ऑपरेशन सिंदूर में 6 शहीदों के नाम आधिकारिक तौर पर जारी होने के बाद कांग्रेस ने राजनाथ सिंह पर संसद में झूठ बोलने का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि बलिदान की खबर छिपाकर सैनिकों का अपमान किया गया और संसद को भी गुमराह किया गया। कांग्रेस के मीडिया विभाग प्रमुख पवन खेड़ा ने शनिवार को एक्स पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का पिछले साल के मानसून सत्र का एक वीडियो शेयर किया। वीडियो में राजनाथ सिंह लोकसभा में कहते दिख रहे हैं कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देश के किसी भी जांबाज सैनिक को कोई क्षति नहीं हुई है।

पवन खेड़ा ने राजनाथ सिंह के बयान का ज़िक्र करते हुए एक्स पोस्ट में कहा, 'सिर्फ दो ही संभावनाएं हैं। पहली- रक्षा मंत्री को इस बात की जानकारी ही नहीं थी कि ऑपरेशन में छह सैनिक शहीद हो चुके थे। अगर ऐसा है, तो यह उस मंत्री की योग्यता पर बहुत बड़ा सवाल है, जो अपने मंत्रालय की जानकारी तक नहीं रख पाते। दूसरी- उन्हें सब पता था, फिर भी उन्होंने संसद को गुमराह किया। यह और भी गंभीर है, क्योंकि इससे साबित होता है कि सरकार लोकतंत्र के मंदिर में शपथ लेकर देश से झूठ बोलती है।'
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खेड़ा ने आगे कहा कि छह वीर जवानों ने कर्तव्य निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया, लेकिन उनके बलिदान को छिपाया गया। उन्हें सम्मान नहीं दिया गया और उनके परिवारों से पारदर्शिता छीन ली गई। खेड़ा ने कहा, 'यह हमारे सैनिकों का अपमान है। कोई भी सच्चा देशभक्त इस पर चुप नहीं रह सकता।'

राजनाथ सिंह का विवाद क्या?

पिछले साल मानसून सत्र में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर संसद में बयान दिया था। संसद में 28 जुलाई 2025 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विपक्ष को ललकारते हुए कहा था, 'आपको सवाल पूछना है तो यह पूछिए कि क्या इस ऑपरेशन में हमारे जवान सैनिकों को कोई क्षति हुई? तो उसका उत्तर है नहीं'। इसके बाद इस पर सत्ता पक्ष ने जमकर ताली बजायी थी और मेज थपथपाई थी।
अब जब शहीदों के नाम जारी हो गए हैं तो कांग्रेस ने इसे गंभीर मुद्दा बना दिया है। कांग्रेस ने एक वीडियो पोस्ट कर पोस्ट में लिखा है, 'नरेंद्र मोदी को देश माफ नहीं करेगा।'
सोशल मीडिया पर लोग इस वीडियो को साझा कर राजनाथ सिंह पर तंज कस रहे हैं। प्रिया सिंह नाम के यूज़र ने लिखा है, 'राजनाथ सिंह ने पूरे देश को शर्मसार कर दिया। मोदी जी के दबाव में इतना झूठ नहीं बोलना चाहिए था। आपने साफ़ साफ़ कहा कि कोई जवान ऑपरेशन सिंदूर में शहीद नहीं हुआ। और आज ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए 6 नाम जारी किये सरकार ने। सोचिये, देश की खातिर जो जवान शहीद हो गए, उनकी शहादत के बारे में बताने में इस सरकार ने एक साल से अधिक समय लगा दिया। एक सालों तक उस परिवार पर क्या बीता होगा, जिन्होंने अपने घर का चिराग खोया था। मोदी सरकार ने पूरे देश को धोखा दिया । संसद के अंदर झूठ बोला गया।'
पत्रकार उमाशंकर सिंह ने लिखा है, "अब ये स्वीकारा गया है कि ऑपरेशन सिंदूर में 6 भारतीय सैनिक शहीद हुए। पर सुनिए, संसद में 28 जुलाई 2025 को जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विपक्ष को ललकारते हुए कहा था- 'आपको प्रश्न पूछना है तो यह पूछिए की क्या इस ऑपरेशन में हमारे जवान सैनिकों को कोई क्षति हुई? तो उसका उत्तर है नहीं'। और इस पर सत्ता पक्ष ने जमकर ताली बजायी थी… मेज थपथपाई थी।"
सरकार की तरफ से अभी तक इस आरोप पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

कौन-कौन से जवान शहीद हुए?

मई 2025 में हुए ऑपरेशन सिंदूर में शहीद 6 सैनिकों के नाम अब आधिकारिक तौर पर जारी कर दिए गए हैं। शहीद सैनिकों के नाम हैं-
  • सूबेदार मेजर पवन कुमार - हेडक्वार्टर 10 इन्फैंट्री ब्रिगेड
  • राइफलमैन सुनील कुमार - 4 बटालियन, जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फैंट्री
  • लांस नायक दिनेश कुमार - 5 फील्ड रेजिमेंट
  • अग्निवीर मूड मुरलीनायक - 851 लाइट रेजिमेंट (अग्निवीर योजना के तहत भर्ती)
  • हवलदार सुनील कुमार सिंह - 237 फील्ड वर्कशॉप
  • सार्जेंट सुरेंद्र कुमार - 39 विंग, भारतीय वायु सेना
  • ज्यादातर सेना के जवान जम्मू-कश्मीर में ऑपरेशन के दौरान शहीद हुए।
राइफलमैन सुनील कुमार को वीर चक्र (मरणोपरांत) मिला है। 8 जून को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनके परिवार को यह सम्मान दिया। सार्जेंट सुरेंद्र कुमार को वायु मेडल प्रदान किया गया है। इन शहीदों के नाम राष्ट्रीय युद्ध स्मारक में स्थायी रूप से अंकित किए जाएंगे और वहां की वेबसाइट पर ‘रोल ऑफ ऑनर’ में प्रकाशित किए गए हैं।

बहरहाल, ऑपरेशन सिंदूर के शहीदों के नाम सार्वजनिक होने से देश में एक बार फिर सैनिक सम्मान और पारदर्शिता को लेकर बहस छिड़ गई है। कांग्रेस इसे सरकार की जवाबदेही का मुद्दा बता रही है और राजनाथ सिंह के बयान को लेकर सवाल उठा रही है।