CJP Core Meeting: 5 अगस्त को होने वाली इस बैठक के तुरंत बाद CJP एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगी, जिसमें भविष्य के कार्यक्रमों और आगे की कार्रवाई से जुड़े फैसलों का औपचारिक ऐलान किया जाएगा।
सीजेपी के (बाएं से) आशुतोष रांका, अभिजीत दिपके, सौरव दास और रत्ना सिंह
देश में तमाम छात्र नेताओं और एक्टिविस्टों पर सरकार का दमन जारी है। इसी बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) अपने भविष्य की रणनीति तय करने जा रही है। पार्टी के कोर सदस्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक 5 अगस्त को महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में आयोजित की जाएगी। उधर, जेएनयू छात्र संघ की संयुक्त सचिव दानिश अली के मध्य प्रदेश स्थित घर पर पुलिस भेजी गई। आइसा ने इस घटना की निन्दा की है। रांची में पेपर लीक के विरोध में छात्रों का धरना-प्रदर्शन जारी है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह बैठक सीजेपी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके के संभाजीनगर स्थित आवास पर होगी। बैठक में शामिल होने से पहले कोर सदस्यों को पार्टी के कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवकों और छात्रों से बातचीत कर उनकी राय और सुझाव जुटाने के लिए कहा गया है। दिल्ली में एक महीने चले लंबे विरोध प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं और वॉलंटियर्स को कुछ समय अपने परिवारों के साथ बिताने की सलाह दी गई थी।
बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस
5 अगस्त को होने वाली इस बैठक के तुरंत बाद पार्टी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करेगी, जिसमें भविष्य के कार्यक्रमों और आगे की कार्रवाई से जुड़े फैसलों का औपचारिक ऐलान किया जाएगा। इस बीच, पार्टी संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपने संभाजीनगर स्थित आवास पर आसपास के जिलों से आए आगंतुकों, स्थानीय निवासियों और छात्रों से मुलाकात की। उन्होंने बच्चों के साथ मिलकर 'फ्रेंडशिप डे' भी मनाया।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक घोटाले के खिलाफ CJP के नेतृत्व में चलाए गए आंदोलन को देशभर के युवाओं यानी 'Gen Z' का जबरदस्त समर्थन मिला था। इस देशव्यापी विरोध प्रदर्शन और दबाव के कारण ही पिछले सप्ताह केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था।
जेएनयू छात्रसंघ ने संयुक्त सचिव दानिश अली के घर एमपी में पुलिस भेजने की निंदा की
2 अगस्त 2026 को मध्य प्रदेश पुलिस किसी जांच का हवाला देते हुए जेएनयू छात्र संघ (JNUSU) की संयुक्त सचिव दानिश अली के पैतृक गांव पहुंची। छात्र संघ ने इसे परिवार को डराने-धमकाने की साजिश बताते हुए इस कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की है। जेएनयूएसयू ने कहा कि "मुस्लिम छात्रों को निशाना बनाकर किया जा रहा उत्पीड़न तुरंत बंद हो" और चेतावनी दी कि पुलिस और प्रशासन छात्र एकजुटता की ताकत को न भूले।रांची में छात्रों का प्रदर्शन जारी, CBI जांच की मांग पर अड़े
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC-CGL) समेत अन्य भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं को लेकर राजधानी रांची में छात्रों का आंदोलन उग्र होता जा रहा है। रविवार (2 अगस्त) को लगातार पांचवें दिन सैकड़ों छात्रों ने विरोध प्रदर्शन जारी रखा और मामले की सीबीआई (CBI) जांच तथा भर्ती आयोगों में सुधार की मांग की।
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से मशाल जुलूस
छात्र 29 जुलाई से रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। रविवार शाम को हजारों छात्रों ने राज्य की राजधानी में एक विशाल मशाल जुलूस निकाला। यह जुलूस स्टेडियम से शुरू होकर अल्बर्ट एक्का चौक तक पहुंचा, जहां छात्रों ने जेएमएम (JMM) के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी चिंताओं पर ध्यान नहीं दिया, तो वे आने वाले कुछ दिनों में झारखंड विधानसभा की ओर रुख करेंगे और विधानसभा का घेराव करेंगेI
CID जांच खारिज, CBI और ED से जांच की मांग
प्रतियोगी परीक्षा के छात्र राहुल कुमार क्रांति ने बताया, "JPSC में पेपर लीक की घटनाएं कई बार हो चुकी हैं। इस बार उम्मीदवारों की OMR शीट तक लीक हो गई हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सीआईडी (CID) जांच के आदेश दिए हैं, लेकिन हम इससे संतुष्ट नहीं हैं।" छात्रों का कहना है कि सीआईडी जांच से उन्हें कोई उम्मीद नहीं है, क्योंकि JSSC-CGL पेपर लीक मामले में भी पिछली जांचों में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी। वे पिछले सात वर्षों में JPSC और JSSC द्वारा आयोजित सभी भर्ती परीक्षाओं की सीबीआई (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) जैसी केंद्रीय एजेंसियों से निष्पक्ष जांच कराने की मांग कर रहे हैं। छात्रों ने नैतिक आधार पर मुख्यमंत्री के इस्तीफे और 19 अप्रैल को आयोजित 14वीं JPSC संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने की मांग रखी है। इसके अलावा, OMR शीट में उत्तर न देने की स्थिति के लिए 5वां विकल्प ("Not Attempted") जोड़ने की भी मांग की गई है।सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप
प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि इतने दिनों से विरोध प्रदर्शन चलने के बावजूद सरकार का कोई भी वरिष्ठ अधिकारी उनकी समस्याओं को सुनने के लिए नहीं आया है। इससे साफ झलकता है कि JMM-गठबंधन सरकार राज्य के हजारों युवाओं और छात्रों के प्रति कितनी संवेदनहीन है।