विपक्ष का सवाल इसलिए भी वाजिब लगता है कि कृषि विधेयकों के इस पूरे मामले में सरकार का रवैया ही कई सवाल खड़े करता है। सरकार की ओर से रखी गई हर सफ़ाई ही संदेह पैदा करती है।
यदि सरकार किसानों के हित में फ़ैसला ले रही है तो फिर न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी किसानों के अनाज की न्यूनतम क़ीमत देने पर क़ानून बनाने पर राज़ी क्यों नहीं है?