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दिल्ली में 82 फ़्लाइट्स कैंसिल, कई एयरपोर्ट्स पर रहा अफरा-तफरी का माहौल

2 महीने बाद जब सोमवार को विमान सेवा शुरू हुई, दिल्ली, मुंबई सहित कई शहरों के एयरपोर्ट्स पर दिन भर अफरा-तफरी का माहौल रहा। बड़ी संख्या में फ़्लाइट्स कैंसिल हो गईं और इस वजह से यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। उन्होंने इस बात की शिकायत की कि उन्हें इस बारे में पहले से कोई सूचना नहीं दी गई। 

एनडीटीवी के मुताबिक़, दिल्ली एयरपोर्ट्स से सोमवार को 82 फ़्लाइट्स कैंसिल हुई। इंदिरा गांंधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मौजूद यात्री इससे खासे नाराज दिखे। उनका कहना था कि अंतिम समय तक भी उन्हें फ्लाइट के कैंसिल होने के बारे में नहीं बताया गया। 

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एनडीटीवी के मुताबिक़, कुछ इसी तरह के हालात मुंबई के छत्रपति शिवाजी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी दिखाई दिए। यहां भी सैकड़ों लोग फ़्लाइट्स के कैंसिल होने के बाद एयरपोर्ट के बाहर खड़े दिखाई दिए। 

एनडीटीवी के मुताबिक़, मुंबई में एयरपोर्ट टर्मिनल के बाहर लंबी कतारें दिखाई दीं क्योंकि सुरक्षा कर्मचारी लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग करने के अलावा उन्होंने आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड किया है या नहीं, इसकी भी जांच कर रहे थे। 

चेन्नई एयरपोर्ट पर भी कुछ ऐसा ही हाल रहा। यहां भी यात्री फ्लाइट्स कैंसिल होने के कारण बेहद परेशान दिखाई दिए। एक यात्री ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई को बताया, ‘हम लोग 15 मार्च से तमिलनाडु में फंसे थे। हमने बीती रात मुंबई के लिए तीन टिकट बुक की थीं लेकिन जब हम यहां पहुंचे तो हमारी टिकट कैंसिल की जा चुकी थीं और हेल्प डेस्क पर इस बारे में बताने वाला कोई नहीं था।’ बेंगुलरू के कैंपेगोडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी 9 उड़ानों को रद्द कर दिया गया। 

एनडीटीवी के मुताबिक़, इंदिरा गांधी एयरपोर्ट के अधिकारियों ने कहा कि फ्लाइट्स इसलिए कैंसिल हुई हैं क्योंकि राज्यों ने केंद्र को बताया है कि जिन उड़ानों को लेकर पहले सहमति बनी थी, वे उनका संचालन नहीं कर पाएंगे। 

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आंध प्रदेश के लिए विमान सेवा मंगलवार से सेवा शुरू होगी जबकि तूफान से प्रभावित पश्चिम बंगाल में सेवाएं शुरू होने में अभी वक्त लगेगा। केंद्र सरकार ने एक बार फिर कहा है कि ऐसे लोग जिनमें कोरोना वायरस के लक्षण नहीं होंगे, वे ही विमान में सफर कर सकेंगे। 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी ताज़ा गाइडलाइंस में कहा गया है कि अगर यात्रियों को विमान के सफर के बाद ख़ुद में कोरोना के कोई लक्षण दिखें तो उन्हें इस बार में संबंधित जिले के अफ़सरों को या राज्य या केंद्र सरकार के कॉल सेंटर को बताना होगा। 

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