loader

'नशे' में मान को प्लेन से उतारा गया या नहीं, पता लगाएँगे: सिंधिया

केंद्रीय उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को कहा है कि वह इन आरोपों पर गौर करेंगे कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को फ्रैंकफर्ट हवाईअड्डे पर दिल्ली जाने वाले विमान से उतारा गया क्योंकि वह कथित तौर पर नशे में थे। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार सिंधिया ने जोर देकर कहा कि तथ्यों को सत्यापित करना महत्वपूर्ण है।

भगवंत मान पिछले कुछ दिनों से विपक्षी दलों के निशाने पर इसलिए हैं कि उन पर आरोप लगे हैं कि उन्हें कथित तौर पर नशे में होने के कारण प्लेन से उतारा गया था और इस वजह से प्लेन को उड़ान भरने में काफ़ी देरी हुई थी।

ताज़ा ख़बरें

कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल ने मुख्यमंत्री से कहा है कि वह इस मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट करें। शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने सोमवार को आरोप लगाया था कि मान को फ्रैंकफर्ट हवाईअड्डे पर लुफ्थांसा के विमान से इसलिए उतारा गया क्योंकि वह नशे की हालत में थे। कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने भी मामले की जांच की मांग की और सिंधिया को पत्र लिखा।

पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने इस मामले में प्रेस कॉन्फ्रेंस की है। बाजवा ने मांग की है कि फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री भगवंत मान को विमान से उतारे जाने की खबरों के मामले में व्यापक जांच होनी चाहिए।

इन हंगामों के बीच सिंधिया ने एक कार्यक्रम में कहा है, 'यह अंतरराष्ट्रीय धरती पर घटी एक घटना थी। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हम तथ्यों की पुष्टि करें। डेटा प्रदान करना लुफ्थांसा एयरलाइन पर निर्भर है। मेरे पास भेजे गए अनुरोध के आधार पर, मैं निश्चित रूप से इस पर ग़ौर करूंगा।'

देश से और ख़बरें
वैसे, लुफ्थांसा एयरलाइंस ने ट्विटर पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में सफ़ाई दी है। नीलांजन नाम के एक यूज़र ने पूछा था, 'लुफ्थांसा, क्या आप पुष्टि कर सकते हैं कि क्या भारतीय नशे में था और निर्धारित उड़ान में देरी के लिए संभावित ख़तरा था?' इस सवाल के जवाब में लुफ्थांसा ने कहा है, 'फ्रैंकफर्ट से दिल्ली के लिए हमारी उड़ान मूल रूप से तय समय की अपेक्षा बाद में इसलिए गई थी क्योंकि आने वाली उड़ान देरी से आई थी और एक विमान में बदलाव किया गया था। साभार'

बता दें कि आम आदमी पार्टी ने विपक्ष के आरोपों को निराधार और फर्जी बताते हुए खारिज कर दिया है। भगवंत मान सोमवार को जर्मनी से अपनी आठ दिवसीय यात्रा से लौटे हैं जहाँ वह निवेश आकर्षित करने गए थे।

सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
क़मर वहीद नक़वी
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

देश से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें