loader

छापेमारी पर तापसी पन्नू का तंज, मैं इतनी सस्ती भी नहीं

आयकर विभाग के अफ़सरों की तीन दिन तक चली ताबड़तोड़ छापेमारी पर अभिनेत्री तापसी पन्नू ने ट्वीट कर तंज कसा है। आयकर विभाग की ओर से छापेमारी के अलावा तापसी और फिल्म डायरेक्टर अनुराग कश्यप से कई घंटों तक पूछताछ भी की गई थी। 

तापसी ने शनिवार को एक के बाद एक तीन ट्वीट किए, इस छापेमारी की खिल्ली उड़ाई और तंज भी कसा। 

ताज़ा ख़बरें

पहले ट्वीट में अभिनेत्री ने कहा, “तीन दिनों की सघन तलाशी के बाद तीन प्रमुख चीजें पता चलीं। पहली- पेरिस में मेरे जिस बंगले के होने की बात कही जा रही है, उसकी चाबी के बारे में।” उन्होंने तंज कसा कि क्योंकि गर्मी की छुट्टियां नज़दीक आ रही हैं। 

दूसरी यह कि जिस 5 करोड़ की रसीद के मिलने की बात कही जा रही है, उसे फ्रेम करवाकर भविष्य के लिए रखा जाए क्योंकि मैं पहले यह रकम लेने से इनकार कर चुकी हूं। तापसी का यह ट्वीट उन ख़बरों पर उनका जवाब है जिनमें यह कहा गया है कि आयकर विभाग की जांच में पता चला है कि तापसी पन्नू ने KWAN टैलेंट मैनेजमेंट कंपनी से 5 करोड़ रुपये कैश में लिए थे और इसकी रसीद विभाग के अफ़सरों को कंपनी से जब्त किए गए कागजातों से मिली है। 

देखिए, इस विषय पर चर्चा- 

वित्त मंत्री के बयान का जवाब

तीसरी बात यह याद दिलाने के लिए वित्त मंत्री का शुक्रिया कि मेरे वहां 2013 में भी छापेमारी हुई थी। अनुराग और तापसी के ठिकानों पर छापेमारी के बाद जब मोदी सरकार की आलोचना हुई थी तो वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सरकार के बचाव में कहा था कि इन लोगों के वहां 2013 में भी छापेमारी हुई थी लेकिन तब इस बात को मुद्दा नहीं बनाया गया था। वित्त मंत्री के इसी बयान पर तापसी ने उन्हें जवाब दिया है। तापसी ने ट्वीट के अंत में लिखा है कि मैं इतनी सस्ती भी नहीं हूं। तापसी को एक बार कंगना की बहन रंगोली चंदेल ने सस्ती कॉपी कहा था, शायद तापसी ने इसी बात का जवाब दिया है। 

देश से और ख़बरें

तापसी और अनुराग के मुंबई और पुणे में 30 ठिकानों पर छापेमारी की गई थी। कहा गया था कि जांच के दौरान 650 करोड़ रुपये की गड़बड़ियों का पता चला है। 

तलाशी के दौरान आयकर विभाग के अफ़सरों ने कई कागजात, लैपटॉप समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की थी। आयकर विभाग ने अनुराग कश्यप, तापसी पन्नू, फैंटम की प्रोड्यूसर मधु मंटेना और विकास बहल के पिछले दो साल की वॉट्सऐप चैट का भी बैक अप निकाला था और पता लगाने की कोशिश की थी कि क्या इनके बीच कोई लेन-देन हुआ है। 

अनुराग और तापसी दोनों ही मोदी सरकार के आलोचक रहे हैं। किसान आंदोलन से लेकर बाक़ी कई अहम मुद्दों पर वे बेबाकी से अपनी राय रखते रहे हैं।

विपक्षी दलों ने उठाए थे सवाल

तापसी और अनुराग के ठिकानों पर छापेमारी के मुद्दे को विपक्षी दलों के नेताओं ने भी उठाया था। महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नवाब मलिक ने कहा कि यह इन फ़िल्मी सितारों की आवाज़ को दबाने की कोशिश है। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मोदी सरकार को नाज़ी सरकार बताते हुए कहा था कि अब यह सामाजिक कार्यकर्ताओं, पत्रकारों और कलाकारों के पीछे पड़ गई है। 

समाजवादी पार्टी की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष अबू आसिम आजमी ने मोदी सरकार द्वारा बदले की कार्रवाई क़रार दिया था। महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा था कि इस समय देश में 'हिटलरशाही' चल रही है और जो भी कोई मोदी के ख़िलाफ़ बोलता है उस पर इनकम टैक्स की रेड करा दी जाती है। 

सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

'सत्य हिन्दी'
की ताक़त बनिए


गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

देश से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें