'NEET है, कि Cheat है' वाला पोस्टर लिए हुए डिंपल यादव ने कहा कि हम छात्रों के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि 'पूरी प्रक्रिया ही भ्रष्ट है और देश के युवा और छात्र ही इसका खामियाजा भुगत रहे हैं और भारी मानसिक तनाव से गुज़र रहे हैं।'
डिंपल यादव के नेतृत्व में सपा सांसद प्रोटेस्ट में शामिल हुए
संसद के मानसून सत्र के पहले दिन कथित पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में गड़बड़ियों का मुद्दा संसद से लेकर सड़क तक गूंजता रहा। समाजवादी पार्टी के सांसदों ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया और इसके बाद सांसद डिंपल यादव के नेतृत्व में जंतर-मंतर पहुंचकर छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया। सपा सांसदों ने हाथों में 'NEET है या CHEAT है?' लिखी तख्तियां लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता तथा छात्रों को न्याय देने की मांग की।
डिंपल यादव बोलीं- हम छात्रों के साथ हैं
जंतर-मंतर पहुंचने से पहले डिंपल यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि देश की पूरी परीक्षा व्यवस्था भ्रष्टाचार से प्रभावित हो चुकी है और इसका सबसे बड़ा नुकसान युवाओं और छात्रों को उठाना पड़ रहा है।उन्होंने कहा, 'हम छात्रों के साथ हैं। पूरी प्रक्रिया भ्रष्ट हो चुकी है। देश के युवा मानसिक तनाव झेल रहे हैं और सरकार उनकी बात सुनने के बजाय चुप बैठी है।' डिंपल यादव ने कहा कि देशभर के युवा अपनी समस्याएं सरकार के सामने रखना चाहते हैं, लेकिन सरकार संवाद करने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक भी लगातार सरकार से बातचीत की अपील कर रहे हैं, लेकिन सरकार किसी की बात सुनने को तैयार नहीं है।
'सरकार न निष्पक्ष परीक्षा चाहती है, न निष्पक्ष चुनाव'
डिंपल यादव ने आरोप लगाया कि देश में किसान, युवा और पर्यावरण से जुड़े लोग सभी परेशान हैं, लेकिन सरकार किसी की शिकायत नहीं सुन रही। उन्होंने कहा, 'छात्र सिर्फ निष्पक्ष परीक्षा चाहते हैं, लेकिन यह सरकार न निष्पक्ष परीक्षा चाहती है और न ही निष्पक्ष चुनाव।'
NEET पेपर लीक के विरोध में हो रहे प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने लोकसभा सांसद डिंपल यादव को हिरासत में ले लिया। समाजवादी पार्टी ने एक्स पर एक पोस्ट में लोकसभा सांसद डिंपल यादव को हिरासत में लिए जाने की निंदा की।
अखिलेश यादव ने लगाए गंभीर आरोप
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी केंद्र सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब छात्र अपनी मांग लेकर संसद तक आना चाहते हैं तो उन्हें लाठीचार्ज और पुलिस बल के जरिए रोक दिया जाता है। अखिलेश यादव ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी ने एक ऑडिट कराया था, जिसमें 20 से अधिक परीक्षाओं के पेपर लीक होने की बात सामने आई।
अखिलेश यादव ने कहा, 'हमारे ऑडिट में पता चला कि उत्तर प्रदेश में 20 से ज़्यादा पेपर लीक हुए। किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई क्योंकि इसमें बीजेपी से जुड़े लोगों का हाथ था।' हालाँकि, इन आरोपों पर सरकार की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
'सरकारी नौकरियाँ नहीं देना चाहती सरकार'
अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार सरकारी नौकरियों में भर्ती नहीं करना चाहती। उनका आरोप था कि यदि सरकारी नौकरियां निकलेंगी तो आरक्षण लागू करना पड़ेगा और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया अपनानी होगी। उन्होंने कहा कि छात्रों पर लाठीचार्ज बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और समाजवादी पार्टी उनके संघर्ष में साथ खड़ी रहेगी।
संसद में भी उठा NEET का मुद्दा
मानसून सत्र के पहले दिन संसद परिसर में भी समाजवादी पार्टी के सांसदों ने प्रदर्शन किया। डिंपल यादव, इकरा चौधरी, जिया उर रहमान, कृष्णा देवी, शिवशंकर पटेल, राजीव कुमार राय सहित कई सांसदों ने 'पेपर लीक' और 'NEET है या CHEAT है' लिखे बैनर लेकर प्रदर्शन किया। सपा सांसदों ने सरकार से परीक्षा घोटालों पर जवाब मांगा और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। सपा सांसद इकरा चौधरी ने कहा कि केवल जांच से काम नहीं चलेगा, बल्कि जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा, 'हम केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा चाहते हैं। सरकार को परीक्षा घोटालों की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।'
सपा सांसद जिया उर रहमान ने कहा कि पार्टी ने संसद में छात्रों की आवाज़ उठाई है। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह आंदोलन कर रहे छात्रों और प्रदर्शनकारियों से बातचीत करे। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक को जिस तरह धरना स्थल से हटाया गया, उससे भी छात्रों में नाराजगी है।
जंतर-मंतर पर 'चलो संसद' मार्च के दौरान बढ़ा तनाव
इधर, जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से आयोजित 'चलो संसद' मार्च के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई। सैकड़ों छात्र और युवा मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन से जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग की। दिल्ली पुलिस ने मार्च को आगे बढ़ने से रोकने के लिए कई जगह बैरिकेड लगाए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए लाठी और डंडों का भी इस्तेमाल किया। हालाँकि, पुलिस की ओर से बल प्रयोग या हिरासत में लिए गए लोगों को लेकर तत्काल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया।
भारी सुरक्षा व्यवस्था
मानसून सत्र के पहले दिन संसद और जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस ने कई स्तर की बैरिकेडिंग की थी और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रदर्शनकारी संसद की ओर मार्च निकालना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया।
शिक्षा व्यवस्था पर फिर गरमाई राजनीति
नीट पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार को घेर रहा है। समाजवादी पार्टी ने छात्रों के आंदोलन को खुला समर्थन देकर इस मुद्दे को संसद और सड़क दोनों जगह प्रमुखता से उठाया है। विपक्ष का आरोप है कि लगातार हो रहे पेपर लीक से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए ज़रूरी क़दम उठाए जा रहे हैं। ऐसे में मानसून सत्र के दौरान यह मुद्दा संसद में प्रमुख राजनीतिक बहस का विषय बना रह सकता है।