बाएं से चंद्रबाबू नायडू, नीतीश कुमार और चिराग पासवान
एलजेपी (रामविलास) अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भी शनिवार को प्रकाशित यूपीएससी विज्ञापन को लेकर नाखुशी जाहिर की। चिराग ने कहा- “किसी भी सरकारी नियुक्ति में आरक्षण का प्रावधान होना चाहिए। इसमें कोई किंतु-परंतु नहीं है। निजी क्षेत्र में कोई आरक्षण मौजूद नहीं है और अगर इसे सरकारी पदों पर भी लागू नहीं किया गया तो गलत होगा।... यह जानकारी रविवार को मेरे सामने आई और यह मेरे लिए चिंता का विषय है।''
आंध्र प्रदेश के मंत्री और टीडीपी के राष्ट्रीय महासचिव नारा लोकेश ने बताया, "इनमें से कई (सरकारी) विभागों को विशेषज्ञता की आवश्यकता है और हमें खुशी है कि इसे (लैटरल एंट्री) लाया जा रहा है। हम हमेशा विशेषज्ञों की सेवाएं लेने के पक्ष में रहे हैं। सरकार को निजी क्षेत्र से सीखना चाहिए। हम केंद्र सरकार के इस कदम का समर्थन करते हैं क्योंकि इससे शासन की गुणवत्ता और आम नागरिक तक सेवाओं की डिलीवरी में वृद्धि होगी।''