केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और उनकी पार्टी एलजेपी (राम विलास) ने नाम आते ही हिन्दू इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज से दूरी बना ली। चिराग ने पुलिस में लिखित शिकायत देते हुए औपचारिक विरोध दर्ज कराया है। हालांकि बीजेपी के नेताओं ने अभी तक ऐसा नहीं किया।
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज के साथ
केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान की पार्टी ने कथित दक्षिणपंथी/हिंदुत्व इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। पार्टी ने दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में शिकायत देकर भारद्वाज पर चिराग पासवान और पार्टी का नाम कथित तौर पर गलत तरीके से इस्तेमाल करने तथा राजनीतिक संरक्षण होने का भ्रम पैदा करने का आरोप लगाया है। चिराग पासवान के साथ आरोपी की फोटो वायरल है। हालांकि बीजेपी के कई नेताओं के फोटो भी सोशल मीडिया पर वायरल हैं लेकिन उनमें से किसी ने अभी तक चिराग जैसा एक्शन नहीं लिया है।
मामला उस वायरल वीडियो से जुड़ा है जिसमें भारद्वाज ने Cockroach Janta Party (CJP) की कार्यकर्ता दलित छात्रा के पिता पर जंतर-मंतर पर हुए हमले के बारे में बात की थी। वायरल क्लिप में भारद्वाज के बयानों को लेकर आरोप लगा कि उसने हमले की जिम्मेदारी स्वीकार करने के साथ यह भी दावा किया कि राजनीतिक संपर्कों के कारण उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। उसने दिल्ली बीजेपी के नेता कपिल मिश्रा का नाम लिया।
चिराग पासवान ने खुद दर्ज कराई शिकायत
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, LJP (रामविलास) ने पुलिस से भारद्वाज के खिलाफ FIR दर्ज करने और आधिकारिक तौर पर यह दर्ज करने की मांग की है कि उनका पार्टी या पार्टी अध्यक्ष चिराग पासवान से कोई संबंध नहीं है। पार्टी ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की है। चिराग पासवान ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में बहुत से लोग नेताओं से मिलने आते हैं, लेकिन किसी मुलाकात के आधार पर खुद को नेता का करीबी या व्यक्तिगत परिचित बताना उनके नाम का दुरुपयोग है। उनके मुताबिक, भारद्वाज ने ऐसा प्रभाव पैदा करने की कोशिश की कि उनके खिलाफ कार्रवाई इसलिए नहीं हुई क्योंकि उनके राजनीतिक संपर्क हैं। पासवान ने कहा कि उन्होंने इस मामले में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है और दिल्ली पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा कि वह दलित छात्रा के पिता के साथ न्याय दिलाने की जिम्मेदारी ले रहे हैं।जंतर-मंतर पर क्या हुआ था?
यह विवाद जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान एक दलित शख्स के साथ हुई कथित मारपीट से जुड़ा है। CJP का कहना है कि एक दलित छात्रा अपने पिता के पिता जंतर मंतर आई थी। प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर स्वतंत्र भारद्वाज और अन्य लोगों ने छात्रा के पिता पर हमला कर दिया।दिल्ली पुलिस के अनुसार, पीड़ित दलित को सिर में चोट लगी थी। पुलिस ने कहा कि चोट कथित झड़प के दौरान एक हमलावर के हाथ में पहने धातु के कड़े से लगी थी। RML अस्पताल में उनकी चोटों को ‘साधारण’ प्रकृति का बताया गया था। पुलिस का कहना है कि इस घटना को लेकर पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में मामला दर्ज किया गया था और भारद्वाज तथा सूरज कुमार को मौके से हिरासत में लेकर पूछताछ की गई थी। लेकिन कांग्रेस पार्टी, सीजेपी के नेताओं ने कहा कि दिल्ली पुलिस सारे मामले में लीपापोती कर रही है।कांग्रेस, CJP ने की गिरफ्तारी की मांग
वायरल वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और CJP ने भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने तक मार्च किया। संगठन के नेताओं और समर्थकों ने थाने के बाहर प्रदर्शन किया और पुलिस पर कार्रवाई में देरी का आरोप लगाया। CJP नेताओं ने आरोप लगाया कि घटना के करीब दो महीने बाद भी आरोपी के खिलाफ पर्याप्त कार्रवाई नहीं हुई। संगठन ने भारद्वाज पर हत्या के प्रयास समेत गंभीर धाराएं लगाने की मांग की। पुलिस ने बाद में मामले में SC/ST Act समेत अतिरिक्त धाराएं लगाने की बात कही और मेडिकल जांच के आधार पर हत्या के प्रयास की धारा लागू करने की संभावना पर विचार करने की जानकारी दी।भारद्वाज अपनी बातों से पलटा
कुख्यात स्वतंत्र भारद्वाज ने वायरल पोडकास्ट को लेकर शुक्रवार को अपना स्टैंड बदल लिया। उसने कहा कि घटना के दौरान उसने दलित व्यक्ति पर आत्मरक्षा में कार्रवाई की थी। जबकि पोडकास्ट में वो कह रहा था कि उसने ही उस दलित का सिर फोड़ा है। उसे पुलिस ने जेल भी नहीं भेजा जबकि ये हत्या के प्रयास का मामला था। उसने बीजेपी नेता और 2020 के दिल्ली दंगों में आरोपों से घिरे कपिल मिश्रा का नाम लेकर कहा कि उन्होंने उसे बचा लिया। कपिल मिश्रा ने अभी तक इस संबंध में बयान नहीं दिया है। इस बीच, पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को यूपी के बुलंदशहर में हिरासत में लिया। रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने बताया कि भारद्वाज को कथित तौर पर भागने की कोशिश के बाद हिरासत में लिया गया। उनके एक मित्र ने कहा कि वह शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे तक उनके साथ थे, जिसके बाद दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम उन्हें अपने साथ ले गई।राजनीतिक विवाद भी तेज
इस पूरे मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। चिराग पासवान द्वारा खुद भारद्वाज के खिलाफ शिकायत किए जाने के बाद यह सवाल और गंभीर हो गया है कि क्या आरोपी ने बीजेपी नेताओं से संपर्क का हवाला देकर पुलिस कार्रवाई से बचने का दावा किया था। आरोपी के फोटो बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, मनोज तिवारी आदि के साथ वायरल हैं। उसने मुस्लिम महिलाओं को भी गलत तरीके से एआई द्वारा तैयार फोटो में पेश किया था। ये सभी फोटो ऑल्ट न्यूज़ और कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने शेयर किया था। अभी तक किसी भी बीजेपी नेता ने आरोपी से दूरी बनाने या कार्रवाई की मांग का बयान जारी नहीं किया है।
पासवान ने इस घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक रूप से किसी को इतनी बुरी तरह पीटने की बात स्वीकार करता है कि उसकी जान भी जा सकती थी और फिर भी कार्रवाई नहीं होती, तो यह देश और समाज के लिए गलत मिसाल होगी। उन्होंने अपने नाम के कथित दुरुपयोग को भी गंभीरता से लिया है।
फिलहाल मामले में दिल्ली पुलिस की जांच, स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ संभावित कानूनी धाराएं और वायरल वीडियो की वास्तविकता अहम मुद्दे बने हुए हैं। पुलिस का पक्ष है कि पहले से मामला दर्ज है और जांच प्रक्रिया जारी है, जबकि कांग्रेस, CJP और अब चिराग पासवान की पार्टी आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।