चुनाव आयोग ने विपक्ष की शिकायत पर पीएम मोदी के बयान की जांच की बात कही तो अब बीजेपी ने मल्लिकार्जुन खड़गे के ख़िलाफ़ मंत्रियों को क्यों उतारा? बड़े-बड़े मंत्री चुनाव आयोग में क्यों पहुँचे?
नरेंद्र मोदी और मल्लिकार्जुन खड़गे
पीएम मोदी के देश के नाम संबोधन के बाद चुनावी आचार संहिता उल्लंघन के आरोपों की ईसीआई की जाँच की ख़बर आने के बीच ही बीजेपी ने अब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के ख़िलाफ़ मोर्चा खोल दिया है। मोदी सरकार के बड़े-बड़े मंत्री खड़गे के ख़िलाफ़ शिकायत करने ईसीआई पहुँच गए। बीजेपी ने चुनाव आयोग से मांग की है कि खड़गे पर तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए। बीजेपी ने चुनाव आयोग से कहा है कि खड़गे को सार्वजनिक माफी मांगने का निर्देश दिया जाए, जरूरत पड़े तो उनके प्रचार पर रोक लगाई जाए, मानहानि और चुनाव में लोगों की आजादी पर असर डालने के कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाए। इस बीच, ममता बनर्जी ने भी बंगाल में बीजेपी पर चुनावी आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाया है।
कई राजनीतिक पार्टियां एक-दूसरे पर मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट यानी एमसीसी तोड़ने का आरोप लगा रही हैं। चुनाव आयोग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ विपक्ष की शिकायत की जांच करने का फैसला किया है। विपक्ष की शिकायत के बाद आयोग ने यह निर्णय लिया है। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18 अप्रैल को राष्ट्र के नाम संबोधन दिया था। विपक्षी पार्टियों का कहना है कि यह संबोधन चुनाव के बीच मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन है।
700 एक्टिविस्टों ने भी चिट्ठी लिखी
विपक्षी नेताओं, वामपंथी पार्टियों और क़रीब 700 एक्टिविस्टों व आम नागरिकों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को चिट्ठी लिखी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने सरकारी प्रसारक दूरदर्शन और आकाशवाणी का इस्तेमाल करके चुनाव प्रभावित करने की कोशिश की।
सीपीआई (एम) के महासचिव एम ए बेबी ने लिखा कि प्रधानमंत्री का यह संबोधन चुनाव वाले राज्यों में जनमत प्रभावित करने वाला था। इससे चुनाव में बराबरी का मौका नहीं मिलता और लोकतंत्र की नींव हिल जाती है। मीडिया रिपोर्टों में चुनाव आयोग के सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि इस शिकायत की जाँच मॉडल कोड ऑफ़ कंडक्ट डिवीजन करेगा। बता दें कि मॉडल कोड 15 मार्च से लागू है और 4 मई तक रहेगा, जब पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के वोटों की गिनती होगी।
खड़गे के 'आतंकवादी' बयान पर कार्रवाई हो: बीजेपी
दूसरी ओर, बीजेपी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर चुनाव आयोग से सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। बुधवार को तीन केंद्रीय मंत्रियों समेत भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू, कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह शामिल थे।निर्मला सीतारमण ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष ने तमिलनाडु में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रधानमंत्री को 'आतंकवादी' कहा, जो बहुत गलत और निंदनीय है। यह पूरे देश के लोगों के दिए गए जनादेश का अपमान है।
सीतारमण ने कहा कि कांग्रेस हार के डर से निराश होकर ऐसा बोल रही है। बीजेपी ने मांग की कि खड़गे और कांग्रेस देश से माफी मांगें। किरेन रिजिजू ने इसे 'घृणित कृत्य' बताया और कहा कि चुनाव आयोग को इतनी सख्त कार्रवाई करनी चाहिए कि आगे कोई प्रधानमंत्री को आतंकवादी कहने की हिम्मत न करे।
खड़गे ने क्या कहा था?
खड़गे ने चेन्नई में कहा था कि मोदी लोकतंत्र को आतंकित कर रहे हैं, एजेंसियों का दुरुपयोग कर रहे हैं। बाद में उन्होंने सफाई दी थी कि उन्होंने शाब्दिक रूप से 'आतंकवादी' नहीं कहा, बल्कि उनका मतलब था कि वह 'आतंकित कर रहे हैं'। खड़गे ने कहा, 'वे लोगों और राजनीतिक पार्टियों को आतंकित (terrorise) कर रहे हैं। मैंने कभी यह नहीं कहा कि वे शाब्दिक रूप से आतंकवादी हैं।' उन्होंने जोड़ा कि मोदी सरकार सत्ता का दुरुपयोग कर विपक्ष को दबा रही है। बीजेपी ने मंगलवार को भी चुनाव आयोग को पत्र लिखकर खड़गे से सार्वजनिक माफी मांगने और उनके खिलाफ BNS की धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की थी।BJP विशेष ट्रेनों से वोटर ला रही है: TMC
पश्चिम बंगाल में चुनावी जंग तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस यानी TMC ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि वह गुजरात के सूरत से विशेष ट्रेनें चलाकर बंगाल के प्रवासी मजदूरों को वोट डालने के लिए ला रही है। इससे चुनाव का नतीजा प्रभावित करने की कोशिश हो रही है।
TMC के राज्यसभा सांसद डेरेक ओब्रायन ने चुनाव आयोग को पत्र लिखा। उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे केंद्र सरकार के अधीन है और इसे किसी भी पार्टी के पक्ष में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। बीजेपी गुजरात इकाई इन ट्रेनों का इंतजाम कर रही है, जो सरकारी पैसे से हो रहा है।
डेरेक ओब्रायन ने सोशल मीडिया पोस्ट और डेक्केन हेराल्ड की खबर के लिंक भी भेजे। एक पोस्ट में कहा गया कि सूरत से ट्रेन रवाना हो गई है और गुजरात बीजेपी के लोग मजदूरों को बंगाल ले जा रहे हैं ताकि वे TMC के ख़िलाफ़ वोट दें। रिपोर्टों के मुताबिक़ इन मज़दूरों को सूरत की बंगाली एसोसिएशन ने चुना है। ट्रेन में ओडिशा और उत्तर प्रदेश के मज़दूर भी थे।
टीएमसी ने आगे आरोप लगाया कि बीजेपी रिश्वत और ग़लत तरीकों से चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है। बंगाल में दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग होगी। नतीजे 4 मई को आएंगे। यहां मुख्य मुकाबला ममता बनर्जी की टीएमसी और बीजेपी के बीच है।
चुनाव का माहौल गर्म
अभी तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में विधानसभा चुनाव चल रहे हैं। सभी पार्टियां एक-दूसरे पर चुनाव आचार संहिता तोड़ने के आरोप लगा रही हैं। चुनाव आयोग इन शिकायतों की जाँच कर रहा है ताकि चुनाव निष्पक्ष और स्वतंत्र रहें।