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मोदी : राष्ट्रीय लॉकडाउन नहीं 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार की शाम राष्ट्र के नाम संबोधन में राज्य सरकारों से कहा कि वे लॉकडाउन को अंतिम विकल्प मान कर चलें, ऐसे कदम उठाएं, जिससे लॉकडाउन की ज़रूरत ही न पड़े। इसके साथ ही उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि राष्ट्रीय स्तर पर लॉकडाउन की कोई योजना नहीं है। 
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकारों को कंटेनमेंट जोन पर ध्यान देना चाहिए, कोरोना दिशा निर्देशों का पालन करवाना चाहिए, पर लॉकडाउन न लगाना पड़े, यह भी ध्यान में रखना चाहिए। राज्य सरकारों को लॉकडाउन को अंतिम विकल्प के रूप में ही देखना चाहिए। 
प्रधानमंत्री ने लॉकडाउन को अंतिम विकल्प मानने की सलाह राज्य सरकारों को ऐसे समय दी है जब कुछ जगहों पर लॉकडाउन लगाया गया है और कुछ जगहों पर लगाने की बात चल रही है।

इसके पहले महाराष्ट्र सरकार ने कहा कि वह लॉकडाउन पर अंतिम फ़ैसला लेने के लिए बुधवार को बैठक करेगी। 

दिल्ली में एक सप्ताह के लिए यानी 26 अप्रैल तक के लिए लॉकडाउन का एलान किया जा चुका है।

झारखंड सरकार ने मंगलवार को ही एलान किया कि राज्य में 22 अप्रैल से एक सप्ताह के लिए लॉकडाउन लगाया जाएगा, हालांकि उसने इसे लॉकडाउन नाम नहीं दिया।

राजस्थान में आंशिक लॉकडाउन पहले से ही है।

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को ही इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस फैसले पर अंतिरम रोक लगा दी जिसमें उत्तर प्रदेश के पाँच शहरों में लॉकडाउन लगाने का निर्देश दिया गया था। उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार को ही कहा था कि वह लॉकडाउन नहीं लगाएगी क्योंकि इससे लोगों की आजीविका का मामला जुड़ा हुआ है। 

क्या कहा मोदी ने?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना पर देश को संबोधित करते हुए कहा कि कठिन स्थितियाँ हैं, कड़ी चुनौती है, लेकिन इन सबपर पार पाया जाएगा। सबको मिल कर कोरोना से लड़ना है और उस पर काबू पाना है। 

प्रधानमंत्री ने कहा, 'कोरोना के ख़िलाफ़ देश आज फिर एक बहुत बड़ी लड़ाई लड़ रहा है। कुछ समय पहले तक स्थितियाँ संभली हुई थीं, फिर ये कोरोना की दूसरी लहर आ गई। जो पीड़ा आपने सही है, जो आप सह रहे हैं, उसका मुझे पूरा अहसास है।'

पीएम मोदी ने कहा, 

इस बार जैसे ही कोरोना के केस बढ़े, फार्मा सेक्टर ने दवाओं का उत्पादन और बढ़ा दिया है। इसे अभी और तेज किया जा रहा है। प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए हर तरीके से दवा कंपनियों की मदद ली जा रही है। हमारे पास इतना मजबूत फार्मा सेक्टर है। अस्पतालों में बेड की संख्या को बढ़ाने का भी काम चल रहा है।'


नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

उन्होंने कहा कि 1 मई के बाद से 18 वर्ष के ऊपर के किसी भी व्यक्ति टीकाकरण किया जा सकेगा। पहले की तरह सरकारी अस्पतालों में मुफ्त वैक्सीन मिलती रहेगी।
Narendra Modi says, no plan for lockdown at national level2 - Satya Hindi

एक लाख ऑक्सीजन सिलिंडर

प्रधानमंत्री ने कहा है कि एक लाख ऑक्सीजन सिलिंडर लोगों तक पहुँचाने की कोशिश की जाएगी। ऑक्सीजन की सप्लाई के लिए 'ऑक्सीजन मेल' शुरू किया गया है, विशेष गाड़ियाँ चलाई गई हैं। इसके साथ ही औद्योगिक ऑक्सीजन का उत्पादन रोक कर उसका मेडिकल इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि ऑक्सीजन के नए संयंत्र तैयार किए जा रहे हैं ताकि लोगों को ऑक्सीजन की कमी न हो। 

नरेंद्र मोदी ने राज्य सरकारों से अपील की है कि वे प्रवासियों से कहें कि वे अपना ठिकाना छोड़ कर अपने गृह राज्य न जाएं, उनमें भरोसा जगाएं।

'इस बार स्थिति अलग है'

उन्होंने इसे साफ करते हुए कहा कि पिछली बार से स्थितियाँ इस बार अलग है। उस समय कोरोना टीका नहीं था, पीपीई किट्स नहीं थे, कोई इलाज नहीं था। लेकिन इस बार ये तमाम चीजें हैं। जल्द ही कोरोना पर काबू पा लिया जाएगा। इसलिए लोग कोरोना से डर कर पलायन न करें, वे जहाँ है, वहीं बने रहें, जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी। 

मोदी ने युवाओं से अपील की वे अपने-अपने मुहल्लों में कमेटी बनाएं जो कोरोना दिशा- निर्देशों का पालन करने में लोगों की मदद करें, उन्हें समझाएं, उनसे कोरोना दिशा-निर्देश का पालन करवाएं।
उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि ऐसा करने से राज्य सरकारों को काफी सहूलियत होगी, उन्हें लॉकडाउन लागू नहीं करना होगा, इसकी ज़रूरत ही नही पड़ेगी। 
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