SIR और मतदाता सूची विवाद के बीच INDIA ब्लॉक की बुधवार को दिल्ली में बैठक हो रही है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग फिर उठाई। खड़गे ने चुनावी प्रक्रिया में भरोसा बहाल करने पर जोर दिया।
दिल्ली में बुधवार को इंडिया गठबंधन की बैठक
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) को लेकर चुनाव आयोग और विपक्ष के बीच बढ़ते विवाद के बीच INDIA ब्लॉक ने देशभर में ‘लोकतंत्र बचाओ मार्च’ (Save Democracy March) निकालने का ऐलान किया है। विपक्षी गठबंधन के मुताबिक यह अभियान 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर 2026 तक जिला स्तर पर चलाया जाएगा। इसका उद्देश्य SIR और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर विपक्ष की आपत्तियों को जनता के बीच ले जाना तथा गठबंधन की एकजुटता प्रदर्शित करना है। 1 नवंबर को विपक्ष दिल्ली में एक बड़ी रैली भी करेगा।
2 से 8 अक्टूबर तक जिला स्तर पर मार्च
Times of India की रिपोर्ट के मुताबिक INDIA ब्लॉक ने बुधवार को सप्ताह भर चलने वाले इस अभियान की घोषणा की। इसके तहत देश के अलग-अलग जिलों में मार्च और विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विपक्षी दल SIR प्रक्रिया को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी चिंता जताते रहे हैं। इस अभियान के जरिए विपक्ष मतदाता सूची में बदलाव, नाम हटाए जाने और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता जैसे मुद्दों को राजनीतिक बहस के केंद्र में लाना चाहता है।विपक्षी दलों का देशव्यापी विरोध कार्यक्रम
- 1. 2 से 8 अक्टूबर तक जिला स्तरीय “लोकतंत्र बचाओ” मार्च।
- 2. 6 अक्टूबर को सभी विपक्षी सांसद चुनाव आयोग तक मार्च करेंगे।
- 3. विपक्षी नेता अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में भारत के राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगेंगे।
- 4. विपक्षी दलों द्वारा पांच विशाल रैलियां।
- 5. 1 नवंबर को दिल्ली में एक विशाल रैली।
- 6. इंडिया ब्लॉक के नेता सुप्रीम कोर्ट में लंबित एसआईआर और चुनावी मामलों से संबंधित सभी मामलों के शीघ्र निपटारे की अपील करेंगे।
CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
SIR विवाद के साथ-साथ विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी तेज कर दी है। INDIA ब्लॉक की बैठक का एक प्रमुख एजेंडा संयुक्त आंदोलन की रणनीति तैयार करना था। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, जयराम रमेश और के.सी. वेणुगोपाल के अलावा तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी तथा सीपीएम के एमए बेबी, एनसीपी-एसपी और शिवसेना (UBT) के नेता शामिल हुए।बैलेट पेपर से चुनाव की मांग उठी
चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर जारी विवाद के बीच विपक्षी INDIA ब्लॉक ने एक बार फिर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) की जगह बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग उठाई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार को INDIA ब्लॉक की बैठक में कहा कि चुनावी व्यवस्था में जनता का भरोसा बहाल करने के लिए बैलेट पेपर पर लौटना जरूरी है।बैठक में खड़गे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की भी मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं और आयोग के दो अन्य चुनाव आयुक्तों- सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी- ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार कुछ फैसलों और आदेशों पर आपत्ति दर्ज कराई। इन आपत्तियों के बारे में इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट सामने आने के बाद चुनाव आयोग ने कहा है कि संस्थानों में अलग-अलग विचार और टिप्पणियां सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं तथा उसके सभी आदेश कानूनी और निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुरूप हैं।
‘एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य’ कमजोर नहीं होने देंगे
खड़गे ने कहा कि लोकतंत्र का मूल सिद्धांत “एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य” है और INDIA ब्लॉक इसे कमजोर नहीं होने देगा। उन्होंने कहा कि मतपत्र जनता का है और सरकार चलाने का जनादेश भी जनता का है। इसलिए लोकतांत्रिक व्यवस्था में अंतिम और निर्विवाद अधिकार मतदाताओं का होना चाहिए।उन्होंने कहा कि विपक्ष का उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना और लोगों का विश्वास कायम रखना है। उनके मुताबिक, किसी भी चुनाव को विश्वसनीय बनाने के लिए स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव आयोग जरूरी है।