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देश में ओमिक्रॉन के मामले 578 हुए, दिल्ली में सबसे ज़्यादा केस

देश में ओमिक्रॉन वैरिएंट से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 578 हो गई है। इसके साथ ही अब नये वैरिएंट के सबसे ज़्यादा मामले दिल्ली में हो गए हैं। राष्ट्रीय राजधानी में अब तक 142 मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार दूसरे स्थान पर महाराष्ट्र है और वहाँ 141 पॉजिटिव केस आए हैं। पूरे देश भर में अब तक कुल मिलाकर 151 मरीज या तो ठीक हो गये हैं वे पलायन कर गये हैं।

इन दोनों राज्यों के अलावा न्यू वैरिएंट के केरल में 57, गुजरात में 49, राजस्थान में 43, तेलंगाना में 41, तमिलनाडु में 34 और कर्नाटक में 31 मामले सामने आए हैं। 

इनके अलावा मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, ओडिशा, चंडीगढ़, जम्मू कश्मीर, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, लद्दाख और उत्तराखंड में भी नये वैरिएंट के मामले आए हैं।

रविवार को ही पहली बार मध्य प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में इस नये वैरिएंट के मामले मिले हैं। मध्य प्रदेश में नये वैरिएंट के कुल अब 9 केस हो चुके हैं। हिमाचल में एक केस पाया गया है। इस तरह नये वैरिएंट का संक्रमण अब कुल मिलाकर 19 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में हो गया है।

कई राज्यों में ओमिक्रॉन के मामले बढ़ने के बाद रात के कर्फ्यू लगाने की घोषणा की गई है। ऐसा करने वाले राज्यों में दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, मध्य प्रदेश और गुजरात शामिल हैं। दिल्ली में आज से ही रात का कर्फ्यू लागू होगा।

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बता दें कि तेजी से फैल रहे ओमिक्रॉन वैरिएंट के मद्देनज़र केंद्र सरकार ने शनिवार को स्वास्थ्य कर्मियों व फ्रंटलाइन वर्कर्स और 60 से ऊपर के लोगों के लिए 10 जनवरी से बूस्टर खुराक देने की घोषणा की है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शनिवार रात अचानक किए गए राष्ट्र के नाम संबोधन में 15-18 साल के बच्चों के लिए वैक्सीन लगाए जाने की घोषणा की गई है। इनको 3 जनवरी से ये टीके लगाए जाएंगे। 

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इस बीच भारत बायोटेक की कोवैक्सीन को अब 12 साल से ज़्यादा उम्र वालों के लिए आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी मिल गई है। दवा नियामक ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ़ इंडिया यानी डीसीजीआई ने शनिवार देर शाम को इसको हरी झंडी दी। अक्टूबर महीने में ही 12-18 साल के बच्चों के लिए इस वैक्सीन के इस्तेमाल के लिए विशेषज्ञ पैनल ने सिफारिश की थी।

कोवैक्सीन भारत में बच्चों पर इस्तेमाल के लिए स्वीकृत दूसरा टीका है। अगस्त में ज़ायडस कैडिला के तीन-खुराक वाले टीके को वयस्कों और 12 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों पर इस्तेमाल करने की अनुमति दी गई थी। दूसरे कुछ टीकों को बच्चों पर ट्रायल की मंजूरी दी गई है। 

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