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चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान फ़ोटो क्रेडिट - @zlj517

पीएम मोदी के लेह दौरे पर चीन बोला- हालात न बिगाड़े कोई भी पक्ष

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शुक्रवार को लेह पहुंचने पर चीन ने प्रतिक्रिया दी है। ड्रैगन ने कहा है कि तनाव को कम करने के लिए भारत के साथ बातचीत जारी है। 

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने कहा, ‘भारत और चीन तनाव को कम करने के लिए सैन्य और कूटनीतिक रास्तों के जरिये बातचीत कर रहे हैं और इस वक्त में किसी भी पक्ष को ऐसा कुछ नहीं करना चाहिए जिससे हालात बिगड़ें।’ 

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चीन के साथ सीमा विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लेह पहुंचने से ऐसा लगता है कि ड्रैगन बौखला गया है। लेह में प्रधानमंत्री ने जवानों को संबोधित करते हुए कहा, ‘जब देश की रक्षा आपके हाथों में है, आपके मजबूत इरादों में है तो सिर्फ मुझे ही नहीं बल्कि पूरे देश को अटूट विश्वास है और देश निश्चिंत भी है।’ 

मोदी ने कहा कि भारत के दुश्मनों ने आपका फ़ायर (पराक्रम) भी देखा है और आपकी फ्यूरी (गुस्सा) भी। उन्होंने कहा कि देश के वीर सपूतों ने गलवान घाटी में जो अदम्य साहस दिखाया, वो पराक्रम की पराकाष्ठा है और पूरे देश को आप पर गर्व है। 

चीन को चेताया

प्रधानमंत्री मोदी ने चीन का नाम लिए बिना उसे चेताते हुए कहा कि विस्तारवाद का युग चला गया है और दुनिया विकास की राह पर चल पड़ी है। मोदी ने कहा कि विस्तार के मंसूबे रखने वाली ताकतों ने पिछली सदी में दुनिया को बर्बाद कर दिया लेकिन वे या तो हार गए या इतिहास ने उन्हें भुला दिया। 
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प्रधानमंत्री के साथ चीफ़ ऑफ़ डिफ़ेंस स्टाफ़ जनरल बिपिन रावत और आर्मी प्रमुख एम.एम. नरवणे भी थे। पहले इस यात्रा पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को जाना था लेकिन एन वक्त पर उनका कार्यक्रम रद्द हो गया। 

दूसरी ओर, गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद भारत और चीन के सैन्य कमांडर्स के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है लेकिन ये बेनतीजा रही हैं। पूर्वी लद्दाख में अभी भी तनाव का माहौल है।भारत लगातार पुरानी स्थिति बहाल करने की बात कहता रहा है। लेकिन शातिर ड्रैगन ने अचानक से ही गलवान घाटी पर अपना हक़ जता दिया है और भारत कई बार कह चुका है कि वह उसका यह दावा अस्वीकार्य है। भारत-चीन सीमा विवाद पर देखिए वरिष्ठ पत्रकार आशुतोष का वीडियो - 

मीडिया में आई ख़बरों और सैटेलाइट तसवीरों से यह साफ पता चल रहा है कि चीन लगातार सैन्य जमावड़ा बढ़ा रहा है और वह गलवान घाटी, पैंगोंग त्सो झील से पीछे हटने को तैयार नहीं दिखता। इस तरह की ख़बरें आ चुकी हैं कि चीन देपसांग, गलवान घाटी और हॉट स्प्रिंग के इलाक़ों से पीछे हटने की पेशकश कर पेंगोंग त्सो झील के फिंगर-4 और फ़िंगर-8 पर अपना कब्जा करने की फिराक में है। 

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