CWC बैठक में मल्लिकार्जुन खड़गे ने बेरोजगारी, पेपर लीक और युवा मुद्दों पर मोदी सरकार की आलोचना की। कांग्रेस ने कहा कि शिक्षा सुधार योजना एक महीने में बनेगी। साथ ही राम मंदिर चंदे और परिसीमन का मुद्दा उठाया गया।
सीडब्ल्यूसी बैठक में सोनिया, खड़गे और राहुल
कांग्रेस अब राहुल गांधी द्वारा शुरू किए गए 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम का आयोजन देश के 800 शहरों में करेगी। कांग्रेस कार्यसमिति यानी सीडब्ल्यूसी की बैठक में यह फ़ैसला लिया गया है। पार्टी ने युवाओं के मुद्दों को प्राथमिकता दी है और कहा है कि कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में इस बार सबसे बड़ा मुद्दा युवाओं, शिक्षा और रोजगार का रहा।
सीडब्ल्यूसी की बैठक में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मोदी सरकार पर बेरोज़गारी, पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और शिक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा हमला बोला। बैठक के बाद कांग्रेस ने ‘छात्रों की गूंज’ अभियान को देश भर में आयोजित करने की घोषणा की। बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि पार्टी युवाओं के मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाएगी और कई कार्यक्रमों में राहुल गांधी भी शामिल होंगे। उन्होंने यह भी बताया कि कांग्रेस एक महीने के भीतर 'शिक्षा से रोजगार' पर बड़ी सुधार योजना तैयार करेगी।
कस्बों में भी पहुंचेगा ‘छात्रों की गूंज’ अभियान
के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस का मानना है कि छात्रों और युवाओं की समस्याओं को केवल संसद तक सीमित नहीं रखा जा सकता है। इसलिए अब पार्टी देशभर के 800 शहरों और कस्बों में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम आयोजित करेगी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस योजना बनाने को कहा गया है। पार्टी को उम्मीद है कि अगले एक महीने में इस पर स्पष्ट रोडमैप तैयार हो जाएगा।खड़गे ने की ‘छात्रों की गूंज’ की तारीफ़
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी सीडब्ल्यूसी की बैठक में कहा कि राहुल गांधी ने ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों की आवाज़ को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद के मानसून सत्र में कांग्रेस ने शिक्षा और परीक्षा प्रणाली पर चर्चा की मांग की, लेकिन सरकार ने इन मुद्दों पर जवाब देने से परहेज किया।कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता विपक्ष राहुल गांधी ने चारों मुख्यमंत्रियों से कहा है कि उनके राज्यों में शिक्षा और परीक्षा प्रणाली में क्या सुधार होने चाहिए, इस बारे में मुख्यमंत्री एक महीने में रिपोर्ट दें।
CWC में युवाओं के मुद्दे सबसे ऊपर
बैठक की शुरुआत में मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि आज देश की सबसे बड़ी चिंता युवाओं का भविष्य है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे युवा देश है, लेकिन सरकार की नीतियों के कारण युवा निराशा का सामना कर रहे हैं। खड़गे ने आरोप लगाया कि शिक्षा लगातार महंगी होती जा रही है, सरकारी स्कूल बंद हो रहे हैं और पढ़ाई पूरी करने के बाद युवाओं को पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी और नियुक्तियों में देरी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि गरीब और कमजोर वर्ग के छात्र सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। खड़गे ने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों में शिक्षा और रोजगार की स्थिति खराब हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने युवाओं की समस्याओं का स्थायी समाधान खोजने के बजाय केवल अस्थायी उपाय किए हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब युवाओं के लिए स्पष्ट और समयबद्ध 'Education-to-Employment Roadmap' लेकर आएगी, जिससे पढ़ाई के बाद रोजगार के बेहतर अवसर सुनिश्चित किए जा सकें। मल्लिकार्जुन खड़गे ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को याद करते हुए कहा कि उन्होंने युवाओं को राजनीति और विकास के केंद्र में रखा था।खड़गे ने कहा कि राजीव गांधी सरकार ने मतदान की उम्र 21 से घटाकर 18 वर्ष की, नवोदय विद्यालयों की स्थापना की, राष्ट्रीय शिक्षा नीति में कौशल विकास और रोजगार को महत्व दिया, महिलाओं और कमजोर वर्गों के लिए शिक्षा के अवसर बढ़ाए। खड़गे ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को इन उपलब्धियों को जनता के बीच मजबूती से रखना चाहिए।
राम मंदिर ट्रस्ट के चंदे पर उठाए सवाल
बैठक में मल्लिकार्जुन खड़गे ने राम मंदिर ट्रस्ट को मिले चंदे का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि लोगों ने श्रद्धा के साथ धन, सोना और अन्य बहुमूल्य वस्तुएं दान की हैं, इसलिए जनता को यह जानने का अधिकार है कि कुल कितना चढ़ावा मिला, सोना-चांदी और अन्य दान का हिसाब क्या है और इन पैसों का इस्तेमाल किस तरह किया गया।
खड़गे ने कहा कि यदि किसी तरह की वित्तीय गड़बड़ी हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।कांग्रेस ने कहा है कि हल्द्वानी में बीजेपी के लोगों ने जिस तरह खड़गे के भाषण वाले मंच का शुद्धिकरण किया, वह पाप है और संविधान के खिलाफ है। पार्टी ने मांग की है कि इसके लिए नरेंद्र मोदी को माफी मांगनी चाहिए।
कांग्रेस अध्यक्ष ने भारत-चीन सीमा से जुड़े मुद्दों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सेना पर कांग्रेस को पूरा भरोसा है और वह जवानों का सम्मान करती है, लेकिन सरकार को सीमा की वास्तविक स्थिति पर देश के सामने पारदर्शिता रखनी चाहिए। खड़गे ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा पर राजनीति नहीं होनी चाहिए, लेकिन सरकार की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।
परिसीमन पर कांग्रेस का रुख
बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि पार्टी का मानना है कि अगले 25 वर्षों तक लोकसभा की कुल सीटों की संख्या 543 ही रखी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने के लिए लोकसभा की मौजूदा सीटों के आधार पर ही व्यवस्था लागू की जानी चाहिए और इसके लिए परिसीमन का इंतजार नहीं होना चाहिए।
बैठक के अंत में खड़गे ने कहा कि कांग्रेस को केवल सरकार की आलोचना ही नहीं करनी है, बल्कि शिक्षा, रोजगार, राष्ट्रीय सुरक्षा और जनविश्वास जैसे मुद्दों पर देश के सामने ठोस नीति और विकल्प भी रखना है। उन्होंने कहा कि आने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव को देखते हुए पार्टी इन मुद्दों को प्रमुखता से जनता के बीच लेकर जाएगी।