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केजरीवाल के आंसू...लेकिन जनता को लोकपाल का इंतजार

पंजाब के सीएम के करप्शन विरोधी कदम पर मंगलवार को आम आदमी पार्टी (आप) प्रमुख अरविन्द केजरीवाल की आंखों में आंसू आ गए। केजरीवाल ने खुद ट्वीट करके यह बात कही। पंजाब में आप की सरकार है। पंजाब के सीएम भगवंत मान ने मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्री विजय सिंगला को कैबिनेट से बर्खास्त कर दिया। भगवंत मान के इस एक्शन पर केजरीवाल बहुत खुश हैं। केजरीवाल वही शख्स हैं जो भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम के बल पर दिल्ली प्रदेश की सत्ता में आए थे। उनके संगठन इंडिया अंगेस्ट करप्शन ने लोकपाल की मांग रखते हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम छेड़ी थी और लोगों ने आम आदमी पार्टी का जबरदस्त समर्थन किया था। दिल्ली राज्य की सत्ता पर केजरीवाल का यह दूसरा टर्म है लेकिन वो लोकपाल अभी तक नहीं ला सके। पंजाब में लोकायुक्त नियुक्त करने की किसी भी प्रक्रिया का पालन नहीं हो रहा है। ऐसे में केजरीवाल के आंसू पर सवाल तो बनते ही हैं।
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केजरीवाल ने भगवंत मान की तारीफ करते हुए कहा कि इस कदम से मेरी आंखों में आंसू आ गए। यह साबित करता है कि उनकी पार्टी ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जो देश में कहीं भी ईमानदार सरकार दे सकती है।

पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री रहे विजय सिंगला को बर्खास्त करने के तुरंत बाद गिरफ्तार कर लिया गया। उन पर परियोजनाओं को मंजूरी देने के लिए एक फीसदी रिश्वत मांगने का आरोप है।

केजरीवाल ने भगवंत मान का एक वीडियो साझा करते हुए पोस्ट किया, भगवंत पर गर्व है। आपकी कार्रवाई ने मेरी आंखों में आंसू ला दिए हैं। पूरे देश को आज आप पर गर्व है। केजरीवाल ने याद किया कि उन्होंने भी राजधानी में सत्ता संभालने के तुरंत बाद भ्रष्टाचार के आरोप में अपने एक मंत्री को बर्खास्त कर दिया था। केजरीवाल ने बाद में एक वीडियो संदेश में कहा, "भगवंत, हमें आप पर गर्व है। पूरे पंजाब को आप पर गर्व है। पूरे देश को आप पर गर्व है।"

उन्होंने कहा कि विपक्ष चकित है। विपक्ष यह नहीं समझ सकता कि कोई पार्टी भ्रष्टाचार के बिना कैसे काम कर सकती है। गर्दन कट जाएगी लेकिन गद्दारी नहीं करेंगे।

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केजरीवाल के वादे

केजरीवाल ने अन्ना हजारे, किरण बेदी, प्रशांत भूषण, योगेन्द्र यादव आदि को लेकर करप्शन के खिलाफ आंदोलन छेड़ा था। केजरीवाल का संगठन इंडिया अंगेस्ट करप्शन इसमें सबसे आगे था। पहले तो इसे अराजनीतिक आंदोलन बताया गया। लेकिन जल्द ही तमाम लोग केजरीवाल की महत्वाकांक्षा को भांपकर दूर हो गए। केजरीवाल ने अपना राजनीतिक रूप दिखाया। आम आदमी पार्टी बनाई और वादा किया कि दिल्ली में पार्टी को जैसे ही सत्ता मिली, वो रामलीला मैदान में लोकपाल बिल पारित करेगी और लोकपाल की नियुक्ति कर एक मिसाल पेश करेगी। बाद में केजरीवाल इस वादे से पीछे हट गए। उन्होंने कहा कि इसमें केंद्र सरकार बाधा। बिना उसकी इजाजत लोकपाल नियुक्त नहीं किया जा सकता।
दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने वादा किया था कि वो सुरक्षा नहीं लेंगे। लेकिन सत्ता में आते ही सबसे पहला काम सुरक्षा लेने का किया। हाल ही में जब दिल्ली में उनके सरकारी आवास पर बीजेपी नेताओं ने प्रदर्शन कर तोड़फोड़ की तो केजरीवाल की सुरक्षा और बढ़ा दी गई।
केजरीवाल ने पिछले दिनों कहा था कि वो इनकम टैक्स कमिश्नर रहे, चाहते तो खूब पैसा कमा सकते थे लेकिन आईआरएस अफसरों की एसोसिएशन ने कहा कि केजरीवाल कभी भी इनकम टैक्स कमिश्नर नहीं रहे।
केजरीवाल सरकार आम आदमी के नाम पर आई थी। उनका वादा था कि जनता की शिकायतें सुनने के लिए वे हमेशा जनता दरबार लगाएंगे। लेकिन सत्ता में आने के बाद उन्होंने शुरुआती महीनों में जनता दरबार लगाया लेकिन किसी तरह का जनता दरबार अब नहीं लगता है।
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