कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया है कि सरकार की समिति ने उनके एक्स अकाउंट बैन करने का आदेश उन्हें नहीं दिखाया। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय यानी MeitY की समिति के सामने पेश हुए दीपके ने पत्रकारों से कहा कि गोपनीयता के नाम पर कुछ भी नहीं दिखाया गया। यह सुनवाई CJP के X अकाउंट @CJP_2029 को ब्लॉक किए जाने के खिलाफ उनकी अपील पर हुई।

दीपके ने जंतर मंतर पर प्रेस को बताया, 'कुछ भी हमें नहीं बताया जा रहा। सब गोपनीय है। कम से कम वजह तो बता दो, अगर इतना भरोसे के साथ कह रहे हो।' उन्होंने कहा कि उन्होंने समिति से बैन का आदेश और जिन पोस्ट्स पर आपत्ति है, उन्हें दिखाने को कहा, लेकिन दोनों ही बातों से मना कर दिया गया। अभिजीत दीपके ने NEET पेपर लीक मामले का ज़िक्र करते हुए पूछा, 'सब कुछ गोपनीय है तो NEET का पेपर भी गोपनीय रखना चाहिए था। वो लीक क्यों हुआ? इन आत्महत्याओं को रोका जा सकता था।' दीपके का कहना है कि सरकार 'गोपनीयता' के नाम पर जानकारी छिपा रही है, जबकि प्रभावित पक्ष को अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों की जानकारी मिलनी चाहिए।
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पिछले महीने ब्लॉक हुआ था CJP का एक्स अकाउंट

सीजेपी का एक्स अकाउंट @CJP_2029 पिछले महीने 16 मई को शुरू हुआ था। सिर्फ चार दिन में इसमें 2 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हो गए थे। 21 मई को भारत में इस अकाउंट को ब्लॉक कर दिया गया। X ने बताया था कि यह कार्रवाई सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69A के तहत सरकार की कानूनी नोटिस के आधार पर की गई। धारा 69A के तहत सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था या अन्य संवेदनशील कारणों से ऑनलाइन सामग्री को ब्लॉक करने का आदेश दे सकती है।

इस बैन के ख़िलाफ़ अभिजीत दीपके ने 25 मई को दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट ने केंद्र और एक्स को नोटिस जारी किया, लेकिन तुरंत अकाउंट बहाल करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों का हवाला दिया।

'छात्रों को आतंकवादी कह रहे धर्मेंद्र प्रधान'

दीपके MeitY मुख्यालय इलेक्ट्रॉनिक्स निकेतन में समिति के सामने पेश होने के बाद जंतर-मंतर पर पहुंचे। यहां वे 20 जून से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन में दीपके ने कहा, 'सरकार में बैठे लोग आज हमें आतंकवादी कह रहे हैं। किसानों को आतंकवादी कहा, डॉक्टरों को आतंकवादी कहा, अब छात्रों को आतंकवादी कह रहे हैं। फिर इस देश में असली भारतीय कौन है?' उन्होंने आगे कहा,
धर्मेंद्र प्रधान हमें आतंकवादी कहते हैं, लेकिन उनके हाथों पर 17 से ज्यादा छात्रों का खून है। कोई परिवार हमारे कारण बच्चा नहीं खोया। धर्मेंद्र प्रधान के कारण बच्चे जान दे रहे हैं।
अभिजीत दीपके
सीजेपी प्रमुख
इस हफ्ते एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सीजेपी के प्रदर्शनकारियों को लेकर कहा था कि ये 'देहशतगर्दों का B-टीम' हैं। धर्मेंद्र प्रधान के इस बयान को लेकर ही दीपके ने उनपर हमला किया। दीपके ने यह भी आरोप लगाया कि परीक्षा घोटालों के कारण कई छात्रों ने आत्महत्या की और इसके लिए सरकार जिम्मेदार है।

किस समिति के सामने पेश हुए दीपके?

अभिजीत दीपके जिस समिति के सामने पेश हुए वह आईटी ब्लॉकिंग रूल्स 2009 के नियम 7 के तहत बनी अंतर-मंत्रालयी समिति है। इसमें संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी की अध्यक्षता होती है। गृह मंत्रालय, कानून मंत्रालय, सूचना प्रसारण मंत्रालय और CERT-In के अधिकारी इसमें शामिल होते हैं। इन नियमों में ब्लॉकिंग के नोटिस और कार्रवाई को पूरी गोपनीयता में रखने का प्रावधान है।
बहरहाल, सीजेपी का मूल अकाउंट अभी भी ब्लॉक है। पार्टी दूसरे एक्स अकाउंट और इंस्टाग्राम के ज़रिए सक्रिय है। यह पूरा मामला NEET पेपर लीक और परीक्षा घोटालों के विरोध के बीच हुआ है, जिसे लेकर छात्रों और अभिभावकों में काफी गुस्सा है। कुछ लोग इसे डिजिटल सेंसरशिप कहकर सरकार की आलोचना कर रहे हैं।

सरकार का तर्क है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और कानूनी प्रक्रियाओं के तहत गोपनीयता बनाए रखना ज़रूरी है। वहीं अभिजीत दीपके और उनके समर्थकों का कहना है कि बिना कारण बताए किसी अकाउंट को ब्लॉक करना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है।