कांग्रेस ने कहा है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और इंडिया गठबंधन के सांसदों व नेताओं के साथ बर्बरतापूर्वक दुर्व्यवहार, लाठीचार्ज और उन्हें गंभीर रूप से घायल किया गया। कांग्रेस देश भर में प्रदर्शन करेगी।
विपक्ष ने 7 अक्टूबर को जंतर मंतर पर फिर से प्रदर्शन की घोषणा की है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और इंडिया ब्लॉक के दूसरे सांसदों को दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद कांग्रेस ने 8 अक्टूबर को देशभर में विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि सांसदों व नेताओं के साथ बर्बरतापूर्वक दुर्व्यवहार किया गया, लाठीचार्ज किया गया और उन्हें गंभीर रूप से घायल किया गया। कांग्रेस ने इसी को लेकर 8 अक्टूबर को भारतीय लोकतंत्र के लिए 'काला दिवस' घोषित किया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने 7 अक्टूबर 2026 को सभी प्रदेश कांग्रेस कमेटियों, जिला कांग्रेस कमेटियों और ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों को पत्र जारी कर 8 अक्टूबर को राज्य, जिला और ब्लॉक व मंडल स्तर पर विरोध प्रदर्शन आयोजित करने का निर्देश दिया है।
विपक्षी नेताओं पर कार्रवाई का विरोध
कांग्रेस का यह फ़ैसला 7 अक्टूबर की शाम दिल्ली में हुए उस घटनाक्रम के बाद आया, जब विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के ख़िलाफ़ इंडिया ब्लॉक के सांसद प्रदर्शन कर रहे थे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया ब्लॉक के सांसद चुनाव आयोग से मिलने और अपनी शिकायतें रखने के लिए जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे थे। दिल्ली पुलिस ने उन्हें बैरिकेड लगाकर रोक दिया।प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बैरिकेड को लेकर तनाव बढ़ गया। राहुल गांधी ने बैरिकेड के रास्ते को खोलने की कोशिश की, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पीछे धकेला। इस दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया गया। कांग्रेस का आरोप है कि इस दौरान इंडिया ब्लॉक के सांसदों और नेताओं के साथ बर्बरतापूर्वक व्यवहार किया गया और लाठीचार्ज किया गया, जिसमें कुछ लोगों को चोटें आईं। पार्टी ने पुलिस की कार्रवाई को लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने के अधिकार और संविधान पर हमला बताया है।
प्रियंका सड़क पर लेटी हुई दिखीं
प्रदर्शन के दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा जमीन पर लेटी हुई दिखाई दीं। कांग्रेस के मुताबिक, प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें खरोंचा और प्रदर्शनकारियों को जमीन पर धकेला गया। प्रियंका गांधी ने यह सवाल भी उठाया कि जब सांसद चुनाव आयोग से मिलने की कोशिश कर रहे थे तो उनके खिलाफ इस तरह की ताकत का इस्तेमाल क्यों किया गया।
कांग्रेस ने पूरे घटनाक्रम को लेकर सरकार और दिल्ली पुलिस पर गंभीर सवाल उठाए हैं। हालांकि, पुलिस की कार्रवाई और प्रदर्शन के दौरान चोटों को लेकर कांग्रेस के आरोपों को स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जा सकता। पार्टी ने इन्हें अपने विरोध और 8 अक्टूबर के प्रदर्शन का आधार बनाया है।
8 अक्टूबर को 'काला दिवस'
कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने अपने पत्र में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने सीमाएं पार कर दी हैं। पत्र में 7 अक्टूबर की घटना का जिक्र करते हुए कहा गया है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और इंडिया ब्लॉक के सांसदों के साथ प्रदर्शन के दौरान दुर्व्यवहार किया गया।कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और इंडिया ब्लॉक के सांसदों के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, उसके खिलाफ देशभर में विरोध दर्ज कराया जाएगा।
पार्टी ने अपने सभी प्रदेश, जिला और ब्लॉक स्तर के संगठनों से कहा है कि वे गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को राज्य, जिला और ब्लॉक, मंडल स्तर पर व्यापक विरोध प्रदर्शन आयोजित करें। कांग्रेस ने इसे भारतीय लोकतंत्र के लिए 'काला दिवस' बताते हुए पार्टी संगठन को तत्काल इन कार्यक्रमों की तैयारी करने के निर्देश दिए हैं।
आंदोलन जारी रहेगा
कांग्रेस ने अपने पत्र में कहा है कि वह चुनाव आयोग के खिलाफ अपना अभियान तब तक जारी रखेगी, जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाया नहीं जाता। पार्टी लंबे समय से SIR को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठा रही है। विपक्षी दलों का आरोप है कि SIR की प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जा रहे हैं और इससे मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। कांग्रेस ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची में किए जा रहे बदलावों को लेकर भी कई सवाल उठाए हैं।विपक्ष के निशाने पर खास तौर पर फॉर्म 6 में किए गए बदलाव भी रहे हैं। कांग्रेस और दूसरे विपक्षी दल इन बदलावों को लेकर चुनाव आयोग से जवाब मांग रहे हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
SIR को लेकर पहले से जारी है टकराव
एसआईआर को लेकर कांग्रेस और चुनाव आयोग के बीच पिछले कुछ समय से लगातार टकराव चल रहा है। विपक्षी दलों का कहना है कि मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण की प्रक्रिया में बड़ी संख्या में मतदाताओं को प्रभावित किया जा रहा है। कांग्रेस इसे केवल मतदाता सूची की प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं मान रही है, बल्कि इसे चुनावी लोकतंत्र और मताधिकार से जुड़ा मुद्दा बता रही है। पार्टी का आरोप है कि चुनाव आयोग को पारदर्शिता के साथ विपक्ष के सवालों का जवाब देना चाहिए।
इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस और इंडिया ब्लॉक के सांसद चुनाव आयोग से मिलने की कोशिश कर रहे थे। 7 अक्टूबर को उन्हें जंतर-मंतर की ओर जाने से रोकने और नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद राजनीतिक टकराव और तेज हो गया है।