स्कूली छात्रों के स्थानीय मुद्दों को लेकर सड़क पर उतरने की घटनाएं अब एक के बाद एक सामने आ रही हैं। उत्तर प्रदेश के लखनऊ, आजमगढ़ और फतेहपुर के बाद उन्नाव में Gen Alpha छात्रों ने स्कूल में शिक्षकों की कमी, भोजन और बुनियादी सुविधाओं को लेकर प्रदर्शन किया। मध्य प्रदेश में भी छात्रों के दो अलग-अलग विरोध सामने आए हैं। विदिशा के सिरोंज में बस किराया बढ़ाने के खिलाफ छात्राओं ने प्रदर्शन किया, जबकि भोपाल में PM Shri Demonstration Multipurpose School (DMS) को Kendriya Vidyalaya Sangathan (KVS) में मिलाने के प्रस्ताव का छात्रों ने विरोध किया।

उन्नाव में छात्रों ने सड़क जाम की

उत्तर प्रदेश के उन्नाव में 19 अगस्त को Gen Alpha छात्रों ने अपने स्कूल की व्यवस्थाओं को लेकर विरोध किया। छात्रों की प्रमुख शिकायत शिक्षकों की कमी और स्कूल में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता को लेकर थी। छात्रों ने स्कूल की समस्याओं को लेकर सड़क पर प्रदर्शन किया और जाम लगा दिया। स्थिति को देखते हुए प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत कर उनकी शिकायतें सुनीं और समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।
यह प्रदर्शन इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि छात्र अपनी शिकायतों को केवल स्कूल प्रशासन या अभिभावकों तक सीमित रखने के बजाय सामूहिक रूप से सार्वजनिक मंच पर उठा रहे हैं। राजस्थान में भी इसी तरह गांव-गांव में जेन अल्फा आंदोलन फैल गया है। राजस्थान से तमाम वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैं।
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सिरोंज में ₹25 किराये के खिलाफ छात्राओं का आंदोलन

मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के सिरोंज में छात्राओं ने निजी बसों के बढ़े हुए किराये के खिलाफ प्रदर्शन किया। स्कूली छात्रों के लिए रियायती किराया ₹10 से बढ़ाकर ₹25 किए जाने का विरोध करते हुए बड़ी संख्या में छात्राएं बस स्टैंड पर पहुंचीं। इनमें बड़ी संख्या ऐसी छात्राओं की थी जो आसपास के ग्रामीण इलाकों से सिरोंज पढ़ने आती हैं। छात्राओं का कहना था कि बढ़ा हुआ किराया उनके परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रहा है और इससे उनकी नियमित स्कूल उपस्थिति भी प्रभावित हो सकती है।
करीब आधे घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद SDM ओम नारायण बड़कुल और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने बस संचालकों से बातचीत का भरोसा दिया। बाद में किराया पुराने स्तर पर वापस करने का फैसला हुआ। इसके बाद विदिशा RTO ने छात्रों के लिए नए निर्धारित किराये पर 50 फीसदी रियायत की घोषणा भी की।

भोपाल में DMS को KVS में मिलाने का विरोध

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में Gen Alpha छात्रों का मुद्दा और व्यापक है। PM Shri Demonstration Multipurpose School यानी DMS, जो NCERT द्वारा संचालित है, के प्रस्तावित विलय को लेकर छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया। मंगलवार को बड़ी संख्या में DMS के छात्रों ने स्कूल परिसर के बाहर प्रदर्शन किया। छात्रों की मुख्य मांग थी कि स्कूल की अलग पहचान और उसकी मौजूदा शैक्षणिक व्यवस्था को बरकरार रखा जाए। छात्रों को आशंका है कि KVS में विलय के बाद स्कूल की पहचान, प्रशासनिक व्यवस्था और वर्षों से चली आ रही शैक्षणिक परंपराओं में बदलाव हो सकता है।
प्रदर्शन को छात्रों ने केवल प्रशासनिक बदलाव का मुद्दा नहीं माना, बल्कि इसे अपने स्कूल की पहचान और भविष्य से जुड़ा सवाल बताया। इसी वजह से छात्रों ने सामूहिक रूप से सड़क पर उतरकर प्रस्तावित विलय के खिलाफ आवाज उठाई।

मध्य प्रदेश में सिर्फ बस किराया नहीं, स्कूलों के विलय का भी सवाल

मध्य प्रदेश में Gen Alpha के प्रदर्शनों का दायरा अब केवल फीस या परिवहन तक सीमित नहीं दिख रहा। हाल में उज्जैन जिले में भी बड़ी संख्या में छात्राओं ने सरकारी स्कूलों को दूसरे स्कूलों में स्थानांतरित या विलय किए जाने की योजना के खिलाफ प्रदर्शन किया था। द न्यू इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, राज्य के अलग-अलग हिस्सों में स्कूली बच्चों ने स्कूल स्थानांतरण, परिवहन खर्च और बुनियादी शिक्षा सुविधाओं जैसे मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया है। अखबार ने इसे Gen Alpha की उभरती सार्वजनिक सक्रियता के व्यापक रुझान के रूप में देखा।

राजस्थान में सीजेपी फिर से आंदोलन शुरू करेगी

पश्चिम बंगाल की घटना के कारण कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का फोकस राजस्थान से पश्चिम बंगाल पर था। लेकिन सीजेपी के सह संयोजक आशुतोष रांका ने आज 19 अगस्त को ट्वीट करके आंदोलन फिर से शुरू करने की बात कही है। आशुतोष ने एक्स पर लिखा है- बंगाल में तीन दिन बिताने के बाद जयपुर वापसी कर रहा हूँ। अगले कुछ दिन पूरी टीम के साथ राजस्थान के स्कूलों का दौरा करूँगा। मदन दिलवार जी - आपके लिए एक ऑफर है। आपके कार्यकाल के दौरान बने 10 सबसे शानदार स्कूल बताइए। मैं और मेरी टीम वहाँ का भी दौरा करेगी। आपके पास दिखाने के लिए ऐसे 10 स्कूल तो होंगे ही?

अभिजीत दिपके ने वीडियो पोस्ट किए

सीजेपी के संयोजक अभिजीत दिपके ने बुधवार 19 अगस्त को स्कूलों की बदहाली के कई वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट की हैं। दिपके का कहना है कि क्यों नहीं पीएम केयर्स फंड का पैसा ऐसे स्कूलों पर क्यों नहीं खर्च किया जा रहा है। आखिर ये पैसा कब काम आएगा। 

Gen Z के बाद Gen Alpha की सड़क पर एंट्री?

Gen Alpha आम तौर पर लगभग 2010 के बाद जन्मी पीढ़ी को कहा जाता है। इनमें से ज्यादातर छात्र अभी मतदान की उम्र तक नहीं पहुंचे हैं और न ही उनके पास औपचारिक राजनीतिक प्रतिनिधित्व है। इसके बावजूद स्कूल, परिवहन और शिक्षा से जुड़े सीधे सवालों पर उनका सामूहिक रूप से सड़क पर उतरना एक नए सामाजिक बदलाव की ओर संकेत करता है।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर Gen Z और छात्रों के विरोध के बाद सिरोंज की छात्राओं का प्रदर्शन और फिर उन्नाव तथा भोपाल में छात्रों का सड़क पर उतरना इस बहस को और तेज कर रहा है कि क्या भारत में छात्रों की नई पीढ़ी अपने रोजमर्रा के अधिकारों को लेकर ज्यादा मुखर हो रही है। हालांकि इन सभी घटनाओं को एक संगठित राष्ट्रव्यापी आंदोलन कहना अभी जल्दबाजी होगी। लेकिन इन घटनाओं में एक समानता जरूर है- छात्र अपनी शिकायतों को लेकर सीधे प्रशासन से जवाब मांग रहे हैं और कई मामलों में उनका दबाव तत्काल फैसलों में बदलाव भी करा रहा है। सिरोंज में किराया वापस होना इसका सबसे स्पष्ट उदाहरण है।

क्या यह सिर्फ संयोग है या नए छात्र आंदोलन का संकेत?

उन्नाव में शिक्षक और भोजन की समस्या, सिरोंज में बस किराया और भोपाल में स्कूल के विलय का सवाल- तीनों मुद्दे अलग हैं। लेकिन तीनों जगह छात्रों ने पारंपरिक शिकायत व्यवस्था से आगे बढ़कर सामूहिक प्रदर्शन का रास्ता चुना। इसलिए इन घटनाओं को केवल अलग-अलग स्थानीय विरोध के रूप में देखने के साथ-साथ नई पीढ़ी के बदलते सामाजिक व्यवहार के संदर्भ में भी देखना जरूरी है। Gen Alpha के ये शुरुआती प्रदर्शन अभी छोटे और स्थानीय मुद्दों से जुड़े हैं, लेकिन अगर शिक्षा, परिवहन, फीस, स्कूल विलय और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े ऐसे विरोध अलग-अलग राज्यों में जारी रहते हैं, तो आने वाले समय में यह भारतीय छात्र राजनीति और नागरिक सक्रियता का नया रूप बन सकता है।