कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सोमवार को कहा कि वे अपना अनशन तब तक जारी रखेंगे, जब तक नीट पेपर लीक का विरोध कर रहे छात्र नेताओं को सांसदों से मिलने की अनुमति नहीं दी जाती या सांसद खुद दिल्ली के अस्पताल में उनसे मिलने नहीं आ जाते। अपनी पत्नी गीतांजलि आंगमो द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक हस्तलिखित नोट में वांगचुक ने सीजेपी के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे युवाओं के साथ एकजुटता जताई।
 
वांगचुक ने हस्ताक्षर वाले नोट में लिखा, 'मैं अपना अनशन (दिन 23) जारी रखूंगा। शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे युवाओं के साथ जो बर्बरता की जा रही है, उसे देखते हुए मैंने फैसला किया है कि युवा नेताओं को संसद भवन में सांसदों से मिलने की अनुमति मिलने तक या मुझे अस्पताल में उनसे मिलने की इजाजत मिलने तक अपना उपवास जारी रखूंगा।' उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करेगी और छात्रों की सराहना की कि उन्होंने उकसावे के बावजूद शांति बनाए रखी। उन्होंने कहा, 'मुझे यह देखकर बहुत प्रभावित हुआ कि युवाओं ने उकसावे के बावजूद शांति बनाए रखी है। मैं सरकार और पुलिस से अपील करता हूं कि इस मुद्दे का समाधान करें और छात्रों को आज या कल संसद के सामने अपनी शिकायतें रखने की अनुमति दें।'
संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से ठीक पहले राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर अभूतपूर्व स्थिति देखने को मिल रही है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर आयोजित 'संसद मार्च' (Chalo Sansad) के आह्वान पर हजारों की संख्या में छात्र, युवा और नागरिक जंतर-मंतर पहुंचे हैं। इन्हें जेन ज़ी (Gen Z) कहा जा रहा है। हालांकि दिल्ली पुलिस जिस तरह से यहां तमाम गतिविधियों को अंजाम दे रही है उसे लेकर भी विवाद है। सीजेपी का आरोप है कि संसद मार्च को कुचलने के लिए पुलिस ने पूरी तैयारी कर रखी है। मौके पर सीसीटीवी बंद कर दिए गए हैं। पत्थरों से भरे ट्रक वहां खड़े किए गए हैं। सीजेपी का सवाल है कि यह सब क्यों हो रहा है। लाइव अपडेट नीचे हैः

प्रदर्शनकारियों की बेरहमी से पिटाई

सीजेपी के नेताओं ने आरोप लगाया है कि पुलिस जंतर मंतर पर शांत और निहत्थे प्रदर्शनकारियों की पिटाई की है। पिटाई और आंसूगैस के दम पर शाम को जंतर मंतर को खाली करा लिया गया। तमाम लोगों ने सोशल मीडिया पर इस बारे में वीडियो भी डाले हैं। सीजेप प्रवक्ता सौरव दास ने आरोप लगाया कि सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो के बाल खींचे गए। दिल्ली पुलिस ने उनके साथ मारपीट की! जंतर-मंतर पर बर्बर कार्रवाई चल रही है! आइसा कार्यकर्ता नेहा बोरा ने भी एक्स पर वीडियो डालकर आरोप लगाया है कि पुलिस अब प्रदर्शनकारियों को पीट रही है। इस बीच दिल्ली पुलिस का आरोप है कि जंतर मंतर पर एक बैरिकेड के पास पुलिस पर पथराव किया गया। जिसकी वजह से एक एसआई को चोट आई है। हालांकि सीजेपी नेताओं ने पथराव की किसी भी घटना से इंकार किया है। शाम 4 बजे डाले गए इस वीडियो को देखिए, साफ पता चल रहा है कि पुलिस अब आंदोलनकारियों को पीट रही है। 

अपील और एफआईआर की कार्रवाई एकसाथ

इस रिपोर्ट के लिखे जाने के समय नई दिल्ली के DCP लाउडस्पीकर पर घोषणा करके प्रदर्शनकारियों की भीड़ को तितर-बितर होने की अपील कर रहे हैं। दूसरी तरफ आज की हिंसा के लिए प्रदर्शनकारी छात्रों को ही जिम्मेदार ठहरा दिया गया है। प्रदर्शनकारी जनपथ मेट्रो गेट खोलने की मांग कर रहे हैं। DCP ने भरोसा दिलाया है कि वे स्टेशन खुलवाने के लिए DMRC से संपर्क कर रहे हैं। जनपथ रोड पर एक लेन में ट्रैफिक चल रहा है, बाकी हिस्से पर प्रदर्शनकारी और पुलिस मौजूद हैं। अब जनपथ मार्केट और टॉल्स्टॉय मार्ग पर आंसू गैस के गोले छोड़े जा रहे हैं। लाठीचार्ज में कुछ बच्चे घायल हो गए हैं।
दिल्ली पुलिस विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं, जिनमें कथित पत्थरबाज़ी और पुलिसकर्मियों पर कथित हमले शामिल हैं, के सिलसिले में FIR दर्ज करने जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, यह मामला विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और झड़पों को लेकर दर्ज किया जाएगा। पुलिस का दावा है कि पुलिसकर्मियों पर पथराव किया गया।
AAP नेता और पूर्व सीएम आतिशी का कहना है, "धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग कर रहे युवाओं पर लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागना बेहद क्रूर है। अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे मोदी सरकार की तानाशाही को खत्म कर देंगे।"

सीजेपी ने सरकार के सामने 3 मांगें रखी, नड्डा ने कुछ समय मांगा

CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बताया कि जब वे जेपी नड्डा से मिले, तो उन्होंने हमारी इन मांगों पर अपनी लीडरशिप से बात करने के लिए "कुछ समय" मांगा:
  • सोनम वांगचुक की तुरंत रिहाई
  •  धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा
  • आत्महत्या करने वाले सभी NEET उम्मीदवारों के लिए 1 करोड़ रुपये का मुआवज़ा
CJP के प्रवक्ताओं ने जेपी नड्डा से उनके घर पर मुलाक़ात की। CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि वे और पार्टी के दूसरे प्रवक्ता आशुतोष रांका, दो घंटे से ज़्यादा इंतज़ार करने के बाद जेपी नड्डा से उनके घर पर 10 मिनट तक मिले। उन्होंने बताया, "हमने अपनी मांगों वाला एक लिखित पत्र सौंपा है और उन्होंने हमें भरोसा दिलाया है कि वे इस बीच अंदरूनी तौर पर बात करेंगे। हम उस प्रक्रिया में हैं। बड़े पैमाने पर लोगों को हिरासत में लेने वगैरह की ख़बरें आ रही हैं।"

जेपी नड्डा सोनम वांगचुक से मिलने अस्पताल जा सकते हैं

खबर आ रही है कि अगर NEET विवाद को लेकर चल रहा विरोध-प्रदर्शन लंबे समय तक जारी रहता है, तो केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा अस्पताल में एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक से मिल सकते हैं। यह संभावित मुलाकात ऐसे समय में हो रही है जब सरकार प्रदर्शन के नेताओं से बातचीत करने की कोशिश कर रही है।

संसद के करीब पहुंचे प्रदर्शनकारी, जमकर लाठीचार्ज-आंसू गैस

नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे कुछ प्रदर्शनकारी छात्र संसद के करीब पहुंच गए हैं। रेल भवन के पास आंदोलनकारियों और पुलिस में जबरदस्त रस्साकशी चल रही है। पुलिस प्रदर्शनकारियों को जमकर पीट रही है और आंसूगैस के गोले छोड़ रही है। संसद भवन के गेट बंद कर दिए गए हैं। इस बीच अभिजीत दिपके ने भूख हड़ताल खत्म कर दी है। सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मिलने पहुंचे हैं। विपक्ष ने जोरशोर से छात्रों का मुद्दा संसद में उठाया है।
  • PTI के अनुसार, सोमवार को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब और रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया के पास प्रदर्शनकारियों की भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षाकर्मियों ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। 
  • खबर है कि लाठीचार्ज और आंसूगैस के गोले कई जगह छोड़े जा रहे हैं। कुछ लोग कनॉटप्लेस से संसद मार्ग की तरफ बढ़ते नज़र आए।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेद्र प्रधान को बुलाया है। इसी के साथ प्रधान के इस्तीफे की अटकलें शुरू हो गईं।

अभिजीत दिपके ने भूख हड़ताल खत्म की

सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके ने अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है। यह सूचना एएनआई और अन्य मीडिया आउटलेट ने दी है। दिपके ने खुद अपनी ओर से कोई बयान सोशल मीडिया पर नहीं दिया है।

जेपी नड्डा से मिलने जा रहे सीजेपी नेता

सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने एक्स पर सूचित किया है कि आशुतोष रांका और मैं, 'कॉकरोच जनता पार्टी' की ओर से, जे.पी. नड्डा से मिलने जा रहे हैं। सरकार ने सुबह बातचीत के लिए संपर्क किया था। हमारी मांगें साफ़ हैं। बड़ी संख्या में युवा इकट्ठा हुए हैं। इस घटनाक्रम से साफ है कि अगले कुछ घंटों में संसद मार्च वापस लिया जा सकता है।

सपा सांसदों का पैदल मार्च

सपा सांसद डिंपल यादव के नेतृत्व में सपा सांसद जंतर मंतर की तरफ बढ़ रहे हैं, वे वहां सीजेपी के आंदोलन में शामिल होंगे। इसी दौरान डिंपल यादव को पुलिस ने हिरासत में लिया। सपा ने इसके विरोध में बयान देते हुए कहा कि डिंपल यादव को हिरासत में लेने की कोई वजह तो बताई जाए, क्या सपा सांसदों का प्रदर्शन अलोकतांत्रिक है।

संसद मार्च शुरू, लाठी चार्ज

सीजेपी का संसद मार्च शुरू हो चुका है। पुलिस ने भीड़ पर लाठी चार्ज किया है। सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि सरकार ने हम लोगों से देर से बातचीत शुरू की। हम अपने मार्च को कैसे रोक सकते हैं। दिल्ली पुलिस के अधिकारी अभी भी सीजेपी नेताओं से बात कर रहे हैं। दिल्ली पुलिस चाहती है कि कुछ कदम जाकर मार्च को रोक दिया जाए। फिलहाल सीजेपी नेता पुलिस की मांग मानने को तैयार नहीं हैं। दिल्ली पुलिस का कहना है कि मौके पर 8000  प्रदर्शनकारी हैं। जबकि पुलिस के 5000 जवान इन्हें रोकने को तैयार है। वॉटर कैनन और आंसू गैस के गोले का पूरा इंतज़ाम है।

केजरीवाल का बयान

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविन्द केजरीवाल ने सरकार से आग्रह किया है कि वो छात्रों की बात सुने। एक वीडियो बयान में केजरीवाल ने कहा- जंतर-मंतर पर देश का सारा युवा लाखों की संख्या में जमा हो गया है। सरकार उनकी बात सुनने की बजाय उनपे लाठी चार्ज करवा रही है। ये ठीक नहीं है। मैं सरकार से appeal करता हूँ कि ये हमारे ही देश के बच्चे हैं जो न्याय मांगने सड़कों पर उतरे हैं। अहंकार छोड़िये और इनकी बात सुनिए।

पुलिस का दावा- हिंसा की कोई घटना नहीं हुई

पुलिस ने सोमवार को कहा कि विरोध स्थल पर हिंसा की कोई छिटपुट घटना नहीं हुई है और स्थिति को पेशेवर तरीके से संभाला जा रहा है। "मीडिया के कुछ हिस्सों में जंतर-मंतर पर दिल्ली पुलिस द्वारा हिंसा या लोगों को हिरासत में लेने की छिटपुट घटनाओं का ज़िक्र किया गया है। यह सूचित किया जाता है कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई है और विरोध प्रदर्शन को पेशेवर तरीके से संभाला जा रहा है। सभी से अनुरोध है कि वे किसी भी अफ़वाह या गलतफहमी पर विश्वास न करें और शांति व कानून-व्यवस्था बनाए रखने में दिल्ली पुलिस का सहयोग करें।"

AAP के कई नेता जंतर मंतर पर

आम आदमी पार्टी की नेता और पूर्व सीएम आतिशी, संजय सिंह और मनीष सिसोदिया सोमवार को CJP के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। सिसोदिया ने रविवार को सभी से सक्रिय रूप से शामिल होने की अपील की थी और कहा था कि देश के युवा NEET पेपर लीक के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करने के लिए एकजुट हुए हैं।

सीजेपी प्रवक्ता ने कहा- पुलिस से तालमेल किया जा रहा है

विरोध मार्च से पहले, डिप्टी कमिश्नर ऑफ़ पुलिस (नई दिल्ली) सचिन शर्मा ने CJP के सदस्यों और प्रवक्ताओं से बात की। CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने सोमवार को कहा कि विरोध मार्च से पहले पुलिस के साथ तालमेल बिठाने का काम चल रहा है। रांका ने पहले कहा था कि विरोध प्रदर्शन सुबह 9 बजे होना था। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से "अपनी जगह पर बने रहने और शांति बनाए रखने" की अपील की और कहा कि मार्च के बारे में जानकारी जल्द ही दी जाएगी। उन्होंने कहा, "आप सभी से मेरी गुज़ारिश है कि अपनी जगह पर बने रहें और शांति बनाए रखें। हमारी क्षमता पहले ही पूरी हो चुकी है।"

चंद्रशेखर और प्रकाश राज जंतर मंतर पहुंचे

आज़ाद समाज पार्टी के प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आज़ाद CJP के विरोध मार्च से पहले जंतर-मंतर पहुँचे। अभिनेता प्रकाश राज भी विरोध प्रदर्शन वाली जगह पर मौजूद हैं। लोकसभा सांसद और आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख चंद्रशेखर आज़ाद ने सोमवार को कहा कि वह युवाओं की "आवाज़" बनने के लिए जंतर-मंतर पर आए हैं। आज़ाद ने मीडिया से कहा, "एक भारतीय युवा होने के नाते, मैं युवाओं का दर्द समझता हूँ। मैं उनकी आवाज़ बनने और उनके साथ खड़े होने के लिए यहाँ आया हूँ। उनके साथ अन्याय हो रहा है। सरकार ऐसा होने दे रही है..." उन्होंने आगे कहा कि सरकार अपना 'धर्म' निभा रही है और पुलिस अपना।

दिल्ली पुलिस का कहना है कि जंतर मंतर पर 8000 प्रदर्शनकारी जमा हैं।

जंतर मंतर सील, पुलिस अधिकारी सीजेपी नेताओं से मिले

दिल्ली पुलिस ने जंतर मंतर को पूरी तरह सील कर दिया है। अब किसी को भी संसद की तरफ जाने की इजाज़त नहीं है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सोमवार को कहा कि विरोध मार्च योजना के अनुसार ही होगा और वे सभी प्रवक्ताओं और सदस्यों से बातचीत कर रहे हैं। 
एक चर्चा के दौरान, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने संगठन के सदस्यों को बताया कि भीड़ बहुत बड़ी है और इससे कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा हो सकती है। इस पर CJP के प्रवक्ताओं ने कहा कि वे एक "अहिंसक" मार्च का नेतृत्व कर रहे हैं। बैठक इस बात पर खत्म हुई कि प्रवक्ता पुलिस अधिकारियों को बताएंगे कि वे आगे की योजनाओं पर CJP संयोजक अभिजीत दिपके के साथ चर्चा करेंगे।

सरकार ने सीजेपी से संपर्क साधा

सीजेपी प्रवक्ता ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से सीजेपी का संसद मार्च रोकने के लिए संपर्क किया गया है। सीजेपी ने यह साफ नहीं किया है कि सरकार के संपर्क करने पर उनका रुख क्या है। दिल्ली पुलिस ने ऐसे किसी घटनाक्रम से अनभिज्ञता जताई है। दिल्ली पुलिस के पांच हज़ार जवान संसद मार्च रोकने को तैयार हैं। पानी की बौछार करने वाला वाहन मौके पर है।

सिर्फ 3 नारे लगाने को कहा गया

CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने सोमवार सुबह विरोध मार्च से पहले प्रदर्शनकारियों से बात की। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से सिर्फ़ तीन नारे लगाने का आग्रह किया: ‘भारत माता की जय’, ‘धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफ़ा दो’ और ‘इंकलाब ज़िंदाबाद’। ऐसा पिछले अनुभवों के आधार पर किया गया। जेएनयू में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने गलत नारे लगाने की कोशिश की थी। कुछ बदनाम टीवी ऐंकरों ने जेएनयू छात्रों के आंदोलन को पाकिस्तान समर्थक बताकर उन्हें और उनके छात्र नेताओं को बदनाम किया। ऐसे टीवी ऐंकर आज भी अपनी उस हरकत पर शर्मिंदा नहीं हैं।

सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा जबरन अस्पताल ले जाए जाने के बाद जंतर-मंतर पर भीड़ लगातार बढ़ती गई। CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास ने दावा किया कि 20,000 से अधिक लोग जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में एकत्र हुए। CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने समर्थकों से रात भर जंतर-मंतर पर ही रहने की अपील की ताकि संसद मार्च को शांतिपूर्ण ढंग से पूरा किया जा सके।

अभिजीत दिपके के आरोप

प्रदर्शन स्थल के आसपास पत्थरों से लदे ट्रक के खड़े होने को लेकर सोशल मीडिया और प्रदर्शनकारियों के बीच गंभीर चिंताएं जताई गईं।
  • आरोप: CJP संस्थापक अभिजीत दीपके और आयोजकों ने अंदेशा जताया कि प्रदर्शन स्थल के पास पत्थरों से भरे ट्रक का मौजूद होना किसी असामाजिक तत्व या साजिश का हिस्सा हो सकता है, जिससे शांतिपूर्ण प्रदर्शन को बदनाम करने या उकसाने का प्रयास किया जाए।
  • प्रशासनिक रुख: दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी प्रकार की हिंसा को रोकना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पुलिस अधिकारियों ने स्थिति पर कड़ी नजर बनाए रखी है और असामाजिक तत्वों की घुसपैठ को रोकने के लिए एहतियाती कदम उठाए हैं। पुलिस द्वारा शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है।
ताज़ा ख़बरें

दिल्ली पुलिस की सख्त सुरक्षा और धारा 163

दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। अधिकारियों के अनुसार, केवल जंतर-मंतर के निश्चित क्षेत्र में ही शांतिपूर्ण सभा की अनुमति है। संसद भवन की ओर किसी भी प्रकार के जुलूस या मार्च की अनुमति नहीं दी गई है। पुलिस ने रायट गन्स (दंगा रोधी उपकरणों) और बैरिकेडिंग के साथ भारी बल तैनात किया है।
  • सौरव दास का आरोपः सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता और पत्रकार सौरव दास ने एक्स पर जानकारी दी है कि दिल्ली पुलिस न सिर्फ़ बैरिकेड हटा रही है, बल्कि मेटल डिटेक्टर भी हटा रही है और CCTV कैमरे भी बंद कर दिए हैं! जवानों को भी वापस बुलाया जा रहा है! आख़िर क्या योजना बनाई जा रही है?

अनशन खत्म करने के लिए सोनम वांगचुक की तीन शर्तें

अस्पताल के बिस्तर से लिखे एक और नोट में, सोनम वांगचुक ने उन तीन स्थितियों के बारे में बताया है जिनमें वे अपनी लंबी भूख हड़ताल खत्म करने को तैयार हैं। एक्टिविस्ट का कहना है कि अगर केंद्र सरकार शिक्षा व्यवस्था में हालिया नाकामियों, खासकर कथित तौर पर परीक्षा के पेपर लीक होने के मामले में "ज़िम्मेदारी लेती है", तो वे अपना अनशन खत्म कर देंगे। अगर ऐसा नहीं होता है, तो उनका कहना है कि उन्हें और 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के नेताओं को संसद तक जाने की इजाज़त मिलनी चाहिए, ताकि वे अपनी मांगें सीधे सांसदों और अलग-अलग पार्टियों के नेताओं के सामने रख सकें।
  • उन्होंने अपने समर्थकों को भेजे संदेश में कहा, "अगर मैं और CJP के नेता संसद के दरवाज़े तक पहुँचते हैं और वहाँ माननीय सांसद और अलग-अलग पार्टियों के नेता हमें भरोसा दिलाते हैं कि वे अब संसद में यह मुद्दा उठाएंगे..."
  • तीसरी स्थिति के बारे में बताते हुए, जिसमें वे अपना अनशन तोड़ने पर विचार करेंगे, वांगचुक ने लिखा, "अगर मेरी सेहत या कोई और वजह इसकी इजाज़त नहीं देती है, तो माननीय सांसद और अलग-अलग पार्टियों के नेता इस अस्पताल में आकर ऊपर बताया गया भरोसा दिलाएं।" 
  • यह नोट सोमवार, 20 जुलाई को 59 वर्षीय वांगचुक के X हैंडल पर पोस्ट किया गया था; इसी दिन CJP का संसद तक मार्च करने का प्लान था। उन्होंने कहा कि अगर इन तीन मांगों में से कोई भी पूरी हो जाती है, तो वे उसी दिन अपना अनिश्चितकालीन अनशन खत्म कर देंगे।
जंतर-मंतर से संसद भवन तक की दूरी 1.5 किलोमीटर है लेकिन यह मार्च पूरे दिन चल सकता है। पिछली बार महिला पहलवानों ने संसद मार्च करना चाहा था। दिल्ली पुलिस ने उन्हें जमकर पीटा। उसकी वायरल तस्वीरों से पूरी दुनिया हैरान रह गई थी। इस बार भी दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली जिले में बीएनएसएस (BNSS) की धारा 163 लागू कर प्रदर्शन मार्च पर रोक लगाई है। इस आंदोलन को कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी, टीएमसी, शिवसेना यूबीटी का समर्थन प्राप्त है। आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद, टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा, अभिनेता प्रकाश राज, शबाना आजमी व स्वरा भास्कर, अरविन्द केजरीवाल, पवन खेड़ा समेत कई हस्तियों ने जंतर-मंतर पहुंचकर आंदोलन का समर्थन किया। अनशन पर बैठे एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद सफदरजंग अस्पताल में शिफ्ट किया गया, जिसके बाद CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया।