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जहांगीरपुरीः अमित शाह और केजरीवाल पर ओवैसी का तीखा हमला

एआईएमआईएम प्रमुख ओवैसी ने कहा कि अमित शाह के गृह मंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के बाद दिल्ली में झड़पें आम हो गई हैं। ओवैसी ने सवाल किया कि हनुमान जयंती जुलूस में कथित तौर पर पिस्तौल ले जाने वाले लोगों के खिलाफ आर्म्स एक्ट क्यों नहीं लागू किया गया। पुलिस पर शुरू में सिर्फ मुसलमानों को गिरफ्तार करके एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाया। ओवैसी ने लिखा - जब से @amitshah (अमित शाह) गृह मंत्री बने हैं, दिल्ली में तशद्दुद के वाक़िआत आम हो गए हैं। क्या इन तमंचा-धारियों पर 'आर्म्स एक्ट' नहीं लगेगा? आपकी पुलिस ने 14 लोगों को गिरफ्तार किया है, सब के सब मुसलमान हैं। ओवैसी ने सवाल किया कि क्या हथियार लेकर खुलेआम घूमना, मस्जिदों को नापाक करने की कोशिश करना अब जुर्म नहीं रहा? देश की राजधानी में सरकार की ओर से एकतरफा कार्रवाई से दुनिया को क्या पैग़ाम दिया जा रहा है?
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ओवैसी ने दिल्ली के सीएम केजरीवाल को बुजदिल बताते हुए भी सीधा हमला किया। उन्होंने लिखा - दिल्ली के मुख्यमंत्री की बुज़दिली है कि वो दोषी का नाम नहीं ले सकते, जुलूस में बन्दूक और तमंचे लेकर घूमने वालों के ख़िलाफ़ इनका मुंह नहीं खुलता। मस्जिदों को नापाक करने की कोशिश करने वाली भीड़ की निंदा भी नहीं होती।  उन्होंने कहा - प्यार मोहब्बत की बात तभी अच्छी लगती है जब इंसाफ़ हो, बिना इंसाफ़ के भाईचारा मुमकिन नहीं।

बता दें कि दिल्ली के जहांगीरपुरी में शनिवार को हनुमान जयंती पर शोभा यात्रा के दौरान साम्प्रदायिक हिंसा हुई थी। फरवरी 2020 के दंगों के बाद से दिल्ली में पहली सांप्रदायिक भड़क में, 16 अप्रैल को शहर के जहांगीरपुरी इलाके में एक हनुमान जयंती जुलूस के दौरान पथराव और झड़प के कारण 8 पुलिसकर्मी और एक नागरिक घायल हो गए थे। इसके बाद, वहां भारी पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि कोई और अप्रिय घटना न हो। पुलिस का फ्लैग मार्च भी हो रहा है।

इस मामले में पुलिस ने अब तक 21 लोगों और दो नाबालिगों को गिरफ्तार किया है। साथ ही आरोपियों के कब्जे से 2 तमंचे और 5 तलवारें बरामद की गई हैं। दो आरोपी व्यक्तियों- मोहम्मद असलम और अंसार को एफआईआर में आरोपी के रूप में दर्ज किया गया है। जहां उन्हें एक दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया, वहीं 12 अन्य आरोपियों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

यह मामला अपराध शाखा को ट्रांसफर कर दिया गया था जो जिला पुलिस की मदद से आगे की जांच करेगी। रविवार की रात, दिल्ली पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना ने सब-इंस्पेक्टर मेदा लाल से मुलाकात की। जो गोली लगने से घायल हो गए थे। उन्हें विभाग से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।

 

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