इंडिया ब्लॉक की रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘चलो दिल्ली’ रैली के लिए मार्च शुरू हो गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित विपक्ष के कई प्रमुख नेता इस रैली में शामिल हैं। विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई है। उनका आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के दौरान बड़े पैमाने पर गड़बड़ियाँ हुई हैं और मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए गए हैं। विपक्ष इस रैली को लोकतंत्र और संविधान की रक्षा से जुड़ा आंदोलन बता रहा है।

रामलीला मैदान में इंतज़ार कर रहे हैं हज़ारों समर्थक

दिल्ली के रामलीला मैदान में हज़ारों समर्थक इकट्ठा हुए हैं। वे तिरंगा लहरा रहे हैं और नारे लगा रहे हैं, और 'इंडिया' गठबंधन के नेताओं के यहाँ पहुँचने का इंतज़ार कर रहे हैं, जो एक बड़ी रैली के लिए आ रहे हैं। यहाँ भारी भीड़ उमड़ी है और विपक्ष की यह रैली जल्द ही शुरू होने वाली है।
रामलीला मैदान में रैली के लिए बड़ी संख्या में लोग जुट रहे हैं। INDIA गठबंधन ने इस आयोजन के जरिए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और चुनाव आयोग पर राजनीतिक दबाव बनाने की तैयारी की है। विपक्ष का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर उठ रहे सवालों का जवाब मिलना चाहिए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद छोड़ना चाहिए।
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रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित कई विपक्षी नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है।

SIR विवाद के खिलाफ विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन

INDIA गठबंधन की इस रैली का मुख्य मुद्दा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR है। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि इस प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए और कई जगह मतदाता सूची में गंभीर गड़बड़ियां सामने आई हैं। विपक्ष का कहना है कि चुनाव आयोग की जिम्मेदारी निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराना है। ऐसे में अगर मतदाता सूची से जुड़े मामलों में अनियमितताएं सामने आती हैं तो आयोग को जवाब देना चाहिए।
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कांग्रेस सहित विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं। उनकी मांग है कि कुमार अपने पद से इस्तीफा दें। विपक्ष इस मुद्दे को केवल किसी एक राज्य या चुनाव तक सीमित नहीं मान रहा, बल्कि इसे देश की चुनावी व्यवस्था और लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता से जोड़ रहा है। राहुल गांधी ने लोगों से इस रैली में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने छात्रों, नागरिक समाज के संगठनों और आम लोगों से भी आंदोलन का हिस्सा बनने का आग्रह किया है। राहुल ने इसे लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की लड़ाई बताया है।

राहुल गांधी की खरीदारी की अपील

रैली को लेकर राहुल गांधी ने एक और अपील की है। उन्होंने प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों से कहा है कि वे स्थानीय दुकानदारों से भी खरीदारी करें। दरअसल, रैली ऐसे समय हो रही है जब देश में त्योहारों का मौसम है। राहुल गांधी ने लोगों से स्थानीय कारोबारियों और दुकानदारों का समर्थन करने की बात कही है। कांग्रेस की ओर से इस अपील को रैली में शामिल होने वाले लोगों और स्थानीय व्यापारियों के बीच सहयोग बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

10 लाख लोगों के जुटने का दावा

रामलीला मैदान में होने वाली इस रैली को लेकर भीड़ के आकार पर भी चर्चा है। विपक्षी दलों को उम्मीद है कि रैली में करीब 10 लाख लोग शामिल हो सकते हैं। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का अनुमान है कि मैदान में लगभग 50 हजार लोग जुटेंगे। रामलीला मैदान की क्षमता करीब 50 हजार लोगों की बताई गई है। ऐसे में अगर भीड़ इससे ज्यादा होती है तो मैदान के आसपास के इलाकों में भी लोगों की मौजूदगी बढ़ सकती है।
रैली के लिए सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक का समय तय किया गया है। दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 3,000 से ज्यादा पुलिसकर्मी और 10,000 अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य मैदान में भीड़ को नियंत्रित रखना और यह सुनिश्चित करना है कि प्रदर्शनकारी वहां से निकलकर जंतर-मंतर की ओर न बढ़ें।