मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) को लेकर चुनाव आयोग और विपक्ष के बीच चल रहा विवाद मंगलवार को और तेज हो गया। INDIA ब्लॉक के विपक्षी सांसद आज संसद परिसर से चुनाव आयोग के मुख्यालय तक मार्च निकाल रहे हैं। विपक्षी दलों का आरोप है कि SIR की प्रक्रिया और मतदाता पंजीकरण से जुड़े फॉर्म में किए गए बदलावों को लेकर चुनाव आयोग ने पारदर्शिता नहीं बरती। विपक्ष इस पूरे विवाद के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके इस्तीफे की मांग कर रहा है।

राहुल-प्रियंका हिरासत में

पुलिस ने कांग्रेस सांसदों राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को हिरासत में ले लिया है क्योंकि उनके पास आज चुनाव आयोग मुख्यालय तक विपक्षी दल के विरोध मार्च के लिए अनुमति नहीं थी। कई विपक्षी सांसदों को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।

धरने पर बैठे राहुल गांधी-प्रियंका गांधी वाड्रा

नीति आयोग के पास नेता विपक्ष राहुल गांधी और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा धरने पर बैठ गये हैं। उनके साथ कांग्रेस के कई सांसद शामिल हैं। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर निशाना साधते हुए फेसबुक पर लिखा, “ज्ञानेश, अब बस हो गया भाई। इस्तीफा देने का समय आ गया है।” 
उन्होंने इस पोस्ट के साथ एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें इंडिया ब्लॉक द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संसद से चुनाव आयोग मुख्यालय तक निकाले गए विरोध मार्च को दिखाया गया है।

पुलिस बैरिकेड पर चढ़े सांसद

समाजवादी पार्टी के सांसदचुनाव आयोग के कार्यालय की ओर जाते हुए नीति आयोग के कार्यालय के पास दिल्ली पुलिस की बैरिकेडिंग पर चढ़ गए। चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर बढ़ रहे सांसदों का सुरक्षाकर्मियों से टकराव होने की आशंका है। सुरक्षाकर्मियों ने गुट को भवन की ओर बढ़ने से रोकने के लिए कई स्तरों पर बैरिकेड लगा दिए हैं। नीति आयोग के सामने सहित कई जगहों पर बैरिकेड लगाए गए हैं। विपक्ष ज्ञानेश कुमार का पुतला जलाने की भी तैयारी कर रहा है।

अखिलेश यादव दिल्ली पहुंचे, मार्च में शामिल

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव भारत ब्लॉक के विरोध मार्च के लिए आज सुबह दिल्ली पहुंचे। दिल्ली पहुंचने के बाद उन्होंने कहा, “चुनाव आयोग के मामले में यह कोई नया मुद्दा नहीं है। चुनाव आयोग और उसके कामकाज के खिलाफ शिकायतें और आपत्तियां पहली बार नहीं उठाई जा रही हैं। ऐसा लगता है कि चुनाव आयोग का मानना ​​है कि केवल भारतीय जनता पार्टी के सदस्य ही भारतीय नागरिक हैं।” उन्होंने आगे कहा कि कई मौकों पर ऐसा प्रतीत होता है कि चुनाव आयोग का यह भी मानना ​​है कि केवल भाजपा के सदस्यों को ही वोट देने का अधिकार है। उन्होंने कहा, “लोग कहते थे कि भाजपा एक चुनावी मशीन की तरह काम करती है और केवल चुनावी प्रक्रिया से चुनाव नहीं जीतती। उसके पास बहुत पैसा है। बंगाल में हमने देखा कि कैसे बल प्रयोग करके बूथों पर कब्जा किया गया। और यह केवल बंगाल में ही नहीं हुआ। इससे पहले उत्तर प्रदेश में भी ऐसा हुआ था।” अखिलेश के मार्च में शामिल होने से उन तत्वों को धक्का लगा है जो इंडिया गठबंधन में दरार की अफवाहें फैला रहे थे।
  • CISF के DIG संजय कुमार सैन, संसद सुरक्षा कर्मचारियों के साथ, आज मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार मामले को लेकर मकर द्वार से भारतीय चुनाव आयोग तक होने वाले भारत ब्लॉक के सांसदों के विरोध मार्च से पहले संसद परिसर के बाहर सुरक्षा का जायजा ले रहे हैं।

विपक्षी दलों का चुनाव आयोग तक मार्च शुरू हो गया है

इतनी सुरक्षा की ज़रूरत क्यों पड़ीः राउत

शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने सवाल उठाया कि सांसदों के लिए इतनी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की क्या जरूरत है। उन्होंने कहा, “उन्होंने सीमा सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) तैनात किया है और संसद भवन से निर्वाचन सदन तक हजारों सीआईएसएफ कर्मियों को भेजा है। मुझे अभी पता चला है कि सभी मंत्रियों के घरों के बाहर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इसकी क्या जरूरत है? हम सांसद हैं। हम संसद सदस्य हैं। हम इस देश के नागरिक भी हैं। हमें रोकने के लिए इतनी बड़ी संख्या में बल तैनात करने की क्या जरूरत है? हम पैदल ही जाएंगे। हम निहत्थे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “हम निर्वाचन सदन जाकर ज्ञानेश कुमार से कहना चाहते हैं, ‘भाई, इस्तीफा दे दीजिए। आपने देश के साथ बहुत गलत किया है। आप देश के दुश्मन हैं।’” सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि आप झूठे व्यक्ति हैं। सुप्रीम कोर्ट को फॉर्म 6 में किए गए बदलावों की जानकारी नहीं थी, क्या ऐसा था? सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि फॉर्म 6 में बदलाव गुप्त रूप से किए गए थे, और ज्ञानेश कुमार कह रहे थे कि उन्हें इसकी जानकारी थी। इसलिए, वह झूठे हैं। ऐसे व्यक्ति को कोई नैतिक अधिकार नहीं है," उन्होंने आगे कहा।

केंद्रीय चुनाव आयोग के दफ्तर पर भारी पुलिस बल तैनात है

10 अक्टूबर से पहले ज्ञानेश का इस्तीफा?

आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने मंगलवार को X पर एक पोस्ट में कहा, "मेरे सूत्र के अनुसार ज्ञानेश कुमार 10 अक्टूबर से पहले इस्तीफा दे सकते हैं।" यह पोस्ट चुनाव आयोग (ECI) द्वारा उनके नेतृत्व में लिए गए कथित "एकतरफा" निर्णयों, विशेष रूप से मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग के बीच आई है।

राहुल गांधी को सत्ता में लाने के लिए विपक्ष का मार्चः संबित पात्रा

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने मंगलवार को दिल्ली स्थित चुनाव आयोग मुख्यालय तक 'इंडिया ब्लॉक' के नियोजित विरोध मार्च को "देश की कुछ विपक्षी पार्टियों, विशेषकर कांग्रेस पार्टी द्वारा सरकार बदलने और राहुल गांधी को सत्ता में लाने का प्रायोजित प्रयास" बताया। उन्होंने कहा, "इसके लिए भारत के लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं पर प्रायोजित हमला किया जा रहा है। यह प्रक्रिया कुछ महीने पहले शुरू नहीं हुई, बल्कि वर्षों से चल रही है। शुरुआत से ही कांग्रेस पार्टी ने हर संभव तरीके से राहुल गांधी को सत्ता में लाने और फिर से स्थापित करने की कोशिश की है। कई प्रयासों के बावजूद जब राहुल गांधी सत्ता में नहीं आ सके, तो कांग्रेस पार्टी और उसके कुछ सहयोगियों ने अंततः यह तय किया कि चाहे अराजकता के माध्यम से ही सही, वे देश के लोकतंत्र पर हमला करेंगे।" मंगलवार सुबह पीटीआई समाचार एजेंसी द्वारा प्रसारित उनकी प्रेस ब्रीफिंग के वीडियो में यह बात सामने आई है।