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फ़ोटो साभार: ट्विटर/संकेत उपाध्याय

दैनिक भास्कर के साथ ही भारत समाचार के दफ्तर पर भी आयकर छापे

देश के सबसे बड़े मीडिया समूहों में से एक दैनिक भास्कर से साथ ही न्यूज़ चैनल भारत समाचार के दफ़्तर पर भी आयकर छापे मारे गए हैं। चैनल के कार्यालय के अलावा इसके मुख्य संपादक बृजेश मिश्रा और स्टेट हेड वीरेंद्र सिंह व दूसरे कर्मचारियों के घर पर भी छापेमारी की ख़बर है। भारत समाचार ने इसकी पुष्टि की है। हालाँकि आयकर विभाग की ओर से इस मामले में ऐसी कोई जानकारी नहीं दी गई है। 

आयकर विभाग की यह कार्रवाई उस चैनल पर की गई है जिसे उत्तर प्रदेश में सरकार की कथित ग़लत नीतियों के ख़िलाफ़ और आम लोगों के पक्ष में ख़बर दिखाने के लिए जाना जाता रहा है। चाहे वह कोरोना संक्रमण के कारण अव्यवस्था का मामला हो या हाथरस मामले में रिपोर्टिंग का मामला या फिर उत्तर प्रदेश में अपराध की रिपोर्टिंग का मामला। भारत समाचार पर कार्रवाई के बाद उसने ख़ुद इसकी ख़बर दी है। 
इस कार्रवाई के ख़िलाफ़ सोशल मीडिया पर लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। जानी-मानी पत्रकार रोहिणी सिंह ने इस कार्रवाई को लेकर कहा है कि 'सरकार डरी हुई है'। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि प्रदेश में तैरती लाशों का हिसाब मांगने वाले समाचार चैनल भारत समाचार पर आयकर छापा पड़ा है। 
वरिष्ठ पत्रकार आरफ़ा ख़ानम शेरवानी ने ट्वीट किया, 'पहले दैनिक भास्कर और अब यूपी का भारत समाचार। सत्ता के सामने सच बोलने वाले आख़िरी कुछ हिंदी समाचार संगठनों पर हमले हो रहे हैं। यह निस्संदेह पेगासस एक्सपोज का पहला बड़ा प्रभाव है और सरकार कितनी नर्वस है। जब जब ये सरकार डरती है, एजेंसियों को आगे करती है..।'टीवी एंकर और पत्रकार संकेत उपाध्याय ने ट्वीट कर कहा है कि 'और अब भारत समाचार के कार्यालय पर आयकर छापे'।  

भारत समाचार चैनल पर कार्रवाई से पहले ख़बर आई है कि मध्य प्रदेश सहित तीन राज्यों में दैनिक भास्कर के 40 ठिकानों पर आयकर विभाग द्वारा गुरुवार तड़के छापेमारी की गई। भोपाल के प्रेस कॉम्प्लेक्स स्थित भास्कर समाचार पत्र कार्यालय और अरेरा कालोनी में रहने वाले अख़बार के मालिक सुधीर अग्रवाल के घर पर भी छापेमारी की कार्रवाई हुई। 

भोपाल के अलावा दैनिक भास्कर पत्र समूह के अहमदाबाद और जयपुर कार्यालयों तथा अन्य ठिकानों पर भी छापे की ख़बर है। 

ताज़ा ख़बरें

बता दें, दैनिक भास्कर समूह काफ़ी वक़्त से तल्ख़ ख़बरें कर रहा है। केन्द्र की नरेंद्र मोदी सरकार के अलावा मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान सरकार को एक्सपोज़ करने वाली अनेक ख़बरें पिछले कुछ महीनों में समाचार पत्र ने बहुत प्रमुखता के साथ प्रकाशित की हैं।

विशेषकर कोरोना की दूसरी लहर के दौरान स्वास्थ्य के मोर्चे पर केन्द्र और राज्य की सरकारों की कथित नाकामियों को समाचार पत्र समूह ने बिंदास ढंग से छापा है। 

मध्य प्रदेश में कोरोना से मौत के आँकड़ों के घालमेल और कोरोना टीकाकरण के कथित फर्जीवाड़े का सिलसिलेवार खुलासा भी यह पत्र समूह निरंतर कर रहा है। मध्य प्रदेश के अलावा गुजरात में कोरोना से मौतों और वहाँ की सरकार के आँकड़ों के कथित खेल को भी भास्कर पत्र समूह (दिव्य भास्कर गुजरात) ने जमकर एक्सपोज किया है।

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