कांग्रेस ने पहले 'छात्रों की गूंज' अभियान शुरू किया। फिर ऑनलाइन पिटिशन हस्ताक्षर अभियान चला। और अब यूथ कांग्रेस और NSUI देशभर में प्रोटेस्ट करेंगे, जिला स्तर पर आउटरीच, प्रेस कॉन्फ्रेंस और सोशल मीडिया अभियान चलाकर युवाओं को आवाज़ उठाने के लिए जगाएँगे।
कोटा में राहुल गांधी का कार्यक्रम
पेपर लीक घोटालों से परेशान छात्रों और युवाओं के मुद्दे पर कांग्रेस अब बड़ा आंदोलन छेड़ने जा रही है। युवाओं को जोड़ने की मुहिम के तहत ही यूथ कांग्रेस और पार्टी का छात्र विंग एनएसयूआई साझा रूप से 25 जून से देशव्यापी प्रोटेस्ट करने वाले हैं। 9 अगस्त तक यह चलेगा जब 'दिल्ली चलो' नारे के साथ देश की राजधानी में वे जुटेंगे। पेपर लीक के विरोध में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े और परीक्षा व रोजगार की मांग को मुद्दा बनाया गया है। युवाओं के आंदोलन के तहत ही कुछ दिन पहले ही राहुल गांधी ने राजस्थान के कोटा में 'छात्रों की गूंज' अभियान शुरू किया है। इस बीच युवाओं को जोड़ने के लिए नीट पेपर लीक को लेकर ऑनलाइन पिटिशन अभियान शुरू किया गया।
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा है, 'भारत का युवा वर्ग आज गंभीर संकट का सामना कर रहा है। बेरोजगारी और लगातार हो रहे पेपर लीक घोटाले युवाओं का उज्ज्वल भविष्य छीन रहे हैं।' उन्होंने पार्टी के नेताओं, कार्यकर्ताओं ओर समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा, “कोटा में ‘छात्रों की गूंज’ रैली में राहुल गांधी ने कहा था कि युवाओं को दमनकारी परीक्षा प्रणाली से मुक्त करने की जरूरत है। आज यह हमारा कर्तव्य है कि हम उनके साथ खड़े हों।" वेणुगोपाल ने सभी जिला और शहर इकाइयों को निर्देश दिए हैं कि वे यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई के साथ मिलकर छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और मीडिया को इस अभियान में शामिल करें।
इसके तहत पूरे देश में जिला स्तर पर कार्यक्रम होंगे। जिला स्तर पर आउटरीच कार्यक्रम किए जाएँगे। इस मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस होंगी। सार्वजनिक सभाएं होंगी और छात्रों से संवाद किया जाएगा। इसके अलावा सोशल मीडिया पर अभियान छेड़ा जाएगा। इसका मक़सद छात्रों के अभिभावकों, शिक्षकों और नागरिक समाज को जोड़ना है।
आंदोलन की तीन बड़ी मांगें
कांग्रेस और उसके छात्र-युवा संगठन सरकार से तीन बड़े मुद्दों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं-
- परीक्षा प्रणाली का पुनर्मूल्यांकन और पूरी तरह सुधार करना।
- शिक्षा मंत्री का इस्तीफा और 'पेपर लीक माफिया से उनके संबंधों' की जांच कराना।
- हर साल परीक्षा और भर्ती का कैलेंडर बनाकर लागू करना।
कांग्रेस का कहना है कि पेपर लीक के कारण लाखों छात्रों का साल बर्बाद हो रहा है। परीक्षाएं अनियमित हैं और युवा बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं। पार्टी सरकार पर दबाव बनाने के लिए यह लंबा आंदोलन चला रही है। 9 अगस्त 2026 को दिल्ली में ‘दिल्ली चलो’ कार्यक्रम के जरिए बड़े स्तर पर प्रदर्शन करने की तैयारी है।
युवाओं को जोड़ने की कांग्रेस की रणनीति क्या?
कांग्रेस की युवाओं को जोड़ने की रणनीति तब साफ़ दिखी जब राजस्थान के कोटा में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी नये तेवर में दिखे। बिल्कुल वो पुराने और पारंपरिक नेता वाले अंदाज़ से अलग। नेता वाला भाषण नहीं। आकर्षक प्रजेंटेशन। एक टीचर, छात्र और एक्टिविस्ट की तरह। कोटा देश का कोचिंग हब माना जाता है, जहां हर साल लाखों छात्र IIT, NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। कार्यक्रम में हजारों छात्र-छात्राएं शामिल हुए। माहौल उत्सव जैसा था- बड़े स्टेज पर रैप गाने बज रहे थे, छात्र हेडबैंड और प्लेकार्ड लेकर पहुंचे थे। राहुल गांधी ने कहा, 'भारत की शिक्षा व्यवस्था सिलेक्शन सिस्टम नहीं, बल्कि रिजेक्शन सिस्टम बन गई है। यह छात्रों को कुचल रही है, दबा रही है। बार-बार पेपर लीक होने से छात्रों पर बहुत दबाव पड़ रहा है, जो पूरे देश के भविष्य के लिए ख़तरनाक़ है।'
तीन शहरों में बड़े कार्यक्रम
कांग्रेस ने 'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत पहले ही तीन बड़े शहरों में बड़े कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। इलाहाबाद, पटना और दिल्ली में कोटा जैसे बड़े और युवाओं को जोड़ने वाले कार्यक्रम रखे गए हैं-
- 10 जुलाई – इलाहाबाद
- 11 जुलाई – पटना
- 14 जुलाई – दिल्ली
और फिर ऑनलाइन हस्ताक्षर अभियान
और फिर उसी कड़ी में राहुल ने ऑनलाइन हस्ताक्षर अभियान शुरू कर दिया। तब जेन ज़ी को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा था, "अगर पेपर लीक, परीक्षा से जुड़ी समस्याओं या ज़्यादा फ़ीस की वजह से आपको परेशानी हुई है; अगर इस शिक्षा व्यवस्था ने आपके सपने तोड़ दिए हैं; अगर आपके परिवार ने आपकी पढ़ाई में अपनी ज़िंदगी भर की बचत लगा दी है, तो 'छात्रों की गूँज' आपकी आवाज़ है। यह सिर्फ़ एक कैंपेन नहीं है - यह आपकी माँगों को सीधे सरकार तक पहुँचाने का एक प्लेटफ़ॉर्म है। सस्ती शिक्षा। निष्पक्ष परीक्षाएँ। सम्मानजनक रोज़गार। इस आंदोलन से जुड़ें, अपने विचार साझा करें। पिटीशन पर साइन करें।"
जेन ज़ी पर कॉकरोच पार्टी बनाम राहुल
तो राहुल गांधी का अब पूरा जोर जेन ज़ी पर है। इसी जेन ज़ी की वजह से कॉकरोच जनता पार्टी अचानक से अस्तित्व में आई है। सोशल मीडिया पर इसका अकाउंट बना और दो-तीन दिन के अंदर लाखों फॉलोअर्स हो गए। दुनिया भर में कॉकरोच जनता पार्टी सुर्खियों में रही। कॉकरोच जनता पार्टी भी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग कर रही है।राहुल गांधी के इस जेन ज़ी को जोड़ने की मुहिम को कॉकरोच जनता पार्टी के जेन ज़ी से जुड़ाव के संदर्भ में भी देखा जा सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि कॉकरोच जनता पार्टी के जुड़ाव को लेकर तरह-तरह की चर्चाएँ सामने आ रही हैं। ये चर्चाएँ तब शुरू हुईं जब कॉकरोच जनता पार्टी को दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की इजाजत दे दी। देश की महिला पहलवानों जैसी खिलाड़ियों और किसानों तक को प्रदर्शन की इजाजत नहीं देने वाली सरकार ने कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक के अमेरिका से दिल्ली के एयरपोर्ट पहुँचते ही प्रदर्शन करने की इजाज़त दे दी थी। ऐसा तब हुआ जब प्रदर्शन की इजाजत के लिए नियमानुसार कम से कम सात दिन पहले आवेदन देना होता है।
बहरहाल, पेपर लीक का मुद्दा पिछले कई सालों से गर्म है। कांग्रेस अब इसे बड़े युवा आंदोलन का रूप देने की कोशिश कर रही है। 25 जून से शुरू हो रहे इस अभियान पर पूरे देश की नजर रहेगी। नज़र तो इस पर भी होगी कि सरकार इन मांगों पर क्या रुख अपनाती है और आंदोलन कितना प्रभावी साबित होता है।