संसद में उठाया था। इससे पहले राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी इस मुद्दे को उठा चुके हैं।

गद्यांश में लिखा था- 'महिलाओं की आज़ादी से बच्चों पर माता-पिता का अधिकार ख़त्म हो गया है'। इसी में एक जगह लिखा है- 'अपने पति के तौर-तरीक़े का पालन करके ही एक महिला अपने से छोटों से सम्मान पा सकती है'। ऐसे ही कई और विवादास्पद वाक्यों का इस्तेमाल किया गया है। 

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सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने उस गद्यांश को वापस लेने की मांग की थी। उस गद्दांश को महिला विरोधी बताते हुए सोनिया ने बोर्ड और शिक्षा मंत्रालय से इस प्रश्नपत्र को तत्काल वापस लेने और इस विषय पर माफी मांगने की मांग की थी। सोनिया ने गद्यांश का उल्लेख करते हुए अंग्रेजी में उसके दो वाक्यों को भी उद्धृत किया। उन्होंने कहा कि, "इसमें लिखा है- 'महिलाओं को स्वतंत्रता मिलना अनेक तरह की सामाजिक और पारिवारिक समस्याओं का प्रमुख कारण है और पत्नियां अपने पतियों की बात नहीं सुनती हैं जिसके कारण बच्चे और नौकर अनुशासनहीन होते हैं'।"

कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि पूरे गद्यांश में इसी तरह के निंदनीय विचार हैं और नीचे पूछे गए प्रश्न भी उतने ही संवेदनहीन हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने शिक्षा मंत्रालय से पाठ्यक्रम में लैंगिक समानता के मानकों की भी समीक्षा करने की मांग की। 

इससे पहले राहुल गांधी ने भी आरोप लगाया कि यह युवाओं की नैतिक शक्ति तथा भविष्य को कुचलने की आरएसएस एवं भाजपा की साजिश है।

राहुल ने ट्वीट किया, ‘सीबीएसई के ज्यादातर प्रश्नपत्र अब तक बहुत कठिन रहे हैं और अंग्रेजी के प्रश्नपत्र में गद्यांश पूरी तरह खराब है। यह युवाओं की नैतिक शक्ति और भविष्य को कुचलने का आरएसएस-भाजपा का षड्यंत्र है।’ उन्होंने बच्चों से कहा कि कड़ी मेहनत का फल मिलता है, कट्टरता से कुछ हासिल नहीं होता।

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दो दिन से हो रही ऐसी आलोचनाओं के बीच बोर्ड ने मामले को विषय विशेषज्ञों की एक समिति के पास भेज दिया था। सोमवार को इसने एक सर्कुलर जारी कर कहा कि उस आपत्तिजनक पैसेज को हटा दिया गया है।

बोर्ड के सर्कुलर में कहा गया है कि यह देखते हुए कि प्रश्न पत्र बोर्ड के दिशा-निर्देशों के अनुसार नहीं हैं, यह निर्णय लिया गया है कि प्रश्न के पैसेज नंबर 1 और उससे जुड़े प्रश्नों को छोड़ दिया जाए। इस पैसेज के लिए सभी संबंधित छात्रों को पूरे अंक दिए जाएंगे।

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