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शीतकालीन सत्र के पहले सर्वदलीय बैठक में नहीं आए मोदी

शीतकालीन सत्र शुरू होने के पहले हुई सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाग नहीं लिया। यह इसलिए अहम है कि सत्र शुरू होने के पहले होने वाली बैठक में सरकार और विपक्ष दोनों एक साथ मिल कर आपसी सहयोग से सदन चलाने पर राजी होते हैं, वे एक दूसरे को अपनी बात बताते हैं और एक दूसरे से उम्मीद करते हैं कि सदन की गरिमा का पालन किया जाएगा। प्रधानमंत्री के इस बैठक में शिरकत नहीं करने को संसदीय परिपाटी के लिए अच्छा नहीं माना जाएगा। 

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह व वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल बैठक में मौजूद थे। 

राज्यसभा कांग्रेस के नेता मल्लाकार्जुन खड़गे ने कहा,

हम उम्मीद कर रहे थे कि प्रधानमंत्री इस बैठक में भाग लेते और अपनी बातें हमसे साझा करते। हम उनसे कृषि क़ानूनों पर और कुछ बातें करना चाहते थे क्योंकि यह आशंका जताई जा रही है कि ये क़ानून फिर लगाए जा सकते हैं।


मल्लिकार्जुन खड़गे, राज्यसभा सदस्य, कांग्रेस

संजय सिंह भी दूर रहे

दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह भी इस बैठक से दूर रहे। उन्होंने इसका कारण बताते हुए कहा कि उन्हें अपनी बात नहीं रखने दिया गया। उन्होंने कहा, 

सरकार सर्वदलीय बैठक में विपक्ष को अपनी बात नहीं कहने देती है। मैंने न्यूनतम समर्थन मूल्य की क़ानूनी गारंटी देने और सीमा सुरक्षा बल का कार्यक्षेत्र बढ़ाने जैसे मुद्दे उठाने चाहे थे, पर मुझे बोलने नहीं दिया गया।


संजय सिंह, सांसद, आम आदमी पार्टी

कौन-कौन थे मौजूद?

सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खड़गे, अधीर रंजन चौधरी, आनंद शर्मा, डीएमके के टी. आर. बालू व तिरुचि शिवा, एनसीपी के शरद पवार, शिव सेना के विनायक राउत, समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव, बीएसपी के सतीश मिश्रा, बीजू जनता दल के प्रसन्न आचार्य व नेशनल कॉन्फ्रेंस के फ़ारूक़ अब्दुल्ला मौजूद थे। 

सत्तारूढ़ दल बीजेपी अपने सदस्यों की बैठक अलग से करेगी। इसी तरह एनडीए सदस्यों की बैठक रविवार शाम होगी। 

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विपक्षी दलों की बैठक

रविवार की शाम को ही विपक्षी दलों की बैठक होगी। समझा जाता है कि तृणमूल कांग्रेस के सदस्य इससे दूर रहेंगे। कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने यह बैठक बुलाई है। लेकिन कांग्रेस से दूरी होने के कारण टीएमसी के सदस्य इसमें शिरकत नहीं करेंगे। 

शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन यानी सोमवार को कृषि क़ानून रद्द करने से जुड़ा एक विधेयक पेश किया जाएगा। इस पर सत्तारूढ़ दल बीजेपी और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने ह्विप जारी कर अपने-अपने सदस्यों से सदन में मौजूद रहने को कहा है।

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