दलित छात्रा नीशू आजाद के साथ स्वतंत्र भारद्वाज नामक शख्स द्वारा पिटाई के मामले ने शुक्रवार को तूल पकड़ लिया। सांसद चंद्रशेखर आजाद नीशू के साथ संसद मार्ग थाने में एफआईआर कराने पहुंच गए। इसी मुद्दे पर सीजेपी समर्थक भी थाने पहुंचे। भारद्वाज अपने बयान से पलट गया है।
सीजेपी समर्थकों का संसद मार्ग थाने पर प्रदर्शन, ऊपर आरोपों से घिरे स्वतंत्र भारद्वाज
जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान छात्र कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार से मारपीट के मामले ने तूल पकड़ लिया है। सितंबर की शुरुआत में सामने आए एक वायरल पॉडकास्ट वीडियो में खुद को हिंदू कार्यकर्ता और इन्फ्लुएंसर बताने वाले स्वतंत्र भारद्वाज ने दावा किया कि उसने ही संजय कुमार का सिर फोड़ा था। वीडियो सामने आने के बाद CJP, AISA और विपक्षी नेताओं ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। शुक्रवार 4 सितंबर को सांसद चंद्रशेखर आजाद, सीजेपी के सह संयोजक सौरव दास, आशुतोष रांका आदि नीशु आजाद के साथ भारद्वाज के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने पहुंचे। पुलिस इस पूरे मामले में लीपापोती कर रही है। आरोपों के घेरे में आया स्वतंत्र भारद्वाज भी अपने पोडकास्ट वाले बयान से पलट गया है। अब वो कहा रहा है कि उसने आत्मरक्षा में संजय कुमार की पिटाई की।
हालांकि दिल्ली पुलिस ने वायरल वीडियो में किए गए गंभीर दावों को खारिज किया है। पुलिस के मुताबिक संजय कुमार को सिर में चोट लगी थी, लेकिन RML अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट में चोट को 'सिंपल' बताया गया है। पुलिस ने यह भी कहा है कि चोट किसी हथियार से नहीं, बल्कि कथित आरोपी के हाथ में पहने धातु के कड़े (कड़ा) से लगी थी। पुलिस ने राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को भी तथ्यहीन बताया है।
ताज़ा अपडेट
- CJP नेताओं ने स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग की।
- दिल्ली पुलिस ने पार्लियामेंट स्ट्रीट का रास्ता बंद कर दिया।
- सौरव दास और आशुतोष रांका पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के अंदर मौजूद।
- चंद्र शेखर आज़ाद सीजेपी नेताओं में शामिल हुए
- CJP ने विरोध प्रदर्शन के दौरान निशु आज़ाद के पिता पर हुए हमले के मामले में पुलिस केस दर्ज करने की मांग की है।
- स्वतंत्र भारद्वाज का कहना है कि हमला 'आत्मरक्षा' में किया गया था।
क्या है पूरा मामला?
दिल्ली पुलिस के अनुसार घटना 20 जुलाई 2026 को जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के दौरान हुई थी। प्रदर्शन के दौरान गाजियाबाद निवासी 38 वर्षीय संजय कुमार, जो छात्र प्रदर्शनकारी निशु आजाद के पिता हैं, एक झड़प में घायल हुए थे। पुलिस के मुताबिक उनके सिर में चोट लगी और उन्हें RML अस्पताल में चिकित्सकीय जांच के लिए ले जाया गया। खुद को हिन्दू इनफ्लुएंसर बताने वाले स्वतंत्र भारद्वाज ने कहा कि उसने संजय कुमार का सिर फोड़ा था। पुलिस का कहना है कि मेडिकल जांच में चोट को सामान्य प्रकृति की बताया गया। इसके बाद संजय कुमार के बयान पर संसद मार्ग पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। इस मामले में पुलिस ने मौके से सूरज कुमार और स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिया था। बाद में दोनों को नोटिस देकर पूछताछ की गई। स्वतंत्र भारद्वाज पीएम मोदी और कपिल मिश्रा का नाम खुलकर ले रहा है
यह मामला तब दोबारा उछला जब एक पॉडकास्ट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में भारद्वाज कथित तौर पर कहते सुनाई देता है कि उसने निशु आजाद के पिता का सिर फोड़ दिया था और यह अपराध भारतीय दंड संहिता की धारा 307 यानी हत्या के प्रयास जैसा मामला बनता है। वो कथित तौर पर यह भी दावा करता है कि संजय कुमार को 60 टांके लगे थे और उन्हें गंभीर हालत में एंबुलेंस से ले जाया गया था। वीडियो में वह यह भी कहता दिखाई देता है कि इसके बावजूद उसे जेल नहीं जाना पड़ा।
- पोडकास्ट में भारद्वाज ने राजनीतिक संपर्कों का भी जिक्र किया। उसने दिल्ली के मंत्री और भाजपा नेता कपिल मिश्रा को अपना 'बड़ा भाई' बताते हुए कहा कि लोगों का कहना था कि कपिल मिश्रा के फोन के बाद उसे छोड़ दिया गया। उसने केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी अपने राजनीतिक संपर्कों के तौर पर उल्लेख किया।
पोडकास्ट की बातों से पलटा स्वतंत्र भारद्वाजः विवाद बढ़ने के बाद स्वतंत्र भारद्वाज ने शुक्रवार को अपने वायरल बयान को लेकर सफाई दी। उसने कहा कि जंतर-मंतर पर जो हुआ वह हमला नहीं बल्कि 'आत्मरक्षा' थी। उसका दावा है कि उसे 10-15 लोगों ने घेर लिया था और उसे डर था कि भीड़ उसे पीट सकती है या उनकी हत्या कर सकती है। उसके मुताबिक उसने आत्मरक्षा में कार्रवाई की और इसी दौरान संजय कुमार के सिर में चोट लगी। भारद्वाज ने यह भी कहा कि उनके पास घटना से संबंधित वीडियो प्रमाण हैं और वह पुलिस की चल रही जांच में सहयोग कर रहे हैं। उसने राजनीतिक प्रभाव के कारण जेल से बाहर रहने के आरोप को भी खारिज किया और कहा कि पॉडकास्ट में उसके कुछ बयान व्यंग्य या मजाक के तौर पर कहे गए थे।
कुछ लोगों को जय भीम से समस्याः संजय
हमले का शिकार हुए संजय आज़ाद ने कहा कि कुछ लोगों को "जय भीम" नारे से दिक्कत है। CJP, संजय पर हुए कथित हमले के मामले में कार्रवाई की मांग कर रहा है; संजय एक CJP एक्टिविस्ट के पिता हैं। न्यूज़ एजेंसी PTI के मुताबिक, संजय ने कहा, "कुछ लोगों को 'जय भीम' नारे से दिक्कत है। बाबासाहेब के अनुयायी होने के नाते, हमें पता था कि वे इस पर आपत्ति जताएंगे, और इसीलिए वहां 'जय भीम' के नारे भी लगाए गए। विरोध प्रदर्शन के दौरान मुझ पर हमला हुआ और मैंने FIR दर्ज कराई, लेकिन ऐसा लगता है कि पुलिस का काम गुंडों और अपराधियों को बचाना और पीड़ित को कमज़ोर करना है।"
राहुल गांधी ने अमित शाह और दिल्ली पुलिस पर हमला किया
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने निशु आजाद के पिता संजय के साथ कथित मारपीट के मामले में उनका समर्थन किया और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तथा दिल्ली पुलिस पर सवाल उठाए। राहुल गांधी ने कहा कि निशु को घबराने की जरूरत नहीं है और वह न्याय की लड़ाई में उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ छात्रों के खिलाफ पुलिस की कथित सख्ती जारी है, वहीं दलित छात्र के पिता का सिर फोड़ने का आरोपी खुलेआम घूम रहा है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह से पूछा कि आरोपी को किसका संरक्षण प्राप्त है और अब उसके खिलाफ कार्रवाई होगी या उसे बचाया जाता रहेगा।
गांधी की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए निशु ने कहा, "मुझे उम्मीद नहीं थी कि राहुल गांधी जी असल में इस बारे में ट्वीट करेंगे। अब जब मुझे राहुल गांधी जी जैसे बड़े नेता का समर्थन मिल गया है, तो मुझे न्याय मिलेगा और स्वतंत्र भारद्वाज को जेल जाना होगा।" X पर पोस्ट किए गए एक पहले के वीडियो में, उन्होंने कहा कि अब उन्हें उम्मीद है कि गांधी उन्हें न्याय दिलाने में मदद करेंगे और वह अपनी लड़ाई जारी रखेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि भारद्वाज का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें उन्होंने खुद स्वीकार किया है कि उन्होंने उनके पिता के सिर पर चोट पहुंचाई थी, और कहा कि उन पर हत्या के प्रयास के लिए धारा 307 के तहत मामला दर्ज किया जाना चाहिए था।
AISA भी CJP के समर्थन में
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) ने भी वायरल वीडियो को लेकर स्वतंत्र भारद्वाज और दिल्ली पुलिस पर सवाल उठाए हैं। AISA के आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया गया कि भारद्वाज कैमरे पर निशु के पिता पर हमले की बात कर रहे हैं और कपिल मिश्रा के फोन के कारण गिरफ्तारी से बचने का दावा कर रहे हैं। AISA ने इसे राजनीतिक संरक्षण और पुलिस की जवाबदेही से जोड़ते हुए कार्रवाई की मांग की है। संगठन का कहना है कि कथित हमले के लिए जिम्मेदार व्यक्ति को कानून से बचने नहीं दिया जाना चाहिए।आरजेडी नेता मनोज झा का बयान
RJD नेता मनोज कुमार झा ने एक प्रदर्शनकारी के पिता पर कथित हमले के आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की CJP की मांग पर प्रतिक्रिया दी। समाचार एजेंसी ANI के अनुसार, उन्होंने कहा, "...एक व्यक्ति खुलेआम कह रहा है कि वह कितना प्रभावशाली है, कि फलां व्यक्ति उसका भाई है, और उसने किसी को नहीं बख्शा है। ऊपर से लेकर बीच के स्तर तक, सभी इसमें शामिल हैं, इसलिए इस बारे में कहने के लिए कुछ नहीं बचा है।"