पीएम नरेंद्र मोदी को सेशेल्स में मिले 'गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन' अवॉर्ड की सील में गलत स्पेलिंग Repubblic और Seycheeles को लेकर कांग्रेस ने तंज कसा है। इसने आरोप लगाया कि $175 मिलियन की आर्थिक मदद की घोषणा के बीच जल्दबाजी में यह अवॉर्ड तैयार किया गया।
कांग्रेस ने पीएम मोदी को मिले अवार्ड पर उठाए सवाल।
कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सेशेल्स के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन' से सम्मानित किए जाने पर बड़ा आरोप लगाया है। इसने कहा कि यह सम्मान हाल ही में बनाया गया और सेशेल्स को 175 मिलियन डॉलर यानी क़रीब 1400 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा के बदले प्रधानमंत्री को जल्दबाजी में दिया गया। कांग्रेस ने यह भी दावा किया कि जल्दबाजी में बनाए जाने के कारण इस सम्मान पत्र पर कई अंग्रेजी शब्दों की स्पेलिंग ग़लत छपी है।
कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि सेशेल्स ने यह नया सम्मान केवल चार दिन पहले शुरू किया और इसको सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया गया है। उन्होंने लिखा कि दुनिया अब समझ चुकी है कि प्रधानमंत्री मोदी को सम्मान देना आसान तरीका बन गया है। श्रीनेत ने आरोप लगाया कि इतनी जल्दबाजी थी कि सम्मान पत्र पर 'Republic' और 'Seychelles' जैसे शब्दों की स्पेलिंग भी गलत छाप दी गई।
कांग्रेस ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा के दौरान भारत ने सेशेल्स को 125 मिलियन डॉलर की क्रेडिट लाइन और 50 मिलियन डॉलर की अनुदान सहायता देने की घोषणा की है। श्रीनेत ने पोस्ट में कहा, "अवॉर्ड्स पाने की उनकी ज़िद की एक क़ीमत चुकानी पड़ रही है: सेशेल्स को $125 मिलियन की क्रेडिट लाइन और $50 मिलियन की ग्रांट देने का वादा किया गया है।' उनका साफ़ तौर पर आरोप है कि इस आर्थिक पैकेज और सम्मान के बीच सवाल उठना स्वाभाविक है।
'समाजवादी प्रार्टी: प्रहरी' नाम के एक यूज़र ने लिखा है, 'न केवल यह ‘सम्मान’ जून 24 को बनाया गया है, बल्कि भारत के पीएमओ को मिले सम्मान का साइटेशन AI सील द्वारा अलंकृत है। बीजेपी को इतनी शीघ्रता थी कि उन्होंने ‘REPUBBLIC’ और ‘SEYCHEELES’ का उच्चारण चेक किए बिना ही शेयर कर दिया।
पत्रकारों ने भी उठाए सवाल
वरिष्ठ पत्रकार सुहासिनी हैदर ने भी सोशल मीडिया पर सम्मान पत्र की तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि किसी देश के सर्वोच्च सम्मान के आधिकारिक दस्तावेज में उसके अपने देश के नाम 'Seychelles' की स्पेलिंग गलत होना बेहद असामान्य है।फैक्ट-चेकर मुहम्मद जुबैर ने भी ग़लतियों की ओर इशारा करते हुए कहा कि सम्मान पत्र में 'OPVS' की जगह 'OPUS', 'Republic' की जगह 'Repubblic' और 'Seychelles' की जगह 'Seycheeles' लिखा गया है।
किस सम्मान से नवाजे गए प्रधानमंत्री मोदी?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सेशेल्स सरकार ने 'गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन' सम्मान से सम्मानित किया है। यह देश का सर्वोच्च सम्मान बताया गया है, जो पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास और जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में नेतृत्व के लिए दिया जाता है।
सम्मान स्वीकार करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह इस सम्मान को पूरी विनम्रता से स्वीकार करते हैं और इसे उन सभी देशों को समर्पित करते हैं जो जलवायु परिवर्तन की चुनौती से लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण की रक्षा पूरी दुनिया की साझा जिम्मेदारी है और भारत अपने LiFE मिशन, इंटरनेशनल सोलर एलायंस तथा कोअलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी पहलों के जरिए हरित और टिकाऊ विकास के लिए लगातार काम कर रहा है।
सेशेल्स दौरे पर हैं प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन दिवसीय सेशेल्स दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी से द्विपक्षीय वार्ता की। दोनों देशों के बीच रक्षा, समुद्री सुरक्षा, विकास सहयोग और हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री सोमवार को सेशेल्स के गोल्डन जुबली राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। उनके राष्ट्रीय संसद को संबोधित करने और भारतीय समुदाय के लोगों से मिलने का भी कार्यक्रम है।
भारत-सेशेल्स संबंधों पर जोर
भारत और सेशेल्स के बीच लंबे समय से ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक संबंध रहे हैं। हिंद महासागर क्षेत्र में सेशेल्स भारत का अहम समुद्री साझेदार माना जाता है। भारत की 'विजन महासागर' नीति के तहत क्षेत्रीय सुरक्षा, विकास और सहयोग को बढ़ावा देने पर दोनों देश मिलकर काम कर रहे हैं।
विदेश दौरों के लिए निशाने पर रहे हैं पीएम
कांग्रेस सहित तमाम विपक्षी दल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश दौरों पर सवाल उठाते रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि पीएम मोदी ने 11 साल से ज़्यादा समय में 72 देशों के 150 से ज़्यादा विदेशी दौरे किए। उनका कहना है कि इन पर सरकारी खजाने से सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च हुए। वे सवाल उठाते हैं कि इतना खर्च करने के बावजूद भारत को क्या ठोस फायदा हुआ? विदेश नीति में 'अलगाव' क्यों बढ़ा?
विपक्ष ने यह भी सवाल उठाया कि हाल में जब पीएम मोदी ने जनता से ईंधन बचाने, विदेश यात्रा न करने, सोने की खरीदारी नहीं करने की अपील की तो वह खुद वीवीआईपी विदेश दौरों पर घूम रहे हैं।केवल फोटो-ऑप और इमेज बिल्डिंग
मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी सहित तमाम विपक्षी नेता सवाल उठाते रहे हैं कि 'क्या पीएम का काम सिर्फ विदेश जाकर फोटो खिंचवाना है?' विपक्ष कहता है कि दौरे 'सैर-सपाटा' या 'इवेंट मैनेजमेंट हैं, न कि ठोस कूटनीति। विदेश में मिलने वाले सम्मानों को विपक्ष इन्हें अक्सर 'फोटो-ऑप' या 'खुद की विश्वगुरु' की छवि बनाने की कोशिश बताता है। विपक्ष आरोप लगाता है कि इतना सब होने के बावजूद मोदी सरकार की विदेश नीति गर्त में चली गई है।
बहरहाल, सेशेल्स के सम्मान पत्र में कथित स्पेलिंग की गलतियों और आर्थिक सहायता की घोषणा को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, सरकार और बीजेपी का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी को यह सम्मान पर्यावरण संरक्षण और वैश्विक स्तर पर सतत विकास के लिए किए गए उनके योगदान के कारण मिला है। ऐसे में यह मुद्दा अब राजनीतिक बहस का नया विषय बन गया है।