दिल्ली से लेकर मुंबई तक और छोटे शहरों से लेकर बड़े शहरों तक में आज शुक्रवार को ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन शुरू हो गये हैं। इसका आह्वान इंडिया गठबंधन के दलों और कॉकरोच जनता पार्टी ने किया है। यहां ताज़ा अपडेट जानिएः
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूचियों तथा विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विवाद के बीच आज 2 अक्टूबर को दिल्ली और मुंबई में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विपक्ष से जुड़े नेताओं ने प्रदर्शन का आह्वान किया है, जबकि मुंबई में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शाम 4 बजे शिवाजी पार्क में ‘जेल भरो आंदोलन’ का ऐलान किया है। दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है और नई दिल्ली जिले में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
दिल्ली में धारा 163 लागू, 5 या उससे अधिक लोगों के जुटने पर रोक
नई दिल्ली जिले में सार्वजनिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और यातायात सुचारु रखने के लिए BNSS की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू है। बिना लिखित अनुमति के पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, जुलूस, प्रदर्शन, धरना, नारेबाजी और भाषण पर रोक है। हथियारों के अलावा बैनर, पोस्टर, लाठी, डंडे और इसी तरह की वस्तुएं ले जाने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। उल्लंघन पर BNS की धारा 223 सहित अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।जंतर-मंतर के आसपास भारी पुलिस बल, 3-4 हजार लोगों के पहुंचने का अनुमान
दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है। इसके बावजूद प्रदर्शन के आह्वान को देखते हुए जंतर-मंतर और नई दिल्ली के अन्य हिस्सों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के जवान भी लगाए गए हैं और प्रमुख रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक प्रदर्शन में करीब 3,000 से 4,000 लोगों के पहुंचने की संभावना है। पुलिस ने कहा है कि आम लोगों की आवाजाही पर सामान्य रूप से रोक नहीं है, लेकिन प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ने या उनके दूसरे इलाकों की ओर बढ़ने की स्थिति में सड़कों को बंद या यातायात में बदलाव किया जा सकता है।मेट्रो स्टेशन बंद, दिल्ली में ट्रैफिक रूट बदले गये
जंतर-मंतर प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली मेट्रो के कई स्टेशनों के एंट्री और एग्जिट गेट बंद कर दिए गए हैं। उपलब्ध अपडेट के अनुसार 11 मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट अगले आदेश तक बंद रहेगा। हालांकि राजीव चौक, मंडी हाउस, नई दिल्ली और केंद्रीय सचिवालय पर इंटरचेंज की सुविधा जारी रहेगी।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने 2 अक्टूबर को जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में यातायात प्रतिबंध और नियंत्रित आवाजाही को लेकर एडवाइजरी जारी की है। कनॉट प्लेस, पटेल चौक, जीपीओ, टॉल्स्टॉय मार्ग, जंतर-मंतर रोड, संसद मार्ग और आसपास की सड़कों पर ट्रैफिक डायवर्जन या नियंत्रण लागू किया जा सकता है। लोगों को प्रभावित रास्तों से बचने और वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी गई है।जंतर-मंतर प्रदर्शन में कौन-कौन?
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के साथ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने किया है। सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत भूषण, RJD सांसद मनोज झा और अन्य सामाजिक कार्यकर्ता इससे जुड़े हैं। AAP नेताओं आतिशी, संजय सिंह और मनीष सिसोदिया ने भी लोगों से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की है। आयोजकों ने SIR और मतदाता सूचियों के प्रबंधन को लेकर भी सवाल उठाए हैं।कांग्रेस का अलग प्रदर्शन, यूथ कांग्रेस भी सड़क पर उतरेगी
इंडियन यूथ कांग्रेस ने भी शुक्रवार को चुनाव आयोग के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन का कार्यक्रम बनाया है। प्रदर्शन दोपहर करीब 1 बजे यूथ कांग्रेस कार्यालय से शुरू होकर जंतर-मंतर की ओर बढ़ने वाला है। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव के अनुसार, कांग्रेस 3 अक्टूबर से हर दिन दो जिलों में प्रदर्शन करेगी। दूसरी ओर INDIA ब्लॉक ने 2 अक्टूबर से सप्ताह भर चलने वाले ‘सेव डेमोक्रेसी’ अभियान का ऐलान किया है। विपक्षी सांसद 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च भी करने वाले हैं।CJP का ‘जेल भरो आंदोलन’, शाम 4 बजे शिवाजी पार्क में प्रदर्शन
मुंबई में कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP ने आज शाम 4 बजे शिवाजी पार्क में ‘जेल भरो आंदोलन’ का ऐलान किया है। CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा है कि मुंबई पुलिस की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद आंदोलन निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार किया जाएगा। मुंबई पुलिस का कहना है कि 2013 के बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश और शिवाजी पार्क को ‘साइलेंस जोन’ के रूप में निर्धारित किए जाने के कारण वहां सभा की अनुमति देने का अधिकार पुलिस के पास नहीं है।अभिजीत दिपके हिरासत में लिए गए, कुछ मिनट बाद रिहा
गुरुवार को CJP संस्थापक अभिजीत दिपके को मुंबई के मरीन ड्राइव पर समर्थकों के साथ पोस्टर लेकर खड़े होने के दौरान पुलिस ने हिरासत में लिया था। एक महिला इंस्पेक्टर समेत पुलिस टीम उन्हें मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन ले गई। दिपके और उनके समर्थकों को कुछ देर पुलिस स्टेशन के वेटिंग एरिया में रखा गया और फिर उन्हें कुछ ही मिनटों बाद छोड़ दिया गया।CJP के सह-संयोजक और प्रवक्ता सौरव दास ने कहा है कि अगर प्रदर्शनकारियों को जेल भेजा जाता है तो संगठन ‘जेल ठीक करो आंदोलन’ शुरू करेगा।CJP ने यह भी स्पष्ट किया है कि उसका आंदोलन विपक्ष के 6 अक्टूबर के चुनाव आयोग विरोधी प्रदर्शन से अलग और स्वतंत्र है।
CJP की तीन प्रमुख मांगें
CJP ने आंदोलन के लिए तीन प्रमुख मांगें रखी हैंः
- ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें, उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई हो और यह बताया जाए कि आदेश किसने दिए।
- SIR को रोका जाए, जनवरी 2025 की मतदाता सूची बहाल की जाए और स्वतंत्र जांच कराई जाए।
- 2023 के CEC नियुक्ति कानून को खत्म कर पारदर्शी कानून बनाया जाए, जिसमें सिविल सोसाइटी की भागीदारी हो।
CJP के मुताबिक गायक विशाल ददलानी भी आज मुंबई के प्रदर्शन में शामिल होंगे। संगठन ने मुंबई के लोगों से शाम 4 बजे शिवाजी पार्क के गेट नंबर 6 पर पहुंचने और प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है।
आंदोलन को दूसरे शहरों तक ले जाने की तैयारी
अभिजीत दिपके ने कहा है कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पूरी नहीं होने पर CJP अपने आंदोलन को देश के दूसरे हिस्सों तक ले जाएगा। मुंबई के बाद आंदोलन गोवा, बेंगलुरु, कोलकाता, पटना, रांची और उत्तर प्रदेश तक ले जाने की योजना बताई गई है। इसके बाद आंदोलन दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहुंचने की बात कही गई है।चुनाव आयोग विवाद के केंद्र में SIR
इन प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि में मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR मुख्य मुद्दा है। विपक्षी दलों और प्रदर्शन आयोजकों ने SIR और मतदाता सूची प्रबंधन को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं तथा ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। वहीं, चुनाव आयोग का कहना है कि SIR से जुड़े फैसले तीन सदस्यीय आयोग ने सर्वसम्मति से लिए हैं और आयोग ने मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया का बचाव किया है।