महेंद्र सिंह धोनी और उनकी पत्नी साक्षी एक बार फिर विवादों में हैं। आरोप यह है कि साक्षी जिस कंपनी की निदेशक हैं, उसे आम्रपाली समूह ने ग़ैर-क़ानूनी तरीक़े से पैसे दिए। तो धोनी का नाम क्यों लिया जा रहा है और क्या साक्षी ने कुछ गड़बड़ी ही है? देखिए 'शीतल के सवाल' में क्या है पूरा मामला।
1984 से अमर उजाला, चौथी दुनिया, इंडिया टुडे, समय सूत्रधार, स्वतंत्र भारत, दैनिक जागरण आदि में 1993 तक लगातार रिपोर्टिंग की। इसके बाद पारिवारिक व्यवसाय में क़रीब दो दशक गुज़ारने के बाद पत्रकारिता में पुनर्वापसी को प्रयासरत। बीच में 2010-11 में 'समकाल' पाक्षिक समाचार पत्रिका का क़रीब एक वर्ष प्रकाशन किया ।






















