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कांग्रेस सांसदों ने किया संसद परिसर में प्रदर्शन 

संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन कांग्रेस सांसदों ने संसद परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अगुवाई में हुआ। इस दौरान राहुल गांधी सहित पार्टी के कई सांसद मौजूद रहे। इससे पहले कांग्रेस ने विपक्षी दलों का बैठक बुलाई और इसमें संसद सत्र में रणनीति को लेकर चर्चा की। टीएमसी और आम आदमी पार्टी ने इसमें भाग नहीं लिया। 

सत्र शुरू होने से पहले लोकसभा के स्पीकर ओम बिड़ला ने तमाम राजनीतिक दलों के नेताओं से मुलाक़ात की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों से मिले और सत्र को लेकर चर्चा की। 

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि सरकार सदन में हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल मुद्दों को उठाएं लेकिन इस दौरान सदन, स्पीकर की गरिमा का भी ध्यान रखें। 

शुक्रवार को संविधान दिवस पर संसद हॉल में आयोजित कार्यक्रम का कई विपक्षी दलों ने बहिष्कार कर दिया था। इससे भी माना जा रहा है कि इस सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच तनातनी बनी रह सकती है। बीते संसद सत्र के दौरान कृषि क़ानूनों व पेगासस जासूसी मामले को लेकर खासा हंगामा हुआ था और सदन का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ था।

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संसद के मॉनसून सत्र में भी राहुल गांधी ने मोर्चा संभाला था और पेगासस जासूसी मामले, कृषि क़ानून पर सरकार को घेरा था। इस दौरान वह विपक्षी दलों के नेताओं के साथ साइकिल से संसद पहुंचे थे और ट्रैक्टर चलाकर भी संसद गए थे। तब कांग्रेस ने यह संदेश देने की कोशिश थी कि वह किसानों की आवाज़ को पुरजोर तरीक़े से उठाती रहेगी। 

हालांकि सरकार ने कृषि क़ानून वापस ले लिए हैं लेकिन किसानों ने कहा है कि वे एमएसपी सहित बाकी मांगों के पूरा होने तक अपना आंदोलन जारी रखेंगे। 

पेगासस जासूसी के मामले को लेकर कांग्रेस सड़क से संसद तक मोदी सरकार पर हमलावर रही थी। इस बार भी पार्टी इस मसले को उठा सकती है। 
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