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फ़ाइल फोटो।

क्रूज ड्रग्स केस- समीर वानखेड़े के ख़िलाफ़ कार्रवाई के आदेश: रिपोर्ट

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सरकार से एनसीबी के पूर्व अधिकारी समीर वानखेड़े के ख़िलाफ़ जाँच शुरू करने को कहा है। यह जाँच का आदेश क्रूज ड्रग्स मामले की 'घटिया जांच' के लिए दिया गया है। इसी क्रूज ड्रग्स केस में शाहरुख खान के बेटे आर्यन को पिछले साल गिरफ्तार किया गया था। उनको तीन हफ़्ते तक जेल में बिताना पड़ा था। उसके बाद से हर रिपोर्ट यह इशारा करती रही थी कि उनके ख़िलाफ़ ग़लत ढंग से कार्रवाई की गई। और आज एनसीबी ने ही चार्जशीट में यह बात मान ली है। आर्यन को ड्रग्स मामले में आरोपी नहीं बनाया गया है।

इसके साथ ही समीर वानखेड़े के ख़िलाफ़ उनके कथित फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामले में भी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

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वानखेड़े भारतीय राजस्व सेवा के अधिकारी हैं और उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई करने के लिए वित्त मंत्रालय नोडल प्राधिकरण है। सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट आई है कि सरकार ने सक्षम प्राधिकारी से वानखेड़े की कथित घटिया जांच के लिए उचित कार्रवाई करने को कहा है। इससे पहले नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो यानी एनसीबी के महानिदेशक एस एन प्रधान ने भी आज दिन में ही प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर उस ड्रग्स मामले की जाँच करने वाली टीम पर ऐसी ही कार्रवाई की बात कही है। 

मुंबई टीम पर कार्रवाई होगी: एनसीबी डीजी

एनसीबी के महानिदेशक एस एन प्रधान ने कहा है कि आर्यन ख़ान को गिरफ्तार करने वाली मुंबई एनसीबी टीम के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा है कि टीम द्वारा की गई जांच में गंभीर अनियमितताएँ पाई गई हैं। उन्होंने साफ़ कहा है कि आर्यन के ख़िलाफ़ कोई पर्याप्त सबूत नहीं है। वह किसी अंतरराष्ट्रीय ड्रग कार्टेल का हिस्सा नहीं है और न ही उन्होंने कोई साजिश की। 

पिछले साल अक्टूबर में कॉर्डेलिया क्रूज ड्रग्स मामले में आर्यन ख़ान को क्लीन चिट देने के बाद शुक्रवार को प्रधान एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। प्रधान ने कहा है,

हमारी मुंबई एनसीबी टीम द्वारा की गई जांच को देखने के लिए गठित एसआईटी ने जांच में अनियमितता पाई। 20 आरोपियों में से छह को चार्जशीट नहीं किया गया क्योंकि उनके ख़िलाफ़ ठोस और परिस्थितिजन्य साक्ष्य नहीं मिले।


एस एन प्रधान, एनसीबी महानिदेशक

उन्होंने कहा कि बाक़ी के 14 आरोपियों के ख़िलाफ़ आरोप पत्र दाखिल किया गया। 

अंतरराष्ट्रीय संबंधों और साजिश के आरोपों का जवाब देते हुए प्रधान ने कहा, 'इस मामले में कोई अंतरराष्ट्रीय साजिश नहीं मिली है। आरोपी चार, तीन और दो लोगों के ग्रुप में आए थे। यह 14 लोगों द्वारा की गई संयुक्त साजिश नहीं थी और इसलिए साजिश की धारा नहीं जोड़ी गई है। हम केवल वाट्सऐप चैट पर साज़िश के आरोप को आधार नहीं बना सकते हैं।'

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बता दें कि आर्यन के ख़िलाफ़ जब एनसीबी ने ड्रग्स मामले में कार्रवाई की थी तब एजेंसी के मुंबई के ज़ोनल अधिकारी समीर वानखेड़े थे। उन्होंने टीवी चैनलों के सामने आकर आर्यन को लेकर बड़े-बड़े दावे किए थे। लेकिन इस मामले ने तब तूल पकड़ लिया जब एनसीबी कार्यालय में आर्यन के साथ ली गई एक सेल्फी सामने आई। 

उस सेल्फी लेने वाले का नाम किरण गोसावी है। गोसावी की आर्यन के साथ सेल्फी बहुत वायरल हुई थी और सवाल उठे थे कि आख़िर यह व्यक्ति कौन है। जब एनसीबी से गोसावी के बारे में पूछा गया तो एनसीबी ने साफ़ कर दिया था कि गोसावी एनसीबी का अधिकारी नहीं है। कॉर्डेलिया क्रूज पर छापेमारी में एनसीबी ने शाहरुख ख़ान के बेटे आर्यन ख़ान सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया था तो गोसावी आर्यन को पकड़कर एनसीबी दफ्तर ले जाता हुआ दिखाई दिया था।

ऐसे में यह सवाल उठा कि जब गोसावी एनसीबी का अधिकारी नहीं था तो फिर वह आर्यन को एस्कॉर्ट करते हुए एनसीबी के दफ्तर कैसे लेकर गया था। बाद में एनसीबी ने गोसावी को स्वतंत्र गवाह क़रार दिया था।

इस मामले में तब एक नया मोड़ आ गया था जब एक गवाह और खुद को केवी गोसावी का बॉडीगार्ड बताने वाले प्रभाकर सेल ने चौंकाने वाला खुलासा किया। सेल ने दावा किया था कि उसने '18 करोड़ के सौदे' की बात सुनी थी जिसमें से '8 करोड़ रुपये समीर वानखेड़े को दिए जाने' की बात कही जा रही थी। हालाँकि इन आरोपों को एनसीबी के अधिकारी समीर वानखेड़े ने खारिज किया था। 

इस पूरे मामले में महाराष्ट्र सरकार के मंत्री और एनसीपी नेता नवाब मलिक लगातार एनसीबी के ज़ोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े और बीजेपी पर हमलावर रहे। इस बीच समीर वानखेड़े के ख़िलाफ़ कई आरोप लगे। नवाब मलिक ने कई दस्तावेज पेश कर यह भी दावा किया कि नवाब मलिक ने नौकरी लेने के लिए जो जाति सर्टिफिकेट लगाया था वह फर्जी था। उन्होंने उनके जन्म तिथि को लेकर भी सवाल उठाए थे। उनसे जुड़े कई और मामले सामने आए। और वानखेड़े को आख़िरकार मुंबई से हटाकर दिल्ली कार्यालय में भेज दिया गया।

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