loader

भारत में ओमिक्रॉन संक्रमण से पहली मौत राजस्थान में

देश में कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट के संक्रमण से पहली मौत का मामला राजस्थान में सामने आया है। राज्य के उदयपुर जिले में ओमिक्रॉन संक्रमित 73 वर्षीय लक्ष्मीनारायण की मौत की सरकारी सूत्रों ने भी पुष्टि कर दी है। भारत में ओमिक्रॉन वैरिएंट के अब तक 2,135 मामले पुष्ट किए गए हैं। देश में 2 दिसंबर को पहली बार दो मरीज़ों में ओमिक्रॉन की पुष्टि हुई थी। यानी एक महीने में इस संक्रमण से यह पहली ज्ञात मौत है।

दुनिया में सबसे पहले ओमिक्रॉन वैरिएंट से संक्रमित व्यक्ति की मौत ब्रिटेन में हुई थी। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बॉरिस जॉनसन ने 13 दिसंबर को कहा था कि वहाँ ओमिक्रॉन से पहली मौत का मामला आया है। इसके बाद अमेरिका में 20 दिसंबर को ओमिक्रॉन वैरिएंट से पहली मौत का मामला सामने आया था। 24 नवंबर को दुनिया में पहली बार इस नये वैरिएंट का मामला दक्षिण अफ्रीका में पाया गया था।

ताज़ा ख़बरें

भारत में ओमिक्रॉन वैरिएंट से मरने वाले उस व्यक्ति को 15 दिसंबर को कोरोना संक्रमण की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। तब से वह व्यक्ति अस्पताल में था। उनको मधुमेह, उच्च रक्तचाप जैसी दूसरी बीमारियाँ भी थीं। उनके नमूने जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए भेजे गए थे। इस बीच 21 दिसंबर को उनकी रिपोर्ट कोरोना नेगेटिव आई थी।

जीनोम सिक्वेंसिंग के परिणाम 25 दिसंबर को आए और उन्हें ओमिक्रॉन वैरिएंट से संक्रमित होने की पुष्टि हुई। छह दिन बाद 31 दिसंबर को सुबह करीब साढ़े तीन बजे उनकी मौत हो गई। रिपोर्ट है कि उन्हें दोनों टीके लगाये गए थे। 

भारत में आए ओमिक्रॉन वैरिएंट के कुल 2,135 मामलों में से सबसे अधिक महाराष्ट्र में हैं। राज्य में 653 मामले हैं। इसके बाद सबसे ज़्यादा मामले दिल्ली में 464 आए हैं।

इधर विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी डब्ल्यूएचओ ने चेताया है कि दुनिया भर में ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों के कारण कोरोना के खतरनाक और नए वैरिएंट सामने आ सकते हैं।

हालांकि डब्ल्यूएचओ ने यह भी कहा है कि ओमिक्रॉन को लेकर शुरुआत में जितनी चिंता दिख रही थी यह उतना खतरनाक नहीं है। 

डब्ल्यूएचओ की ओर से इस बात की उम्मीद जताई गई है कि कोरोना महामारी ख़त्म हो सकती है और लोग पहले जैसी जीवन शैली जी सकते हैं।

देश से और ख़बरें

बता दें कि भारत में बीते 24 घंटों में कोरोना के 58,097 नए मामले सामने आए हैं जो बीते दिन से 55 फीसदी ज्यादा हैं। बीते दिन संक्रमण के 37,379 नए मामले सामने आए थे। इस दौरान 534 लोगों की मौत भी हुई है। 28 दिसंबर को कोरोना के लगभग 9000 नए मामले आए थे। इस हिसाब से अगर देखें तो बीते 9 दिनों में ये 6 गुना बढ़ गए हैं। 

सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

देश से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें