अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची ने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर को फोन किया। दोनों नेताओं ने ईरान और उसके आसपास की बदलती स्थिति पर बात की। यह बातचीत तब हुई है जब ईरान ने बुधवार को अपने पड़ोसी देशों को चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका उस पर हमला करता है तो वो उनके इलाके में अमेरिकी ठिकानों पर हमला करेगा। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में प्रदर्शनकारियों का खुलेआम समर्थन दिया है।

बिगड़ते हालात के बीच ईरानी विदेश मंत्री ने भारतीय विदेश मंत्री से बात की है। एस जयशंकर ने एक्स पर पोस्ट करके इस कॉल की जानकारी दी। उन्होंने लिखा, 'ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची का फोन आया। हमने ईरान और उसके आसपास की बदलती स्थिति पर चर्चा की।'
यह फोन कॉल ऐसे समय में हुई है जब ईरान में सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की सरकार के खिलाफ प्रदर्शन 20 दिन से ज्यादा चल रहे हैं। ये प्रदर्शन दिसंबर के अंत में बढ़ती महंगाई और ईरानी मुद्रा के लगातार गिरने से शुरू हुए थे। अब ये पूरे देश में फैल गए हैं और बहुत हिंसक हो गए हैं।

मौतों का आँकड़ा बढ़ा

मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, सुरक्षा बलों की कार्रवाई में 2500 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी ने बताया कि मंगलवार तक कम से कम 2571 मौतें हुईं, जिनमें ज्यादातर प्रदर्शनकारी हैं। कुछ रिपोर्टों में यह संख्या इससे काफ़ी ज़्यादा तक बताई जा रही है, लेकिन ये आंकड़े अलग-अलग हैं। ईरानी सरकार ने 'आतंकवादियों' की वजह से मौत होना बताया है।
प्रदर्शन 280 से ज्यादा जगहों पर हो रहे हैं। इंटरनेट बंद होने और संचार पर रोक के कारण सही जानकारी बाहर आना मुश्किल है।

भारत ने दी नागरिकों को निकलने की सलाह

ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को देखते हुए भारतीय दूतावास ने बुधवार को एक नयी एडवाइजरी जारी की। इसमें कहा गया है कि ईरान में मौजूद सभी भारतीय उपलब्ध साधनों से जल्द से जल्द ईरान छोड़ दें।

भारतीय दूतावास ने कहा है...

  • पासपोर्ट, आईडी जैसे सभी दस्तावेज हमेशा तैयार रखें।
  • विरोध प्रदर्शन वाली जगहों से दूर रहें।
  • दूतावास से संपर्क में रहें।
  • लोकल न्यूज देखते रहें।
जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एस जयशंकर से अपील की है कि कश्मीरी छात्रों को तुरंत निकालने की व्यवस्था की जाए, क्योंकि स्थिति बहुत खराब हो गई है। ईरान में हजारों भारतीय छात्र पढ़ाई कर रहे हैं।

अमेरिका की चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को प्रदर्शनकारियों को संदेश दिया कि मदद आ रही है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से कहा कि संस्थानों पर कब्जा करने की कोशिश करें और हत्यारों के नाम याद रखें, क्योंकि वे बड़ी कीमत चुकाएंगे। ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान प्रदर्शनकारियों को फांसी देगा तो अमेरिका बड़ी कार्रवाई करेगा।

ट्रंप प्रशासन ने बुधवार को कतर में अल उदैद एयर बेस से कुछ अमेरिकी कर्मियों को सावधानी के तौर पर निकालने की सलाह दी। ईरान ने अमेरिकी बेस वाले पड़ोसी देशों को चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ईरान पर हमला करेगा तो वे अमेरिकी ठिकानों पर हमला करेंगे।

ईरान में यह स्थिति बहुत गंभीर है। दुनिया भर से चिंता जताई जा रही है। भारत ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को सबसे पहले रखा है और स्थिति पर नजर रख रहा है। भारत के संबंध ईरान और अमेरिका दोनों से अच्छे रहे हैं। माना जा रहा है कि बिगड़ते हालात के बीच ईरान ने इसी के मद्देनज़र फोन किया।