दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में बुधवार को हवा में कॉकपिट के भीतर हुई हिंसक घटना ने विमान में सवार यात्रियों की जान खतरे में डाल दी। इस दौरान भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर ने अपने सह-पायलट को रोकने की कोशिश की, जबकि सह-पायलट पर विमान के सिस्टम से छेड़छाड़ कर उसे दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश का आरोप है। इस संघर्ष में कैप्टन मच्छर घायल हुए और उन्हें चाकू मारे गये।
घटना के बाद कैप्टन मच्छर का नाम दुनिया भर में चर्चा में है। पीएम मोदी से लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने तारीफ की। इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उनकी बहादुरी की प्रशंसा करते हुए कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने संघर्ष किया, कॉकपिट का दरवाजा खोला और यात्रियों तथा चालक दल के सदस्यों को हमलावर पर काबू पाने में मदद मिली।

कौन हैं कैप्टन स्मित मच्छर?

कैप्टन स्मित मच्छर भारतीय नागरिक हैं और पिछले करीब चार वर्षों से फ्लाईदुबई के साथ काम कर रहे हैं। इससे पहले उन्होंने करीब 10 साल तक स्पाइसजेट में काम किया था। उनके LinkedIn प्रोफाइल के मुताबिक उन्हें Boeing 737 विमानों पर 13 साल से अधिक का व्यावसायिक उड़ान अनुभव है और वह 9,750 से अधिक घंटे उड़ान भर चुके हैं।
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मच्छर ने वर्ष 2011 में स्पाइसजेट से अपने विमानन करियर की शुरुआत की थी। वहां उन्होंने कई भूमिकाओं में काम किया, जिनमें लाइन ट्रेनिंग कैप्टन और सीनियर कमांडर शामिल हैं। जून 2022 में उन्होंने स्पाइसजेट छोड़ा और फ्लाईदुबई में डायरेक्ट एंट्री कैप्टन के तौर पर शामिल हुए। उनके भाई ने भी हाल ही में फ्लाईदुबई ज्वाइन किया है।

पायलट बनना बचपन का सपना नहीं था

दिलचस्प बात यह है कि कैप्टन मच्छर ने एक पुराने पॉडकास्ट में बताया था कि विमान उड़ाना उनका बचपन का सपना नहीं था। स्कूल के बाद उन्होंने अपने परिवार के कारोबार से जुड़े टेक्सटाइल इंजीनियरिंग कोर्स में दाखिला लिया था। इसके बाद उन्होंने मैनेजमेंट की पढ़ाई शुरू की। इसी दौरान एक एविएशन सेमिनार में उनकी दिलचस्पी विमानन क्षेत्र में पैदा हुई। उस समय उनकी उम्र करीब 19 वर्ष थी। उन्होंने बताया था कि उनकी मां उनके पायलट बनने के फैसले को लेकर चिंतित थीं, जबकि उनके पिता ने उनसे कहा था कि वह यह पता करें कि पायलट बनने के लिए क्या करना होगा और कहां प्रशिक्षण लेना है। मच्छर ने न्यूजीलैंड में पायलट ट्रेनिंग ली थी। उनके मुताबिक उस समय उनकी ट्रेनिंग पर करीब 16-17 लाख रुपये खर्च हुए थे, जबकि आज यही खर्च 80 लाख रुपये से अधिक हो सकता है।

Boeing 737 MAX की पहली बैच में ट्रेनिंग

कैप्टन मच्छर ने अपने पुराने इंटरव्यू में यह भी बताया था कि जिस एयरलाइन के साथ वह उस समय काम कर रहे थे, वह भारत में Boeing 737 MAX लाने वाली शुरुआती एयरलाइनों में थी और उन्हें इस विमान की ट्रेनिंग पाने वाले पहले बैच में शामिल किया गया था। उन्होंने Boeing 737 MAX से जुड़े दो बड़े हादसों के बाद अपने और अपने परिवार की चिंता का भी जिक्र किया था। उन्होंने कहा था कि भारतीय विमानन नियामक DGCA और एयरलाइन ने विमान को ग्राउंड करने में तेजी दिखाई थी। 

यात्रियों से बात करने को मानते थे जरूरी

कैप्टन मच्छर ने विमान में देरी के दौरान यात्रियों से संवाद को भी बेहद महत्वपूर्ण बताया था। उन्होंने एक पुराने अनुभव को याद करते हुए बताया था कि जब वह करीब 1,000 घंटे के अनुभव वाले फर्स्ट ऑफिसर थे, तब एक उड़ान में देरी के कारण यात्री काफी उत्तेजित हो गए थे और चालक दल पर दबाव बढ़ गया था।
उनके अनुसार, उस समय कैप्टन ने दो विकल्प रखे थे—कॉकपिट का दरवाजा बंद रखकर स्थिति सामान्य होने का इंतजार करना या कॉकपिट से बाहर जाकर यात्रियों से बात करना। बाद में जब मच्छर खुद कैप्टन बने तो उन्होंने यात्रियों को लगातार PA सिस्टम के जरिए जानकारी देने की शैली अपनाई। उनका मानना था कि अगर यात्रियों को सीधे कॉकपिट से जानकारी दी जाए तो लंबे इंतजार के दौरान भी स्थिति को संभालना आसान होता है। 

दबाव में शांत रहने की बात भी कर चुके थे

घटना से करीब एक साल पहले रिकॉर्ड किए गए एक वीडियो पॉडकास्ट में मच्छर ने कॉकपिट में पायलटों के व्यवहार और दबाव में काम करने के बारे में बात की थी। उन्होंने कहा था कि पायलट का मुख्य काम लगातार मॉनिटर करना है और कॉकपिट में ऐसी गहरी बातचीत से बचना चाहिए जिससे ध्यान भटक सकता है। उन्होंने यह भी बताया था कि महत्वपूर्ण परिस्थितियों में पायलटों के भीतर एक तरह का ‘स्विच-ऑन’ मोड होता है।
उनका कहना था कि कॉकपिट में पायलटों का चुप रहना इस बात का संकेत नहीं है कि वे डर गए हैं। उन्होंने खराब मौसम और तेज टर्बुलेंस के दौरान काम करने का अनुभव भी साझा किया था।

उनकी एक उड़ान में पैदा हुआ था बच्चा

कैप्टन मच्छर ने अपने पुराने इंटरव्यू में एक मेडिकल इमरजेंसी का भी जिक्र किया था। एक उड़ान के दौरान एक गर्भवती महिला को समय से पहले प्रसव पीड़ा शुरू हो गई थी। इसके बाद चालक दल ने कॉकपिट को जानकारी दी। मच्छर ने इसे डायवर्जन की स्थिति के तौर पर संभाला और नजदीकी एयरफील्ड, मौसम तथा विमान के वजन से जुड़े मानकों की जांच की। इसी दौरान विमान में ही बच्चे का जन्म हुआ। उन्होंने बताया था कि उस समय गलती की कोई गुंजाइश नहीं थी। उन्होंने जल्दबाजी के बजाय व्यवस्थित तरीके से विमान को उतारने की प्रक्रिया पूरी की और जमीन पर पैरामेडिक्स से समन्वय किया। विमान को ऐसी पार्किंग जगह दी गई जिससे मेडिकल मदद में देरी न हो। उनके मुताबिक मां और बच्चा दोनों सुरक्षित रहे।

फ्लाईदुबई की उड़ान में आखिर हुआ क्या?

FZ1073 बुधवार सुबह दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से इजरायल के बेन गुरियन इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए रवाना हुई थी। उड़ान के दौरान कॉकपिट में दोनों पायलटों के बीच हिंसक संघर्ष हुआ। इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू के मुताबिक, एक पायलट ने दूसरे पायलट पर चाकू से हमला किया और विमान को कथित तौर पर दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश की। इस दौरान कैप्टन मच्छर ने उसका विरोध किया। संघर्ष के दौरान विमान की ऊंचाई करीब 17,400 फीट से अधिक कम हो गई। 
नेतन्याहू के अनुसार, चालक दल के एक सदस्य ने कॉकपिट में प्रवेश कर विमान को स्थिर करने में मदद की। एक यात्री और चालक दल के सदस्य ने कथित हमलावर को काबू करने में भी भूमिका निभाई। इसके बाद विमान को अपने गंतव्य के बजाय सऊदी अरब की ओर मोड़ दिया गया और वहां सुरक्षित आपात लैंडिंग कराई गई। फ्लाईदुबई के मुताबिक सभी यात्री और चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं। संदिग्ध को गिरफ्तार कर सऊदी अधिकारियों द्वारा पूछताछ की जा रही है।

विमान में किन देशों के लोग सवार थे?

इजरायल के विदेश मंत्रालय के अनुसार विमान में इजरायल, भारत और संयुक्त अरब अमीरात के नागरिक सवार थे। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार चार यात्रियों के पास अमेरिकी नागरिकता भी थी। फ्लाईदुबई ने घटना की जांच जारी रहने तक इजरायल से आने-जाने वाली अपनी उड़ानों को निलंबित करने की घोषणा की है। कंपनी ने घटना के कारण और मकसद को लेकर जल्दबाजी में किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचने की अपील की है। 

क्या यह आतंकी हमला थाः घटना के शुरुआती चरण में विमान के अपहरण या आतंकी हमले की आशंका सामने आई थी। हालांकि, फ्लाईदुबई ने आधिकारिक तौर पर इसे कॉकपिट में हुई “altercation” यानी हिंसक झड़प बताया है और कहा है कि घटना के कारणों और मकसद की औपचारिक जांच की जा रही है। इसलिए सह-पायलट के मकसद या घटना को आतंकवादी हमला घोषित करने के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

अभी क्या स्थिति है?

कैप्टन स्मित मच्छर घटना में घायल हुए हैं और उनकी हालत को लेकर भारतीय अधिकारियों ने उन्हें स्थिर बताया है। दूसरी ओर, कथित हमलावर सऊदी अधिकारियों की हिरासत में है और घटना की जांच जारी है। फ्लाईदुबई ने भी कहा है कि घटना के कारणों और मकसद को लेकर जांच पूरी होने तक किसी तरह की अटकल से बचना चाहिए।
इस पूरी घटना में कैप्टन मच्छर का विमानन अनुभव खास तौर पर महत्वपूर्ण है। 13 साल से अधिक का Boeing 737 अनुभव, 9,750 से ज्यादा उड़ान घंटे और प्रशिक्षण कप्तान के तौर पर उनका अनुभव उस पृष्ठभूमि को दिखाता है जिसमें उन्होंने संकट के बीच निर्णय लिया। हालांकि, घटना के प्रत्येक तकनीकी और सुरक्षा पहलू का अंतिम आकलन आधिकारिक जांच के बाद ही किया जा सकेगा।