उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में धार्मिक स्थलों से जुड़े तीन अलग-अलग मामलों ने राजनीतिक और सामाजिक बहस को तेज कर दिया है। मुरादाबाद में मुस्तफा मस्जिद के निर्माण को लेकर विकास प्राधिकरण ने नोटिस जारी किया है, पुणे के पिंपरी-चिंचवड़ में एक चर्च को देर रात नगर निगम ने कथित अवैध निर्माण बताते हुए ध्वस्त कर दिया। सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद ढहाए जाने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रशासन पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में बीबीसी की पूर्व पत्रकार और अब यूट्यूबर हुदा जरीवाला को गिरफ्तार किया गया है।

मुरादाबाद की मुस्तफा मस्जिद को MDA का नोटिस

मुरादाबाद में दिल्ली रोड पर तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के सामने स्थित मुस्तफा मस्जिद को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (MDA) ने मस्जिद प्रबंधन से निर्माण की स्वीकृति, नक्शे और अन्य संबंधित दस्तावेज मांगे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक मस्जिद करीब 300 वर्ग मीटर क्षेत्र में स्थित है। MDA को शिकायत मिली थी कि निर्माण का नक्शा पास नहीं कराया गया था। प्राधिकरण ने उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम, 1973 की धाराओं 14, 15 और 27 का हवाला देते हुए प्रबंधन से जवाब मांगा है। 21 अगस्त को जारी नोटिस में यह पूछा गया था कि कथित अनधिकृत निर्माण को हटाने का आदेश क्यों न दिया जाए। जवाब के लिए 3 सितंबर की तारीख दी गई थी।
इस मामले में MDA के उपाध्यक्ष अनुभव सिंह के मुताबिक शिकायत के आधार पर दस्तावेज मांगे गए हैं और उनकी जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी। मस्जिद के इमाम मोहम्मद शाने अजहरी ने निर्माण को नया बताए जाने पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि मस्जिद दशकों पुरानी है और यहां लंबे समय से नमाज होती रही है। मस्जिद प्रबंधन ने भी कहा है कि वह नोटिस का जवाब नियमानुसार देगा। यानी फिलहाल इस मामले में प्रशासन का दावा अनधिकृत निर्माण की जांच का है, जबकि मस्जिद पक्ष निर्माण की पुरानगी और वैधता का बचाव कर रहा है।
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संभल की मस्जिद को लेकर भी विवाद

संभल में भी एक मस्जिद को लेकर विवाद शुरू हो गया है। बाबा बहाउद्दीन शाह मस्जिद के नाम से मशहूर इस मस्जिद के सर्वे का आदेश दिया गया है। इस संबंध में आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय सिंह ने आरोप लगाया है कि चुनाव जीतने के लिए बीजेपी सारे हथकंडे अपना रही है। संजय सिंह ने लिखा है कि BJP यू पी का चुनाव बुरी तरह हार रही इसी कारण दंगा कराने की साजिश रच रहे हैं। भाजपाई नफ़रतियों से लड़ने के लिए हिंदू भाइयों को आगे आना होगा। सहारनपुर में आदेश था सीलिंग का लेकिन योगी सरकार द्वारा मस्जिद तोड़ दी गई। अब “भारतीय झगड़ा पार्टी” संभल पहुँच गई है, रेडियो रवांडा (गोदी मीडिया) भी नफ़रत फैलाने को तैयार है, यू पी वालों सावधान हो जाओ सब मिलकर भाजपा की गंदी राजनीति के ख़िलाफ़ लड़ो वरना फिर 5 साल पछताओगे। संजय सिंह ने अपने ट्वीट के साथ संभल से जुड़ा वीडियो भी शेयर किया है।

'क्रिमिनल है आदित्यनाथ' कहने पर पत्रकार हुदा जरीवाला गिरफ्तार

सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को लेकर विवाद अब गिरफ्तारी तक पहुंच गया है। बीबीसी की पूर्व पत्रकार और यूट्यूबर हुदा ज़रीवाला को मंगलवार को सहारनपुर में गिरफ्तार किया गया। प्रशासन ने हाल ही में अदालत के फैसले के बाद मस्जिद को ध्वस्त कर दिया था। प्रशासन का कहना था कि मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी थी और अदालत ने इसे अवैध माना था। मामले में सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने जुलाई में मस्जिद को अवैध बताते हुए बेदखली का आदेश दिया था। मस्जिद प्रबंधन की अपील को जिला अदालत ने 2 सितंबर को खारिज कर दिया, जिसके बाद 5 सितंबर को प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। अदालत के रिकॉर्ड से जुड़े विश्लेषण के अनुसार विवाद करीब 315 वर्ग मीटर सरकारी जमीन को लेकर था और करीब 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति का आदेश भी दिया गया था।
ध्वस्तीकरण के बाद इस कार्रवाई के विरोध में सोशल मीडिया और राजनीतिक स्तर पर प्रतिक्रियाएं सामने आईं। इसी क्रम में यूट्यूबर और सामाजिक कार्यकर्ता हुदा जरीवाला का एक वीडियो सामने आया, जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सहारनपुर के जिलाधिकारी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी की। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर शांतिभंग के आरोप में चालान कर जेल भेज दिया।
रिपोर्टों के मुताबिक हुदा जरीवाला सहारनपुर सर्किट हाउस पहुंची थीं और मस्जिद हटाए जाने के मुद्दे पर विरोध जता रही थीं। पुलिस के साथ विवाद के बाद उनका कथित टिप्पणी वाला वीडियो सामने आया। एक रिपोर्ट में बताया गया है कि अधिवक्ता दुष्यंत सिंह की शिकायत के आधार पर पुलिस कार्रवाई हुई। जरीवाला ने कथित तौर पर मुख्यमंत्री के लिए बेहद तीखी भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा था—“क्रिमिनल है आदित्यनाथ, जिसने मुसलमानों की मस्जिद शहीद की है।” पुलिस ने इस टिप्पणी को आपत्तिजनक मानते हुए कार्रवाई की है। हुदा जरीवाला खुद को पत्रकार, राजनीतिक विश्लेषक और सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर पेश करती हैं। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में उनके पूर्व मीडिया अनुभव और BBC से जुड़े रहने का उल्लेख किया गया है।

पुणे: आधी रात चर्च पर बुलडोजर, सदस्यों ने कोर्ट स्टे का दावा किया

महाराष्ट्र के पिंपरी-चिंचवड़ के कालवाड़ी के तपकीर माला/राजवाड़े नगर इलाके में Jesus Is Lord Church को लेकर भी विवाद सामने आया है। 7 सितंबर की देर रात नगर निगम ने कथित तौर पर चर्च समेत करीब 7,400 वर्ग फुट के अवैध निर्माण को गिरा दिया। चर्च से जुड़े लोगों का आरोप है कि उन्हें पहले पर्याप्त नोटिस नहीं दिया गया और कार्रवाई उस समय की गई जब मामले में अदालत में सुनवाई होने वाली थी। उनका यह भी दावा है कि निर्माण के संबंध में अदालत का स्टे मौजूद था, इसके बावजूद कार्रवाई की गई। कुछ सदस्यों ने आरोप लगाया कि उन्हें मौके से पीछे धकेला गया और मोबाइल फोन से कार्रवाई की रिकॉर्डिंग करने से रोका गया। दूसरी तरफ पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम यानी PCMC ने कार्रवाई को अनधिकृत निर्माण के खिलाफ अतिक्रमण-विरोधी अभियान बताया है। निगम के मुताबिक करीब 7,400 वर्ग फुट क्षेत्र में बने अनधिकृत ढांचों को हटाया गया। अभियान में बड़ी संख्या में अधिकारी, पुलिस और महाराष्ट्र सिक्योरिटी फोर्स के जवान तैनात थे। निगम के अनुसार 11 पोकलेन, पांच JCB और 25 मजदूरों का इस्तेमाल किया गया।
हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में PCMC की ओर से चर्च सदस्यों द्वारा बताए गए कथित कोर्ट स्टे पर स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया है। यही इस पूरे विवाद का सबसे अहम कानूनी सवाल बन गया है कि जिस समय कार्रवाई हुई, उस समय अदालत के आदेश की वास्तविक स्थिति क्या थी। Jesus Is Lord Ministries की अपनी वेबसाइट के मुताबिक कालवाड़ी स्थित चर्च राजवाड़े नगर में है और संगठन के अनुसार उसका यह परिसर 2009 से वहां है। इस चर्च से जुड़ा एक दूसरा विवाद भी अप्रैल 2026 में सामने आया था, जब एक प्रार्थना सभा के दौरान कथित मारपीट को लेकर पुलिस मामला दर्ज होने की खबरें आई थीं। 

तीनों मामलों में एक बड़ा सवाल: कानून बनाम कार्रवाई की प्रक्रिया

मुरादाबाद, पिंपरी-चिंचवड़ और सहारनपुर के मामले अलग-अलग हैं, लेकिन तीनों में धार्मिक स्थलों, प्रशासनिक कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया का सवाल प्रमुखता से सामने आया है। मुरादाबाद में अभी दस्तावेजों की जांच और नोटिस की प्रक्रिया चल रही है और MDA ने अंतिम कार्रवाई पर फैसला नहीं किया है। पिंपरी-चिंचवड़ में नगर निगम ने कार्रवाई को अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई बताया है, जबकि चर्च सदस्य अदालत के कथित स्टे और सुनवाई से पहले कार्रवाई किए जाने का सवाल उठा रहे हैं।
वहीं सहारनपुर में प्रशासन की कार्रवाई अदालत के फैसलों के बाद हुई, लेकिन ध्वस्तीकरण को लेकर राजनीतिक और सामाजिक विवाद अब भी जारी है। इसी विवाद की पृष्ठभूमि में हुदा जरीवाला की गिरफ्तारी ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, प्रशासन की कार्रवाई और धार्मिक विवादों पर राजनीतिक प्रतिक्रिया जैसे सवालों को फिर चर्चा में ला दिया है।