जंतर मंतर प्रोटेस्टरों पर हमला करने के आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज पर विवाद के बीच कांग्रेस ने शुक्रवार को केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस पर क़ानून-व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा और अभिव्यक्ति की आज़ादी को लेकर बड़ा हमला बोला। कांग्रेस ने मांग की कि स्वतंत्र भारद्वाज को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। इसके साथ ही इसने महिला पत्रकार शाहीन खान और नफीसा खान के साथ कथित मारपीट के मामले में शामिल पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित करने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इसने कहा कि कांग्रेस पार्टी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी दलित छात्रा एवं सामाजिक कार्यकर्ता निशु आज़ाद को न्याय मिलने तक उनके साथ पूरी मज़बूती से खड़े रहेंगे।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता अलका लांबा ने कहा कि वह देश की पांच महिलाओं और लड़कियों के मुद्दे को सामने रखना चाहती हैं। उन्होंने निशु आज़ाद, शाहीन खान और नफीसा खान, आकृति चौधरी और रुचिका सिंह का नाम लिया। उनका कहना था कि इन सभी मामलों में महिलाओं और युवतियों के साथ अन्याय हुआ है और सरकार कार्रवाई करने के बजाय चुप है।

स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग

अलका लांबा ने कहा कि निशु आजाद एक छात्रा हैं और दलित समाज के अधिकारों के लिए आवाज उठाती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान निशु के पिता के साथ मारपीट की गई, जिसमें स्वतंत्र भारद्वाज का नाम सामने आया।

कांग्रेस नेता ने कहा कि स्वतंत्र भारद्वाज खुले मंचों और इंटरव्यू में अपना बयान दे रहा है, लेकिन इसके बावजूद दिल्ली पुलिस ने उसके खिलाफ केवल एक सामान्य एफआईआर दर्ज की है और अब तक उसे गिरफ्तार नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में गंभीर धाराएं लगनी चाहिए थीं, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।

अलका लांबा ने कहा कि हम मांग करते हैं कि 24 घंटे के भीतर स्वतंत्र भारद्वाज को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। उन्होंने यह भी दावा किया कि स्वतंत्र भारद्वाज ने अपने एक वीडियो में कई नेताओं से अपने संबंधों का ज़िक्र किया है।

इंडियन यूथ कांग्रेस ने पोस्ट कर कहा है, 'वही पुलिस। वही शहर। न्याय के अलग-अलग पैमाने!'

महिला पत्रकारों के मामले में सरकार पर हमला

अलका लांबा ने महिला पत्रकार शाहीन खान और नफीसा खान के साथ कथित मारपीट के मामले को भी उठाया। उन्होंने कहा कि दोनों पत्रकार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से कुछ सवाल पूछना चाहती थीं। इनमें दिल्ली एम्स में इलाज के अभाव में एक बच्ची की मौत, गृह मंत्री की कार्यक्रमों में व्यस्तता और महिलाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दे शामिल थे।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि इन सवालों के बाद दोनों महिला पत्रकारों के साथ पुलिस ने मारपीट की, जिससे उनके शरीर पर गंभीर चोटें आईं। उन्होंने मांग की कि इस घटना में शामिल पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित किया जाए। उनके खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाए। घटना से जुड़े सभी सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक किए जाएं ताकि सच्चाई सामने आ सके। महिला पत्रकारों के साथ कथित मारपीट का मामला अभी आरोपों के स्तर पर है। इस संबंध में दिल्ली पुलिस की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

आकृति चौधरी का मामला भी उठाया

अलका लांबा ने दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा और सामाजिक कार्यकर्ता आकृति चौधरी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आकृति ने नोएडा में मजदूरों के समर्थन में आवाज उठाई थी, जिसके बाद उनके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून यानी एनएसए लगाया गया और उन्हें जेल भेज दिया गया।

कांग्रेस नेता ने कहा कि अब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस मामले में एनएसए को रद्द कर दिया है और टिप्पणी की है कि प्रशासन आकृति के खिलाफ कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर सका। लांबा ने यह भी कहा कि अदालत ने कथित तौर पर आकृति को पांच लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है, जिसकी राशि संबंधित अधिकारी के वेतन से वसूलने की बात कही गई है।

रुचिका सिंह का भी किया जिक्र

प्रेस कॉन्फ्रेंस में अलका लांबा ने 15 वर्षीय रुचिका सिंह के मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर के प्रदर्शन में शामिल होने के बाद रुचिका को परेशान किया गया। उन्होंने दावा किया कि रुचिका ने प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए कहा है कि उनकी जिंदगी मुश्किल हो गई है। अलका लांबा ने कहा कि यदि कोई नाबालिग लड़की अपने साथ हुए व्यवहार के खिलाफ आवाज उठा रही है तो उसकी बात सुनी जानी चाहिए, न कि उसे डराया जाए।

कांग्रेस ने मदद का भरोसा दिया

कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी इन सभी महिलाओं और लड़कियों के साथ न्याय होने तक उनके साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा कि यदि इन मामलों में किसी भी तरह की कानूनी या आर्थिक सहायता की जरूरत होगी, तो कांग्रेस पार्टी हरसंभव मदद करेगी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस ने सरकार के सामने कई मांगें रखीं। स्वतंत्र भारद्वाज को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार किया जाए। शाहीन खान और नफीसा खान से कथित मारपीट करने वाले पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित कर कार्रवाई की जाए। घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक किए जाएं। सभी मामलों में निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।