प्रसिद्ध शायर और गीतकार जावेद अख्तर को हिजाब विवाद पर सफाई देना पड़ी। नीतीश कुमार विवाद सामने आने के बाद जावेद के पुराने वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। उनमें वो पर्दे के खिलाफ बोलते नज़र आ रहे हैं। लेकिन गुरुवार को उन्हें बोलना पड़ा।
मशहूर शायर, पटकथा लेखक और गीतकार जावेद अख्तर का महिलाओं के हिजाब पहनने पर सवाल उठाता एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। यह वीडियो ऐसे समय सामने आया है, जब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा एक महिला डॉक्टर के चेहरे से हिजाब हटाने की घटना को लेकर देशभर में आलोचना और प्रदर्शन हो रहे हैं। उस महिला डॉक्टर ने बिहार छोड़ दिया और सरकारी नौकरी करने से भी मना कर दिया। लेकिन जावेद अख्तर ने वायरल वीडियो के बाद एक्स पर अपना बयान जारी किया।
यह वीडियो हाल ही में आयोजित एसओए लिटरेरी फेस्टिवल (तीसरा संस्करण) का है, जहां जावेद अख्तर से पूछा गया था कि क्या किसी महिला का चेहरा ढकना उसे कमज़ोर बनाता है। इस सवाल के जवाब में जावेद अख्तर ने हिजाब और बुर्का पहनने के पीछे के तर्क पर सवाल उठाए और कहा कि महिला को अपना चेहरा ढकने की कोई ज़रूरत नहीं है।
कार्यक्रम में जावेद अख्तर ने कहा था कि पुरुष और महिला दोनों को सलीके से कपड़े पहनने चाहिए, लेकिन महिला के चेहरे को ढकने का औचित्य समझ से परे है। उन्होंने कहा, “चेहरे में ऐसा क्या अश्लील या अपमानजनक है कि उसे ढका जाए? क्या महिला अपने चेहरे से शर्मिंदा है?” उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई महिला इसे अपनी ‘स्वेच्छा’ बताती है, तो वह सामाजिक दबाव और ब्रेनवॉशिंग का नतीजा हो सकता है, क्योंकि समाज में इसे तारीफ मिलती है।
नीतीश कुमार की घटना से जोड़ा जा रहा है मामला
यह बहस उस घटना के बाद और तेज़ हो गई, जब बिहार में नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक महिला आयुष डॉक्टर के चेहरे से हिजाब हटा दिया। यह घटना मुख्यमंत्री सचिवालय ‘संवाद’ में हुई, जहां एक हज़ार से अधिक आयुष डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र दिए जा रहे थे। पीटीआई के अनुसार, जब नुसरत परवीन नाम की डॉक्टर मंच पर पहुंचीं, तो मुख्यमंत्री ने “यह क्या है?” कहते हुए उनका हिजाब नीचे कर दिया। इस दौरान मौजूद अधिकारी और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी उन्हें रोकने की कोशिश करते भी दिखे। इस घटना को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं।जावेद अख्तर का स्पष्टीकरण
विवाद बढ़ने के बीच जावेद अख्तर ने गुरुवार को ट्वीट कर स्पष्ट किया कि वे पारंपरिक ‘पर्दा’ प्रथा के खिलाफ़ हैं, लेकिन नीतीश कुमार की इस हरकत से वे बिल्कुल सहमत नहीं हैं। उन्होंने लिखा, “मैं इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करता हूं। नीतीश कुमार को उस मुस्लिम महिला डॉक्टर से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए।”जावेद अख्तर के बयान का वीडियो रेडिट सहित कई प्लेटफॉर्म्स पर साझा किया गया, जहां कुछ यूज़र्स ने इसे तार्किक और प्रगतिशील सोच बताया, जबकि कुछ ने इसे महिलाओं की व्यक्तिगत पसंद में दखल करार दिया। हिजाब, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और सामाजिक दबाव को लेकर यह बहस एक बार फिर देश के बहस के केंद्र में आ गई है।
गौरतलब है कि 2019 में भी जावेद अख्तर ने बुर्का और घूंघट दोनों को खत्म किए जाने की वकालत की थी। तब उन्होंने कहा था कि उनके परिवार में कामकाजी महिलाएं रही हैं और उन्होंने कभी इस तरह की परंपरा नहीं देखी।