अगस्त 2026 के 'मूड ऑफ द नेशन' सर्वे के अनुसार यदि आज लोकसभा चुनाव होते तो एनडीए को 326 सीटें मिलने का अनुमान है, जो इसी साल जनवरी के सर्वे से 26 सीटें कम हैं। इसमें बीजेपी की सीटों में गिरावट और कांग्रेस की बढ़त दिखाई दे रही है।
मूड ऑफ द नेशन सर्वे में एनडीए को 326 सीटें
अगर आज लोकसभा चुनाव कराए जाएँ तो केंद्र में एक बार फिर एनडीए की सरकार बनने के आसार हैं। इंडिया टुडे-सीवोटर के अगस्त 2026 'मूड ऑफ द नेशन' सर्वे में ये अनुमान आए हैं। सर्वे के मुताबिक़ भले ही बीजेपी अपने गठबंधन के नेतृत्व में सरकार बनाती दिख रही हो, लेकन पिछले सर्वे के मुक़ाबले उसे बड़ा झटका लगता दिख रहा है। सर्वे के अनुसार बीजेपी के प्रदर्शन में गिरावट और कांग्रेस की स्थिति में सुधार देखने को मिल सकता है।
एनडीए को बहुमत, लेकिन सीटों में गिरावट
सर्वे के अनुसार एनडीए को इसी साल जनवरी में जारी सर्वे के मुकाबले इस बार 26 सीटें कम मिल सकती हैं। सर्वे के मुताबिक़ यदि अभी चुनाव हों तो एनडीए को 326 सीटें मिल सकती हैं। जनवरी 2026 के सर्वे में एनडीए के लिए 352 सीटों का अनुमान लगाया गया था। यानी छह महीने में एनडीए के संभावित आंकड़े में 26 सीटों की कमी दर्ज की गई है। इन सभी सीटों की कमी बीजेपी के खाते में आती दिख रही है। इसके बावजूद गठबंधन बहुमत के आँकड़े 272 से काफी ऊपर बना हुआ है और सरकार बनाने की स्थिति में रहेगा।मूड ऑफ द नेशन सर्वे में एनडीए को 326 सीटें
INDIA गठबंधन को कितना फायदा?
कांग्रेस के नेतृत्व वाले INDIA गठबंधन को कुल 185 सीटें मिलने का अनुमान है। जनवरी 2026 के सर्वे में गठबंधन को 182 सीटें मिलने का अनुमान था। यानी सिर्फ 3 सीटों की बढ़त दिखाई गई है।
हालाँकि यह आँकड़ा 2024 के लोकसभा चुनाव में INDIA गठबंधन की 234 सीटों से काफी कम है। इससे संकेत मिलता है कि कांग्रेस की स्थिति बेहतर होने के बावजूद विपक्षी गठबंधन अभी भी 2024 जैसी ताक़त हासिल करता नहीं दिख रहा।बीजेपी को संभावित नुक़सान
सर्वे के अनुसार बीजेपी को इस समय 261 सीटें मिलने का अनुमान है। जनवरी 2026 के सर्वे में बीजेपी के लिए 287 सीटों का अनुमान था। यानी पार्टी को 26 सीटों का संभावित नुकसान दिखाई दे रहा है। हालाँकि यह आंकड़ा 2024 के लोकसभा चुनाव में जीती गई 240 सीटों से अब भी अधिक है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि हाल के महीनों में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था को लेकर युवाओं के बीच बढ़ते असंतोष ने बीजेपी के लिए नई चुनौती पैदा की है। जुलाई में दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलनों ने भी राष्ट्रीय स्तर पर काफी चर्चा बटोरी थी।मूड ऑफ द नेशन सर्वे में बीजेपी बनाम कांग्रेस
कांग्रेस को मिल सकता है फायदा
सर्वे कांग्रेस के लिए राहत भरी तस्वीर दिखाता है। अगस्त 2026 के सर्वे में कांग्रेस को 106 सीटें मिलने का अनुमान है। जनवरी 2026 के सर्वे में कांग्रेस के लिए 80 सीटों का अनुमान था। यानी पार्टी को 26 सीटों का संभावित फायदा होता दिख रहा है। अगस्त 2025 के सर्वे में कांग्रेस के लिए 97 सीटों का अनुमान लगाया गया था।
सर्वे के अनुसार कांग्रेस ने महिला आरक्षण, छात्रों के मुद्दे और सरकार के खिलाफ विभिन्न आंदोलनों को प्रमुखता से उठाकर अपनी राजनीतिक मौजूदगी मजबूत करने की कोशिश की है।
वोट शेयर में भी बदलाव
सर्वे के अनुसार एनडीए के वोट शेयर में भी हल्की गिरावट दर्ज की गई है।
- एनडीए: 45.1 प्रतिशत वोट शेयर
- जनवरी 2026 में अनुमान: 47 प्रतिशत
- 2024 लोकसभा चुनाव में वास्तविक वोट शेयर: 44 प्रतिशत
वहीं INDIA गठबंधन का अनुमानित वोट शेयर 39.1 प्रतिशत है, जो जनवरी 2026 के अनुमान 39 प्रतिशत के लगभग बराबर है।
मूड ऑफ द नेशन सर्वे में वोट प्रतिशत
सर्वे के अनुसार बीजेपी को 39 फीसदी, कांग्रेस को 21 और अन्य को 40 फीसदी वोट मिल सकते हैं।
मूड ऑफ द नेशन सर्वे में वोट प्रतिशत
कैसे किया गया सर्वे?
इंडिया टुडे-सीवोटर का 'मूड ऑफ द नेशन' सर्वे पिछले लगभग दो दशकों से नियमित रूप से किया जाता है। अगस्त 2026 के इस सर्वे के लिए 1 जुलाई से 25 अगस्त 2026 के बीच 25,184 लोगों से सीधे बातचीत की गई।
इसके अलावा पिछले छह महीनों के दौरान किए गए 91,795 इंटरव्यू के आंकड़ों का भी विश्लेषण किया गया। इन्हीं आंकड़ों के आधार पर चुनावी अनुमान तैयार किए गए हैं।
क्या छात्रों के मुद्दों का असर दिख रहा है?
सर्वे में यह उल्लेख किया गया है कि हाल के महीनों में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं और छात्रों के आंदोलनों ने राष्ट्रीय राजनीति में बड़ा मुद्दा बनाया। ऐसे घटनाक्रमों के बीच बीजेपी के समर्थन में कुछ गिरावट और कांग्रेस की स्थिति में सुधार का अनुमान सामने आया है।हालाँकि यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि यह जनमत सर्वे है, चुनाव परिणाम नहीं। वास्तविक चुनाव में परिस्थितियों, गठबंधनों, चुनाव प्रचार और मतदाताओं के अंतिम फ़ैसले के आधार पर नतीजे अलग हो सकते हैं।
सर्वे के मुताबिक फिलहाल एनडीए बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की स्थिति में दिखाई देता है। लेकिन बीजेपी की संभावित सीटों में गिरावट और कांग्रेस की बढ़त इस बात का संकेत है कि राजनीतिक मुकाबला पहले की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। आने वाले महीनों में युवाओं, रोजगार, शिक्षा और महंगाई जैसे मुद्दे राष्ट्रीय राजनीति में और अधिक अहम भूमिका निभा सकते हैं।