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कोरोना: 24 घंटे में 3.57 लाख केस, अब तक 2 करोड़ से ज़्यादा मामले

देश में सोमवार को 24 घंटे में साढ़े तीन लाख से ज़्यादा नये पॉजिटिव केस आए। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से मंगलवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार एक दिन में 3 लाख 57 हज़ार 229 मामले आए और इस दौरान 3449 लोगों की मौत हुई। इसके साथ ही देश में अब तक कुल संक्रमित होने वालों की संख्या 2 करोड़ 2 लाख 82 हज़ार 833 हो चुकी है। भारत में अब तक 2 लाख 22 हज़ार 408 लोगों की मौत हो चुकी है। 

देश में सबसे ज़्यादा मामले एक मई को आए थे। तब 24 घंटे में 4 लाख से ज़्यादा केस आए थे। इसके बाद से संक्रमण के मामले कम ही आ रहे हैं। 

हालाँकि, सक्रिए मामलों की संख्या काफ़ी ज़्यादा हो गई है। देश में फ़िलहाल 34 लाख 47 हज़ार से ज़्यादा सक्रिय मामले हो चुके हैं।

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पिछले 24 घंटों में सबसे अधिक मामले महाराष्ट्र में 48,621 केस आए हैं। इसके बाद कर्नाटक में 44,438 मामले, उत्तर प्रदेश में 29,052 मामले, केरल में 26,011 मामले और तमिलनाडु में 20,952 मामले आए हैं।

सबसे ज़्यादा संक्रमण के मामले इन पाँच राज्यों से ही आए हैं। कुल नए मामलों में से 47.33% केस इन पाँचों राज्यों से ही आए हैं। इसमें से अकेले महाराष्ट्र में 13.61% केस आए हैं।

देश में दर्ज की गई 3,449 मौतों में से सबसे अधिक महाराष्ट्र में 567 मौतें दर्ज की गई हैं, इसके बाद दिल्ली में 448 मौतें हुई हैं। महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश और राजस्थान देश में सबसे अधिक प्रभावित राज्य हैं।

इतना ज़्यादा मामले आने की वजह से देश में स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है। 

अस्पतालों में बेड कम पड़ रहे हैं, ऑक्सीजन की भारी कमी है, ज़रूरी दवाएँ भी नहीं मिल पा रही है। इतनी बड़ी संख्या में लोग बीमार हैं कि मरीज़ों की देखभाल के लिए डॉक्टर भी पर्याप्त संख्या में नहीं हैं।

ऐसी कमी को देखते हुए मेडिकल इंटर्न्स और एमबीबीएस के अंतिम वर्ष के छात्रों को कोरोना मरीजों की देखभाल के काम में लगाया जाएगा। सरकार ने यह फ़ैसला इसलिए लिया है कि कोरोना संक्रमित लोगों की देखभाल के लिए अधिक संख्या में स्वास्थ्य कर्मी मिल सकें।

daily coronavirus cases registered 3.57 lakh in india - Satya Hindi

अंतिम वर्ष के एमबीबीएस छात्रों को कोरोना से हल्के रूप से प्रभावित लोगों के इलाज में लगाया जा सकेगा, जबकि इन्टर्न्स टेली-मेडिसिन में भाग ले सकेंगे। ये दोनों ही समूह के लोग वरिष्ठ डॉक्टर की देखरेख में ही काम करेंगे। इसी तरह जीएनएम यानी जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफ़ पास नर्सों को कोरोना मरीजों की देखभाल में लगाया जाएगा, पर वे भी वरिष्ठों की देखरेख में ही काम करेंगी। 

इसके साथ ही सरकार ने पोस्ट ग्रैजुएट मेडिकल कोर्स में दाखिले के लिए होने वाली परीक्षा भी टाल दी है और अब यह 31 अगस्त के बाद ही ली जाएगी।

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बता दें कि टीकाकरण अभियान भी जोर शोर से चलाया जा रहा है, लेकिन वैक्सीन की कमी की शिकायतें भी हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि 18-44 आयु वर्ग के 2.15 लाख से अधिक लाभार्थियों को पिछले 24 घंटों में कोरोना वैक्सीन की पहली खुराक मिली है। अब तक 18-44 आयु वर्ग में 4 लाख से अधिक वैक्सीन की खुराक दी जा चुकी है।
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