दारुल उलूम देवबंद (सहारनपुर)
दारूल उलूम देवबंद का कथित फतवा और अधिक स्पष्टता से आना चाहिए था। सवाल पूछने वाले शख्स ने शाररतपूर्ण ढंग से सवाल में इंडिया शब्द लिखा है। लेकिन दारुल उलूम की ओर से जवाब देने वाले मौलवी ने इंडिया शब्द पर ध्यान नहीं दिया और न सवाल पूछने वाले की शरारत पर ध्यान दिया। उसने गजवा ए हिन्द की अवधारणा बताने के चक्कर में सब गुड़गोबर कर दिया। स्पष्ट न होने के कारण दक्षिणपंथी संगठन इसे भारत के विरोध में मान रहे हैं। मीडिया में भी मदरसे की व्याख्या जिस तरह से की जा रही है, वो चिन्ताजनक हैं। कहा जा रहा है कि इस मुद्दे को यह कहकर सनसनीखेज बनाया गया है कि दारुल उलूम देवबंद ने जिहाद भड़काने वाला फतवा जारी किया है।