महात्मा गाँधी के देश में वे कौन लोग हैं जो उनके हत्यारे नाथूराम गोडसे की जय-जयकार कर रहे हैं। बड़ा सवाल यह है कि इन लोगों को किसका समर्थन है, जिनके दम पर वह सोशल मीडिया पर खुलेआम ‘गोडसे अमर रहे’ को ट्रेंड करा रहे हैं।
1984 से अमर उजाला, चौथी दुनिया, इंडिया टुडे, समय सूत्रधार, स्वतंत्र भारत, दैनिक जागरण आदि में 1993 तक लगातार रिपोर्टिंग की। इसके बाद पारिवारिक व्यवसाय में क़रीब दो दशक गुज़ारने के बाद पत्रकारिता में पुनर्वापसी को प्रयासरत। बीच में 2010-11 में 'समकाल' पाक्षिक समाचार पत्रिका का क़रीब एक वर्ष प्रकाशन किया ।













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